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Website kaise Banaye- How to Make Website In Hindi


क्या आप Website kaise banaye? या Blog kaise banaye? के बारे में जानना चाहते हैं। अक्सर आपने Internet से पैसे कमाने के बारे में सुना होगा। में आपको बताना चाहता हूं कि आज के समय मे Internet से पैसे कमाने का सबसे लोकप्रिय तरीका है Website या Blog से कमाई। आम तौर पर हम Google पर search करके किसी Website के माध्यम से अपनी किसी Problem का Solution ढूंढ लेते हैं या फिर कोई जानकारी प्राप्त करने के website या Blog की मदद लेते हैं। लेकिन बहुत कम लोग ये बात जानते है की उन्ही Website या Blog के Owner/मालिक अपनी वेबसाइट से पैसे भी कमा लेते हैं। अभी हम पोस्ट के मुख्य topic पर आते हैं और बात करते हैं की वेबसाइट या ब्लॉग कैसे बनायें? यहां पर में आपको वेबसाइट बनाने से संबंधित सभी जरूरी जानकारी और Steps बताऊंगा जिन्हें Follow करके आप आसानी से खुद की वेबसाइट बना सकते हैं।
सबसे पहले तो हम ये जान लेते हैं कि एक Website और Blog में क्या अंतर है?

website kaise banaye


-: सबसे पहले तो हम बात करते हैं की Blog क्या है?

  • एक ब्लॉग को किसी एक व्यक्ति या छोटी कंपनी के द्वारा चलाया जाता है। 
  • Blog को हम Web+log कहते हैं, समान्यत एक blog पर किसी Topic/Product/Person/ से सम्बंधित Articals लिखे जाते हैं  और उन articals को कोई भी व्यक्ति Blog के माध्यम से पढ़ सकता है। 
  • Blog पर Comment और Share system होता है यानिकी अगर किसी व्यक्ति को आर्टिकल पसंद आ जाये तो वो उस आर्टिकल पर अपनी टिपण्णी रख सकता है और उसे Share कर सकता है। 
  • ब्लॉग का एक अच्छा उदाहरण है Kyuaurkese.com जहाँ पर आप "Website kaise banaye" से सम्बंधित पोस्ट को पढ़ रहे हैं। 
  • जब भी हम Google पर कोई keyword search करते हैं तो website की बजाय अधिकतर result Blog के ही आते हैं क्युकी website पर हमें सिर्फ  किसी Specific product या service की जानकारी मिल सकती है जबकि ब्लॉग में ऐसा नहीं है। 
  • Blog को आप एक किताब की तरह मान सकते हैं जहाँ पर आपको किसी भी Topic से सम्बंधित जानकारी प्राप्त हो जाएगी। 

-: मुझे उम्मीद है की अब आप जान गए होंगे की Blog क्या है. अब हम बात करते हैं की website क्या है?

  • आम तौर पर एक Website किसी Company, Organization या फिर product की जानकारी को  दर्शाने के लिए होती है। 
  • website में मौजूद किसी भी जानकारी को बार बार बदला नहीं जाता। 
  • website पर किसी भी तरह का comment system नहीं होता। 
  • website के owner से  उनके helpline नंबर या mail द्वारा संपर्क किया जा सकता है। 
  • आम तौर पर Website का उपयोग किसी Product या Service को sell करने के लिए किया जाता है। जैसे की amzon.com , Facebook.com भी website का एक अच्छा उदाहरण हैं। 
  • अगर कोई Web owner किसी product या service को बेचने के अलावा उसे promote भी करना चाहता है तो उसे Blog की जरूरत पड़ती है। 

-:  Website kaise Banaye या Blog Kaise Banaye? How to Make website in Hindi

तो ये थे ब्लॉग और website में कुछ सामान्य अंतर। अब हम बात करते हैं की website या Blog कैसे banaye
दोस्तों जिस तरह से website और ब्लॉग अलग हैं उसी तरह से इन्हें बनाने का तरीका भी अलग है। सबसे पहले तो आपको ये पता होना चाहिए की आपको Blog की जरूरत है या फिर website की। अगर आपकी जरूरत  किसी Company, Organization या product से सम्बंधित है तो आपको website बनाने चाहिए और अगर आप खुद के लिए किसी Topic पर लिखना चाहते हैं तो आपको Blog बनाना चाहिए। यहाँ पर में Blog और Website बनाने की सामान्य विधि आपको बताऊंगा बस आपको in steps को follow करना होगा।

#1. Website kaise banaye? 

Website और Blog कुछ हद तक तो समान ही होते हैं लेकिन इनके Functions अलग अलग होते हैं.
एक website बनाने के लिए सबसे पहले जिस चीज़ की जरूरत होती है वो है Coding knowledge जैसे- Html, Css, Php, javascript आदि। लेकिन बिना Coding knowledge के भी Website बनाने के 2 तरीके हैं। 
  1. किसी Web developer या company से बनवाना. लेकिन इसके आपको अधिक पैसा खर्च करना पड़ेगा। 
  2. किसी Online website builder Platform पर Free Website बनाना। 
ये दो ऐसे तरीके हैं जिनसे आप Website बना सकते हैं। अगर आपको Coding की अधिक जानकारी नही और पैसे भी खर्च नही चाहते तो आपको दूसरा वाला Option चुनना चाहिए। इंटरनेट पर बहुत से ऐसे Online platform मौजूद हैं जिनकी मदद से आप आसानी से और मुफ्त में Website बना सकते हैं। नीचे मैंने कुछ Popular Platforms के नाम दिए हैं जहां पर आप मुफ्त में Registration करके खुद की website बना सकते हैं। इसकी अधिक जानकारी के लिए आप Google या Youtube की मदद ले सकते हैं।

#2. Blog कैसे बनाये?

दोस्तों अगर आपको लिखने का शौक है और आप अपनी Knowledge को लिखकर ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाकर पैसे कमाना चाहते हैं तो इसके लिये आपको एक Blog की जरूरत पड़ेगी।
अगर देखा जाए तो एक Blog बनान बहुत ही आसान है। वैसे तो Website की तरह Blog बनाने के लिए भी Coding skills की जरूरत होती है लेकिन अब कुछ Online platforms की मदद से Blog बनाना और चलाना बहुत ही आसान हो चुका है। Blog बनाने के 2 मुख्य और लोकप्रिय Platforms हैं Blogger और Wordpress। इन प्लेटफॉर्म्स पर मुफ्त में या कुछ पैसे खर्च करके खुद का blog बना सकते हैं। यहां पर में आपको इन दोनों platforms पर blog बनाने की विधि बता रहा हूँ।

1. Blogger- ब्लॉगर Google का ही एक Blogging platform है जहाँ पर आप बिलकुल मुफ्त या  बहुत कम पैसे खर्च करके अपना ब्लॉग बना सकते हैं.blogger और wordpress पर ब्लॉग बनाना बहुत ही आसान है बस आपको एक Blog की सामान्य जानकारी होनी चाहिए जैसे की-:

Custom Domain Name-:  Domain name को Url या Link के नाम से भी जाना जाता है। सामान्यत domain name किसी ब्लॉग या website का address होता है जिसके माध्यम से हम उस Website या Blog तक पहुँच सकते हैं। Domain name कुछ इस तरह के होते हैं। 
www.kyuaurkese.com, www.Google.com, www.example.in, www.example.org आदि।

Subdomain name-: subdomain name एक मुफ्त का domain name होता है। जिस भी Platform पर हम अपनी website या Blog बनाते हैं वहां पर हमारे पास 2 Choice होती हैं पहला ये की हम उनके subdomain पर अपना Blog या website शुरू करें या फिर खुद का domain name खरीदकर ब्लॉग या website शुरू करें.खुद का domain name लेने के आपको मात्र 100-500 रूपए खर्च होंगे। subdomain name कुछ इस तरह के होते हैं। 
www.example.blogger.com , www.example.wordpress.com, www.example.weebly.com आदि।

Hosting-: hosting को आम तौर पर Server भी कहते हैं, Hosting का काम किसी Website या Blog के database को store(संग्रह) करने का होता है। अगर आप Blogger पर अपना ब्लॉग शुरू करते हैं तो आपको किसी भी hosting की जरूरत नहीं पड़ेगी क्युकी Blogger को Google के server पर host किया जाता है.Blogger पर आपको सिर्फ एक Domain name की जरूरत पड़ेगी और आप चाहे तो subdomain पर भी Blog बना सकते हैं। ,अगर आप अभी Blogging में नए हैं तो में आपको Recommend करूँगा की आप Blogger पर ही अपना Blog शुरू करें। Blog ही अधिक जानकारी होने पर आप अपने Blog को wordpress पर भी shift कर सकते हैं। 

-: Blogger पर ब्लॉग बनाने के लिए सबसे पहले आपको जरूरत पड़ेगी एक Gmail id की। 

  1. सबसे पहले तो www.blogger.com  पर जाएँ। 
  2. Site खुलने के बाद अपनी Gmail id और password डालकर login करें. अगर आपकी Gmail id ब्राउज़र में पहले से ही खुली है तो शायद आपको login करने की जरुरत नहीं पड़ेगी। 
  3. Login करने के बाद सबसे ऊपर New Blog पर क्लिक करें। 
  4. New Blog पर क्लिक करने के बाद एक new window open होगी, यहाँ पर आपको अपने Blog की details भरनी है। 
  • Title-: यहाँ पर अपने Blog का नाम डालना है यानिकी जिस नाम से आप ब्लॉग शुरू करना चाहते हैं। 
  • Address-: यहाँ पर आपको अपने ब्लॉग के लिए subdomain name चुनना है.इसे आप ब्लॉग बनने के बाद Custom domain में change कर सकते हैं। 
  • Template-: यहाँ पर आपको अपने Blog के लिए एक बढ़िया Template या theme चुननी है.theme एक ऐसीं चुने जो user friendly हो और दिखने में भी अच्छी हो। 
blogger par free blog kaise banaye

  • ये सब करने के बाद Create Blog पर क्लिक करें अब आपका ब्लॉग बन चुका है। 

Note-:  ब्लॉग पर किस तरह से Post लिखनी है, Publish करनी है और भी अधिक जानकारी के लिए आप Google या Youtube की मदद ले सकते हैं। 

#2. Wordpress पर Free Blog कैसे banaye ?

Wordpress पर भी free ब्लॉग बनाना blogger की ही तरह आसान है.wordpress के दो platform हैं

1. www.Wordpress.org -: यहाँ पर आपको अपनी website के लिए hosting की भी जरूरत होती है जिसके लिए महीने के 300-400 रूपए खर्च करने पड़ते हैं। एक शुरुआती blogger के लिए wordpress recommend नहीं करूँगा। 
2. www.wordpress.com-: यहाँ पर आप मुफ्त में अपनी website या Blog बना सकते हैं.ये भी blogger की ही तरह है.
-: wordpress पर Free ब्लॉग बनाने के तरीके।

1. सबसे पहले तो https://wordpress.com/start/blog/domains पर जाएँ।
2. यहाँ पर आपको अपने ब्लॉग का नाम या Address लिखना है।
3. अब यहाँ पर  आपके ब्लॉग के नाम से सम्बंधित domain name आयेंगे। आपको सबसे पहले वाले Free domain को select करना है।
                                      website kaise banaye

4. अब यहाँ पर scroll down करें और Start Free पर क्लिक करें।

website kaise banaye

5. यहाँ पर आपको अपना email id डालना है और एक password select करना है।

website kaise banaye

6.अब आपका free ब्लॉग wordpress पर बन चुका है. Wordpress ब्लॉग को किस तरह से manage करना है इसके लिए आप Google या Youtube की मदद ले सकते हैं।
website kaise banaye


तो ये थी आज की पोस्ट जिसमे मैंने आपको बताया की free Website kaise banaye या Free Blog kaise banaye  . मुझे उम्मीद है की आपको पोस्ट पसंद आई होगी और अगर आपके मन में अभी भी कोई सवाल है तो उसे निचे कमेंट करके पूछ सकते हैं। और अगर आपको पोस्ट पसंद आई हो तो इसे share जरूर करें। 

Share Market In Hindi- शेयर बाज़ार क्या है इसमें निवेश कैसे करें?


क्या आप जानते हैं की Share Market In Hindi या शेयर बाज़ार क्या है  .आये दिन हम लोग कहीं न कहीं Share market के बारे में सुनते रहते हैं जैसे Tv पर, News paper पर, इन्टरनेट आदि पर। अक्सर यह भी सुनने में आता है की आज Share market में इतना मुनाफा हुआ या फिर घाटा हुआ। लेकिन इसकी कोई जानकारी न होने के कारण हम समझ नहीं पाते की आखिर ये चल क्या रहा है इसलिए मेरा मानना ये है की हमारे दैनिक जीवन में हो रही गतिविधियों से हमें हमेशा अवगत रहना चाहिए। खास तौर पर ऐसीं बाते जो पैसे से जुडी होती है उनके बारे में तो हमें पूरी जानकरी रखनी चाहिए इसलिए आज में आपको बताऊंगा की शेयर बाज़ार क्या है और शेयर कैसें खरीदें? क्युकी अगर बिना किसी जानकारी के आप share बाज़ार में निवेश करेंगे तो आपके नाकाम होने के Chances अधिक रहेंगे। आज में आपको share बाज़ार की कुछ सामान्य जानकारी बताने वाला हूँ इसलिए पोस्ट को परा जरूर पढ़ें।

share बाज़ार क्या है


#1. Share Market in Hindi – शेयर बाज़ार क्या है?

Share Market या स्टॉक market एक ऐसा बाज़ार है जहाँ पर विभिन्न प्रकार की  कंपनियों के  Shares या स्टॉक्स को ख़रीदा और बेचा जाता है। ये एक ऐसा बाज़ार है जहाँ पर कोई व्यक्ति मालामाल भी है सकता है और कंगाल भी सकता है ये एक तरह से सट्टा होता है।
किसी कंपनी के share खरीदने का मतलब है की आप उस कंपनी के कुछ प्रतिशत के हिस्सेदार बन चुके हैं। अब अगर आपके द्वारा ख़रीदे गए share अधिक मात्रा में बिकेंगे तो इसका सीधा मुनाफा कंपनी को होगा और आपके द्वारा लगाया गया भी पैसा दुगना हो जायेगा लेकिन अगर कंपनी को नुकसान होगा तो आपको भी अपना पैसा गवाना पड़ेगा। इसीलिए share market में पैसा लगाने से पहले आपको इसके बारे में पूरी जानकारी होनी चाहिए तभी आपको इसमें पैसे निवेश करने का जोखिम उठाना चाहिए।

#2. शेयर कैसे खरीदें? How to Invest in Share Market in Hindi

Share खरीदने के लिए आपके पास कुछ जरूरी चीज़ें होनी चाहिए-:
  • Pan Card/ Aadhar Card
  • Saving Account
  • Demat Account
भारत में मुख्यतः दो Stock Exchange कंपनियां हैं 1-BSE(Bombay stock exchange) और NSE(National stock Exchange). इन्ही दो Stock exchange के द्वारा हम किसी भी कंपनी के Share खरीद या बेच सकते हैं।  किसी भी कंपनी के share खरीदने के लिए हमें सबसे पहले एक Broker या दलाल की जरूरत होती है।
Share खरीदने के साथ साथ broker हमें ये भी बताते हैं की हमें कब share खरीदना चाहिए, किस कंपनी के share खरदीने चाहिए आदि इसलिए कोशिश करे की आप किसी broker के जरिये ही share market में निवेश करें।  इसके अलावा आप किसी Online broker कंपनी या App की मदद से भी share खरीद सकते हैं।
Share खरीदने के कुछ सामान्य तरीके-:

  1. Pan Card या आधार कार्ड-: सबसे पहले तो आपको एक Pan कार्ड या आधार कार्ड की जरूरत होगी क्युकी Bank saving account खोलने के लिए आपको in दस्तावेजों की जरूरत पड़ेगी। 
  2. Broker को ढूंढे-: कोई भी व्यक्ति सीधे stock market में जाकर Shares खरीद या बेच नहीं सकता। Shares खरीदने और बेचने की पूरी प्रक्रिया Brokers के द्वारा की जाती है। Broker कोई व्यक्ति, कंपनी, या फिर agency हो सकती है जोकि Stock Exchange से पंजीकृत होते हैं। सभी Brokers इस पुरे काम के लिए Brokerage Fee लेते हैं।
  3. Demat Account बनायें-: एक बढ़िया Broker को ढूँढने के बाद आपको जरूरत होगी demat account की। किसी भी share को खरीदने के लिए या मुनाफे के पैसों के लिए आपको Demat account की जरूरत होती है। इसके अलावा demat account के द्वारा आप किसी share को hold करके भी रख सकते हैं। Demat account को आपको अपने saving account से Link करना होगा ताकि share market से कमाये गए पैसों को आप अपने saving account में transfer कर सकें। 

#3. Share कब खरीदना चाहिए ?

जैसा की में पहले ही बता चूका हूँ की "share market in hindi " में पैसा लगाने से पहले आपको किसी पूरी जानकारी होनी चाहिए , जब आपको इसका थोडा बहुत Experience हो जाये तो आप इसमें invest कर सकते हैं। Share market में कब invest करना चाहिए? या फिर share कब खरीदना चाहिए? ये सब Depend करता है हमारे experience के ऊपर, share कब खरीदना चाहिए इसका कोई निश्चित समय नहीं होता। फिर भी कुछ ऐसीं बातें होती है जिन्हें हमें Share खरीदने से पहले हमेशा ध्यान में रखना चाहिए।
  1. जिस भी कंपनी के share आप खरीदना चाहते हैं उसके balance Sheet और result कोहमेशा पढ़ते रहें ? 
  2. Share खरीदने से पहले अपना बजट ध्यान में रखें, अगर आप जोखिम उठाने की क्षमता रखते हैं तो ही निवेश करें।
  3. शुरुआत में बहुत ज्यादा पैसे निवेश न करें ताकि किसी भी तरह के जोखिम में आपको ज्यादा नुक्सान न हो।
  4. Share market की ताज़ी खबरों के लिए आप News channel और Newspaper की मदद ले सकते हैं।  Live Share market की जानकी के लिए आप NDTV Business News Channel की मदद ले सकते हैं।
  5. जब आपको "Share market in hindi" का अनुभव होने लगे तो आप खुद ही जान जांयेंगे की कब आपको निवेश करना है और कब नहीं।

तो दोस्तों ये थी कुछ सामान्य जानकारी जिनकी मदद से आप" Share market in Hindi" में आसानी से पैसे निवेश कर सकते हैं लेकिन में आपको फिर से कहूँगा की Share market जोखिमों से भरा हुआ बाज़ार है इसलिए इसमें निवेश करने से पहले पूरी जानकारी और अनुभब प्राप्त कर लें तभी आप इसमें मुनाफा कमा सकते हैं।
मुझे उम्मीद है की अब आपको पता चल गया होगा की शेयर बाज़ार क्या है और  शेयर कैसे खरीदे  अगर आपको हमारी पोस्ट पसंद आई हो तो इसे share जरूर करें और किसी भी तरह के सवाल के लिए निचे कमेंट करके पूछें।

Computer Kya Hai ? What is Computer In Hindi


क्या आप जानते हैं की  Computer Kya Hai -Computer in Hindi? और यह किस तरह से कार्य करता है। दरअसल देश और दुनिया को विकसित करने में सबसे अहम भूमिका Computer ने ही निभाई है और इसी की वजह से आज हम एक Modern ज़माने में जी रहे हैं। इसलिए आज की इस पोस्ट में मैं आपको बताऊंगा की कंप्यूटर क्या है  और इससे जुडी सभी सामान्य जानकारियां।

computer kya hai


#1. Computer Kya Hai ?Computer In Hindi 

Computer एक ऐसी electronic device है जो किसी भी तरह की Mathematical या गणितिय प्रॉब्लम को आसानी से हल कर sakti हैं। दूसरे शब्दों में कहें तो Computer एक ऐसी डिवाइस है जिसका काम किसी Input Data को process करके एक Data या Signal के रूप में Output प्रदान करने का है। इसके अलावा हम Computer का उपयोग किसी भी तरह के digital काम जैसे कि-: Documents लिखना, गेम्स खेलना, वीडियो देखना, इंटरनेट चलाने आदि के लिए कर सकते हैं।
Computer शब्द Latin भाषा के Computare से लिया गया है जिसका मतलब होता है Calculating(गणना करना) या Computing।  किसी भी कंप्यूटर में 4 मुख्य प्रक्रियाएं होती है 1- Input, 2-Output, 3-Storage, 4-Processing

  • Input-: जब हम किसी Data को Computer में डालते हैं या भेजते हैं तो इस प्रक्रिया को Input कहते हैं। किसी भी Data को हम Cable के  द्वार, Usb के द्वारा, Internet के द्वारा या फिर  Cd के द्वार कंप्यूटर में Input कर सकते हैं।
  • Processing-: जब हम किसी डेटा को Input कर देते हैं तो कंप्यूटर उस पर कार्य करना शुरू कर देता है जिसे Processing कहते हैं। Processing के दौरान कंप्यूटर उस Data को हमारी Command के अनुसार पूरा करता है।
  • Storage-: Storage का मतलब है उस Data को संग्रहित करना , सभी कंप्यूटर्स के पास किसी भी Data को store करने की छमता होती है।
  • Output-: जब कंप्यूटर किसी जानकारी को Process कर लेता है तो हमे Result प्रदान कर लेता है जिसे Output data कहते हैं।

आजकल कल के Modern Computers पुराने कंप्यूटरों की भाँति बहुत अलग है क्योंकि आज के कंप्यूटर्स सिर्फ एक सेकंड में करोड़ों Calculations को एक साथ हल कर सकते हैं। ज्यादातर लोगों अपने घरों या ऑफिस में Personal Computer का उपयोग करते हैं जिसे Desktop या Laptop  भी कहा जाता है।


#2. Computers किन किन भागों से मिलकर बना होता है ? 

सामान्यतः computer दो मुख्य भागों से मिलकर बना होता है -:
  1. Hardware-: हार्डवेयर Computer के वो सभी parts होते हैं जिनका खुदका Physical Structure होता है या फिर कहें तो जिन्हें हम छू सकते हैं। जैसे कि-: Keyboard, Mouse, CPU, Speakers, Motherboard, Monitor आदि।
  2. Software-: Software किसी भी Instruction या Data का set होता है जो Hardwares को आदेश देते हैं कि उन्हें क्या काम करना है और कैसे करना है। Browsers, Games, Processors आदि सभी Software के ही उदाहरण हैं।
यानिकि जब भी हैं Computer पर कोई काम करते हैं तो उसे Hardware और software की मदद से कर रहे होते हैं। जैसे कि मान लीजिये अभी आप इस पोस्ट को Computer के Web Browser पर पढ़ रहे हैं जो कि एक Software है और किसी भी page को क्लिक करने के लिए या फिर Type करने के लिए आपको Mouse और Keyboard का उपयोग भी कर रहे होंगे जोकि एक Hardware है। इसलिए कंप्यूटर पर कोई भी काम हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर दोनो की मदद से ही संभव हो पाता है।

#3. Computer कितने प्रकार का होता है?

जब हम Computer का नाम सुनते हैं तो हम सिर्फ किसी Personal Computer जैसे Desktop या Laptop के बारे मस ही सोचते हैं लेकिन ऐसा बिल्कुल भी नही है। क्योंकि कंप्यूटर्स बहुत प्रकार के होते हैं जो कि विभिन्न आकार और आकृति(Size/Shapes)के बने होते हैं और उन सभी का उपयोग हम अपने दैनिक जीवन मे अलग अलग कार्यों के लिए करते हैं। जब आप किसी ATM मशीन से पैसे निकालते हैं, Card scan करके पेमेंट करते हैं या फिर Calculator का उपयोग करते हैं तो आप एक तरह के कंप्यूटर का ही उपयोग कर रहे होते हैं क्योंकि ये सभी computers ही हैं।
सामान्यतः Computers कुछ इस प्रकार के होते हैं-:

#1. उपयोग के आधार पर-:

  1. Analog Computer-: एक analog computer का बेहतर उदाहरण है Calculator, analog Computer का उपयोग अधिकतर इंजीनियरिंग के Field में किया जाता है। भौतिक मात्राओं जैसे- तापमान, Voltage, दाब, आदि को मापने के लिए एनालॉग कंप्यूटर का उपयोग किया जाता है।
  2. Digital Computer-: डिजिटल कंप्यूटर एक ऐसी electronic device है जो Binary (0 1) के आधार पर कार्य करते हैं जो किसी भी तरह की Logical operation और कैलकुलेशन को solve करके Output को एक Digit या नंबर के रूप में प्रदर्शित करते हैं। सामान्य भाषा मे कहे तो डिजिटल कंप्यूटर एक ऐसी device है जो किसी भी Data को Digital form में process करता है।आजकल के सभी modern कंप्यूटर्स जैसे- Laptop, Desktop ,mobile आदि डिजिटल कंप्यूटर का ही एक उदाहरण हैं।
  3. Hybrid Computer-:  Hybrid कंप्यूटर्स Analog और digital कंप्यूटर्स का मिश्रण होते हैं यानिकि ये Analog कंप्यूटर की तरह भी कार्य करते हैं और डिजिटल कंप्यूटर की तरह भी कार्य करते हैं। एक Hybrid कंप्यूटर का बेहतर उदाहरण है Gas Station या Petrol pump जहां पर पेट्रोल की measurement करने के लिए Analog system एवं Calculation के लिए डिजिटल कंप्यूटर का उपयोग किया जाता है।

#2. आकार के आधार पर-:

  1. Desktop Computer-: बहुत से लोग Desktop कंप्यूटर का उपयोग अपने घर, ऑफिस, स्कूल आदि में करते हैं। Desktop कंप्यूटरों को खास तौर पर Table या desk पर रखने के लिए डिज़ाइन किया गया होता है। डेस्कटॉप कंप्यूटर अलग अलग पार्ट्स को मिलकर बना होता है जैसे कि- CPU, Mouse, Monitor, Keyboard आदि।
  2. Laptop Computer-: Laptop भी आज के समय में डेस्कटॉप की ही भांति लोकप्रिय कंप्यूटर है। Laptop बैटरी से चलने वाला कंप्यूटर होता है जिसे आप कभी भी और कहीं भी ले जाकर कार्य कर सकते हैं। Laptop में सभी Hardwares inbuilt होते हैं जैसे कि कीबोर्ड, माउस, स्पीकर,सीपीयू आदि।
  3. Tablet Computer-: Tablet कंप्यूटर्स या Tablet , Desktop एवं लैपटॉप से भी अधिक Portable और Handheld(हाथों में पकड़ने योग्य) डिवाइस है। कीबोर्ड एवं माउस के बदले tablets में लिखने और navigation के लिए Touch screen का उपयोग किया जाता है। ipad भी tablet computer का एक उदाहरण है।
  4. Server-: Server एक ऐसा कंप्यूटर है जो Internet पर मौजूद कंप्यूटर्स को अलग-अलग जानकारी प्रदान करते रहते हैं। उदाहरण के लिए जब भी आप इंटरनेट पर किसी जानकारी को सर्च करते हैं तो इसका मतलब है कि आप Server पर stored जानकारी को देख रहे हैं। बहुत से छोटे बड़े Business , Files को शेयर करने के लिए local server का उपयोग करते हैं।
  5. इनके अलावा Smartphones, Game Console, Smartwatches, Smart tv’s भी कंप्यूटर के ही रूप हैं।

#4. Computer की कुछ मुख्य विशेषताएं ?

  • Speed-: कोई भी computer बहुत सारी Tasks एवं प्रोसेस को एक साथ कुछ ही समय मे पूरा कर सकता है जबकि उसी कार्य को करने में एक इंसान को काफी समय लग सकता है।एक भारी मात्रा में Data को प्रोसेस करने की क्षमता एवं Micro seconds में किसी भी प्रोसेस को पूरा करना।
  • नेट बैंकिंग क्या है? नेट बैंकिंग कैसे करे 
  • Accuracy-: Computer से प्राप्त किसी भी Result की Accuracy या शुद्धता सबसे ज्यादा होती है और आप चाहें तो अपनी जरूरत के अनुसार इसकी शुद्धता को और अधिक बढ़ा सकते हैं।Input से आधारित Output प्रदान करना।
  • Versatility-: आप एक ही कंप्यूटर का उपयोग बहुत सारे कार्यों के लिए कर सकते हैं।एक ही कंप्यूटर पर विभिन्न tasks को पूरा कर सकते हैं
  • Storage एवं Memory-: कोई भी computer एक भारी मात्रा में Data को store करके रख सकता है।Stored हो जाने के बाद उस Data का उपयोग कभी भी किया जा सकता है।Computer की मेमोरी बिल्कुल Accurate होती है।
  • अपने facebook page पर लाइक कैसे बढ़ाएं 
  • Automation-: एक बार प्रोग्रामिंग करने पर Computer उस task को खुद ही(Automatically) पूरा करता रहता है। Computer की मदद से Automation का आगाज़ हुआ है पहले जिस कार्य को करने में बहुत दिन लग जाते थे कंप्यूटर और ऑटोमशम कि मदद से अब वो काम कुछ ही समय मे पूरा हो जाता है।

#5. Computer के फायदे क्या हैं?

  • Computers मनुष्यों की भांति अधिक Intelligent , Accurate और reliable होते हैं।
  • किसी भी कार्य को बार बार करने के लिए कंप्यूटर बहुत उपयोगी होते हैं क्योंकि ये ही कार्य मनुष्यों के लिए बहुत कठिन होते हैं।
  • Computers मनुष्यों की भांति अधिक तेज़ होते हैं।
  • Storage होने के कारण इसमे किसी भी डेटा को Future के लिए store करके रखा जा सकता है। और future में उसे Modify एवं उसमे कुछ अन्य Features जोड़े जा सकते हैं।
  • Computer की मदद से किसी मुश्किल कार्य को आसानी से और जल्दी किया जा सकता है।

#6. Computer का उपयोग किन किन क्षेत्रोँ में किया जाता है?

आज के समय मे लगभग हर क्षेत्र में कंप्यूटर का उपयोग किया जाता है जैसे कि-:
  •  Education, Library
  •  Industries and Manufacturing
  •  Research, Survey 
  •  Hospital and Health
  •  Data Processing
  •  Science and Engineering
  •  Offices and Hotel Management
  •  Advertisement and Marketing.
  •  Entertainment and Communication.
  •  Weather 
  •  Airlines and Navigation

मुझे उम्मीद है कि अब आप जान चुके होंगे कि आखिर Computer Kya Hai - Computer in Hindi और क्यों यह इतना लोकप्रिय बन चुका है। Computer ही एक ऐसा स्त्रोत है जिससे हमारा देश और दुनिया हर दिन विकशित हो रहें हैं और इसी की मदद से हर  दिन बाज़ार में नई नई टेक्नोलॉजी आती रहती हैं। अगर आपका “कंप्यूटर क्या है” से जुड़ा कोई बीबी सवाल है तो आप नीचे कमेंट करके हमसे पूछ सकते हैं। और अगर हमारी पोस्ट पसंद आई हो तो इसे शेयर करना न भूलियेगा।

What is Search Engine in Hindi- सर्च इंजन क्या है? ये कैसे काम करता है


What is Search Engine in Hindi- क्या आप जानते हैं की सर्च इंजन क्या है और ये कैसे काम करता है।अक्सर जब भी हमें Internet से कोई जानकारी चाहिए होती है तो सामान्यतः हम अपना Browser open करते हैं और उस जानकारी से related query को search कर लेते हैं।लेकिन हमें ये नहीं मालुम होता की उस जानकारी को हम तक कौन  पहुंचा रहा है या फिर किस तरह से Search करने के कुछ ही seconds में हमें वो जानकारी मिल जाती है। कई बार जब किसी चीज़ की जानकरी नहीं होती तो हम कहते हैं की चलो इसे Google कर लिया जाये लेकिन सवाल ये है की आखिर ये गूगल है क्या? और ये किस तरह से किसी भी जानकारी तो हम तक आसानी से पहुंचा देता है। इसलिए आज में आपको कुछ एसी ही जरूरी बातें बताने वाला हूँ की Search Engine क्या होता है और ये काम कैसे करता है?(What is Search Engine in Hindi)


what is search engine in hindi

#1. सर्च इंजन क्या है? What Is Search Engine In Hindi

Search engine एक ऐसा computer सिस्टम है जिसे किसी भी जानकारी को Search करने के लिए बनाया गया होता है,search engines की मुख्य applications  कुछ web service हैं जहाँ पर हम world wide web की सहायता से किसी भी तरह के Text, Image, Video और किसी भी तरह की Graphic information को ढूँढ सकते हैं जैसे की ( Google, Yahoo, Bing ).इसके अलावा कुछ ऐसे भी search engines हैं जो किसी online store पर किसी  प्रोडक्ट को , और FTP server पर किसी file को search कर सकते हैं।
Search engines के द्वारा किसी जानकारी को सर्च करने को search request कहा जाता है। search इंजन का मुख्य कार्य किसी भी keyword से सम्बंधित सभी जानकारी या documents को search करके user को provide करने का होता है और इन सभी जानकारियों के लिए सर्च इंजन एक search result page को generate करता है जिसमे विभिन्न प्रकार के result जैसे की-: web pages, Images, audio, video file  आदि सम्मिलित होते हैं.
एक search engine को तभी बेहतर माना जाता है अगर  वो users की request के अनुसार ज्यादा से ज्यादा जानकारी प्रदान करे। कभी कभी किसी Algorithm या human factor की वजह से सर्च इंजन कम relevant(प्रासंगिक) हो जाते हैं. 2015 से लेकर अभी तक पूरी दुनिया में  सबसे लोकप्रिय और अधिक उपयोग किया जाने वाला सर्च इंजन Google है।

#2. Search Engine काम कैसे करता है?

सर्च इंजन internet पर किसी keyword को search करने के लिए अलग अलग प्रोग्राम्स का उपयोग करता है जिन्हें Crawlers, Spiders, Robots आदि. कहा जाता है, ये सभी प्रोग्राम्स किसी website के SEO/ qualityके अनुसार ही उसकी rank का निर्धारण करते हैं और  एक बेहतर seo और quality वाली वेबसाइट को high rank पर लाते हैं।

1. Website Submission

मान लीजिये की आपने एक website बनायीं और आप चाहते हैं की आपकी website भी search engine जैसे-Google, bing, yahoo आदि. पर दिखे तो इसके लिए आपको खुद ही सर्च इंजन को बताना होगा वो आपकी website को crawl, index करे, और ऐसा करने के लिए आपको उस search engine के webmaster tool में अपनी site को submit करना होता है। सभी search engine के अलग अलग webmaster tool होते हैं जैसे- Google search Console, Bing Webmaster Tool, yandex आदि।
Website को submit करने के साथ साथ आपको Sitemap file भी add करनी होती है जिसमे आपकी website का सभी data होता है और जब भी आप अपनी site पर कोई नया page add करते हैं तो search engine को खुद ही इस बात का पता चल जाता है। Site को submit करने के बाद आगे का काम webmaster tool के द्वारा automatically किया जाता है।

2. Crawling/Bot

इस प्रक्रिया की शुरुआत Crawling से होती है, crawler एक ऐसा प्रोग्राम होता है जो किसी web page को Scan करके उसकी सभी जानकारियां जैसे- Title, Image, keywords, Description और अन्य पेजों से Link आदि. प्राप्त  कर लेता है। Modern crawlers पुरे पेज़ की एक cache copy प्राप्त लेते हैं और साथ ही साथ कुछ अतिरिक्त जानकारी जैसे-: Page layout, Links, Ad units आदि. का भी पता लगा लेते हैं।

किस तरह से एक Website को Crawl किया जाता है? दरअसल जिस तरह से हम किसी web page पर visit करते हैं ठीक उसी तरह से एक Automated Bot या spider हर एक web page पर visit करता है, लेकिन इनकी speed कुछ एसी होती है की ये एक सेकंड में 100 से भी ज्यादा website को crawl कर लेते हैं।
इसके बाद crawler उन सभी page की link को एक list में जोड़ देता है ताकि उस page में कोई भी बदलाव होने पर उसे Re-Crawl किया जा सके.crawling एक एसी प्रक्रिया है जो कभी भी ख़त्म नहीं होती।

3. Indexing

Crawling की प्रक्रिया पूरी हो जाने के बाद अगली Process Indexing/इंडेक्सिंग कहलाती है।
इस प्रक्रिया में सर्च इंजन द्वारा जिस भी Web page को crawl किया जाता है तो crawling के बाद उसे Search result page में index कर दिया जाता है यानिकि वो website या पेज indexing के बाद Search Results में add हो जाता है।

उदाहरण के तौर पर-: मान लीजिए कि आप ने कुछ किताबें खरीदीं और आप उनकी एक list बनाना चाहते हैं जैसे कि- Author का नाम, पेजों की संख्या आदि। तो जब आप सभी किताबों से जानकारी ले रहें है तो सर्च इंजन की भाषा मे आप उन्हें crawl कर रहें हैं और जब आप उन किताबों की list लिख रहें है तो इसका मतलब है कि आपने किताबों को index कर लिया है।

दूसरे शब्दों में कहे तो Indexing का मतलब है की जब कोई Search engine किसी Website को crawl करता है तो इसके तुरंत बाद सर्च इंजन उस वेबसाइट या पेज को जमा करके अपने Database में store/संग्रह कर लेता है और उस पेज से संबंधित कोई भी search query आने पर उसे Search result pages में जोड़ देता है। अब किस पेज या रैंक पर वो वेबसाइट आएगी ये निर्भर करता है उस वेबसाइट के Seo और quality पर, आपको ये जानकर हैरानी होगी कि गूगल हर 10 सेकंड में लगभग 100-1000 वेबसाइट को crawl और index कर लेता है।

4. User Query

User query अर्थात जब कोई व्यक्ति Search engine पर जाकर manually रूप से किसी भी तरह की जानकारी या query को सर्च करता है। सर्च इंजन की भाषा इन queries को Keyword कहा जाता है। ये keywords सर्च इंजन को इनसे मिलते जुलते या इनसे संबंधित कीवर्ड को ढूंढने में मदद करते हैं।

5. Matching Query

जब कोई व्यक्ति किसी Query को सर्च करता है तो search engine उसे अपने Database में stored सभी Pages से match/मिलाते हैं ताकि user को ठीक वो ही जानकारी मिल सके जिसे वो ढूंढ रहा है। यहां पर keywords की एक अहम भूमिका होती है यानिकि जिस भी query को सर्च किया जाता उसमे मौजूद सभी कीवर्ड की मदद से उस query से संबंधित जानकारी को ढूंढा जाता है।

6. Retrieving results

जब सभी relevant pages match हो जाते हैं तो उन्हें search engine result pages(SERP’s) में add करके display किया जाता है। और user को उसके Query के अनुसार सभी जानकारी मिल जाती है। इन्टरनेट पर Search engine के database में करोड़ों web pages मौजूद होते हैं, हर page अलग अलग keywords से सम्बंधित होता है.
ऐसे में search engines की algorithm निर्धारित करती है किस page को पहले , दुसरे, तीसरे नंबर पर rank करना है और इसके लिए search engine 200 से भी ज्यादा factors को ध्यान में रखते हुए किसी page को चुनता है जैसे की उस पेज की quality, keywords, seo, backlinks, Meta tags आदि.



इसलिए जब भी कोई user किसी query को search करता है तो अलग अलग तरह की algorithms अपना काम शुरू कर देती है और सबसे ज्यादा Relevant pages को user के सामने display कर देती है, और चौकाने वाली बात ये है की इस प्रक्रिया को पूरा होने में सिर्फ कुछ ही सेकंड्स लगते हैं.

#3. सबसे ज्यादा Popular search Engines कोनसे हैं?

वैसे तो internet पर बहुत सारे सर्च इंजन मौजूद हैं लेकिन इनमे से कुछ ही ऐसे हैं जिनका उपयोग सबसे अधिक होता है।

1. Google-: 
गूगल को लगभग सभी लोग जानते हैं और ये अभी तक का सबसे लोकप्रय/popular और सबसे ज्यादा use किया जाने वाला सर्च इंजन है। Google एक american multinational company है इसे larry page और sergey brin ने 4sept. 1998 में बनाया था। Alexa के अनुसार Google दुनिया की सबसे ज्यादा देखी और visit की जाने वाली वेबसाइट है जिस पर हर महीने लगभग 1,600,000,000 यूज़र्स visit करते हैं और इसके अलावा गूगल के बहुत से प्रोडक्ट्स हैं तो Top 100 में शामिल हैं जैसे -; Youtube, Blogger आदि।

2. Bing-: 
गूगल के बाद दूसरे नंबर पर आता है Bing सर्च इंजन, जिस पर हर महीने लगभग 400,000,000 visitors विजिट करते हैं। Bing search engine को Microsoft कंपनी द्वारा खरीदा गया है और इसी के द्वारा operate किया जाता है। Bing भी गूगल की ही तरह सभी जानकारियां जैसे-: Text, Audio, Video, Image आदि provide करता है, Alexa  के अनुसार Bing दुनिया मे 42वें नंबर पर आने वाली Website है और इसे 2008 में develop किया गया था।

3. Yahoo!Search-: 
इस list में तीसरे नंबर पर आने वाला सर्च इंजन है yahoo जिस पर 300,000,000 लोग हर महीने विजिट करते हैं। और alexa के अनुसार ये 6वें नंबर पर शामिल है।
इनके अलावा कुछ अन्य सर्च इंजन जैसे-: Ask, Baidu, Aol  आदि. Search engine भी इंटरनेट पर अपनी लोकप्रियता बनाये हुए हैं।

तो ये थी आज की पोस्ट जिसमे मैंने आपको बताया की What is Search Engine In Hindi या Search Engine क्या है और ये कैसे काम करता है? , मुझे उम्मीद है की अब आप जान गए होंगे की आखिर ये चीज़ होती क्या है और कैसे  काम करती है। अगर आपको पोस्ट पसंद आयी हो तो इसे Share जरूर कीजियेगा और किसी भी तरह के अन्य सवाल के लिए आप बेझिझक होकर निचे कमेंट करके पूछ सकते हैं।

Net banking Kya Hai, Net Banking Kaise Kare- पूरी जानकारी हिंदी में


क्या आप जानते हैं की नेट बैंकिंग क्या है? नेट बैंकिंग कैसे करे ? आजकल कोई भी व्यक्ति किसी काम को hard work की बजाये Smart work से करना पसंद करता है हर कोई चाहता है की उसका समय बर्बाद न हो और कम समय में ज्यादा काम हो जाएँ। आप सोच रहे होंगे की में ये सब बाते क्यूँ कर रहा हूँ? क्युकी हमारा आज का topic इसी बारे में है की किस तरह से एक  Modern technology से हम अपने बड़े बड़े लेनदेन , खरीदारी, भुगतान को बिना अपने बैंक में जाकर भी पूरा कर सकते हैं. आज मै आपको  Net banking के बारे में बताऊंगा की नेट बैंकिंग कैसे करें और इसके बारे में सभी जरूरी बातें।

नेट बैंकिंग क्या है कैसे करें


#1. नेट बैंकिंग क्या है? Net banking kya hai

Net banking आज की एक Modern technology का ही एक रूप है, जिससे आप अपने बैंक की लगभग सभी गतिविधियों को इन्टरनेट पर ही पूरा कर सकते हैं. नेट बैंकिंग के साथ आप दुनिया के किसी भी कोने से और  24 घंटे, 365 दिन में कभी भी अपने सभी  Banking and Depository खाते को access कर सकते हैं.नेट बैंकिंग  को  Internet banking, Virtual Banking और online banking के नाम से भी जाना जाता है इसलिए कभी भी इसके अलग अलग नामों से भ्रमित न हों.

Net Bankingअपने बैंक की किसी भी Activity जैसे की-: Banking, Fixed deposite,Fixed Booking deposite, Draft या cash डिलीवरी और किसी भी तरह के Bill Payment करने का सबसे सुविधा जनक तरीका है जिससे आपका समय और पैसा बचता है. मेरे हिसाब से Net Banking उन लोगो के लिए वरदान साबित हुआ है जिनके पास Bank जाने का समय नहीं होता, जो लोग लम्बी लम्बी कतारों  में नहीं लगना चाहते, या फिर ऐसे लोग जो शारीरिक और मानसिक रूप से Bank या कहीं भी जाने के योग्य नहीं होते हैं.

Net banking करने के लिए आपको अपने  बैंक की website पर रजिस्ट्रेशन करना होता है और फिर  आपको एक user id और password दिया जाता है जिसकी मदद से आप अपने computer, लैपटॉप, mobile, tablet का उपयोग करके अपने Bank account से किसी भी तरह का Transaction कर सकते हैं और बिना बैंक में जाए हुए भी अपने खाते की जानकारियां प्राप्त कर सकते हैं.

#2. नेट बैंकिंग कैसे करें?

India में लगभग सभी banks Internet banking की सुविधा प्रदान करते हैं और सभी की process लगभग समान है में यहाँ पर आपको सभी Bank की पूरी  प्रक्रिया तो नहीं बताऊंगा लेकिन  इसकी शुरुआत करने की कुछ समान्य प्रक्रिया बताऊंगा जिनसे आपको नेट बैंकिंग  की शुरुआत करने में आसानी होगी.

  1. Netbanking के लिए सबसे पहले तो आपको एक bank account की जरूरत पड़ेगी इसलिए अपने नजदीकी Bank की ब्रांच में जाकर अपना एक खाता खोल लें साथ ही नेटबैंकिंग के लिए भी फॉर्म बहर कर आवेदन करें.
  2. बैंक में Account बन जाने के बाद आपको नेट बैंकिंग के लिए एक user id और password दिया जायेगा.
  3. Id और password के द्वारा आप bank की official website पर जाकर Net banking कर सकते हैं 
या फिर 
  1. अगर आपका किसी बैंक में पहले से ही account है तो आप उस bank की website पर Net banking के लिए Registration कर सकते हैं. 
  2. Regsitration पूरा हो जने पर आपको एक Id और password दिया जायेगा जिससे आप अपने Net banking account को access कर सकते हैं और सभी सुविधाओं का फायदा ले सकते हैं.

#3. Net Banking में मिलने वाली कुछ Common सुविधाएँ.

आजकल लगभग सभी banks अपने ग्राहकों को नेट बैंकिंग के द्वारा अलग अलग तरह की सुवुधएं प्रदान करते  हैं लेकिन सभी Banks की कुछ  common services होती हैं जिन्हें वो नेट बैंकिंग  के माध्यम से अपनेCustomers को provide करते हैं.

  • आप अपने account की details और balance चेक कर सकते हैं.
  • Account statement डाउनलोड कर सकते हैं.
  • Cheque Payments को रोकने की Request कर सकते हैं.
  • Cheque बुक के लिए आवेदन कर सकते हैं.
  • अपने credit card की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं.
  • credit कार्ड के बिल भुगतान कर सकते हैं.
  • Debit कार्ड के loyalty Points को redeem कर सकते हैं.
  • अपने Loan account की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं.
  • अपने mobile recharge कर सकते हैं.
  • किसी भी तरह के Bill भुगतान और online payment कर सकते हैं.

#4. नेट बैंकिंग  के फायदे क्या हैं?

  1. Net banking का सबसे बड़ा फायदा ये है की  बैंकिंग से सम्बंधित किसी भी काम को करने के लिए बैंक जाने की जरूरत नहीं होती.
  2. आप अपनी कार में बैठकर, घर में , यात्रा के दौरान  या फिर कहीं से  भी Transaction कर सकते हैं  और आपको वास्तव में किसी Bank Counter पर जाने की ज़रूरत नहीं पड़ती.
  3. आप किसी भी समय Transaction कर सकते हैं  और आपको बैंक के Working Hours के हिसाब से काम नहीं करना पड़ता । आपको रविवार या अन्य छुट्टियों के बारे में चिंता करने की भी ज़रूरत नहीं होती  - आपका खाता 24x7 Accessible होता है.
  4. आप internet की मदद से किसी भी device पर अपनी Bank activities को पूरा कर सकते हैं जैसे की -phone, Laptop, Desktop और tablet  और कुछ भी.
  5. ये पूरी प्रक्रिया Automated/स्वचालित होने के कारण आपका Bank account हमेशा Update रहता है और सभी Transations तुरंत Automatically update हो जाते हैं.

#5. नेट बैंकिंग  के नुकसान क्या है?

  1. Net banking का सबसे बड़ा नुकसान यह है कि यहाँ पर धोखाधड़ी की संभावना बढ़ जाती है क्योंकि Internet पर बहुत सारे hackers मौजूद हैं जो सिर्फ एक  email भेजकर या Call करके account holders की सभी जानकारियां प्राप्त करलेते हैं और उनके account के सभी पैसे अपने account में transfer कर लेते हैं. इसलिए आपको हमेशा इस तरह की email और Phone calls से सावधान रहना चाहिए. 
  2. Net banking के उपयोग को समझना Begginers या नए लोगों के लिए मुश्किल हो सकता है। हालांकि कुछ ऐसी Websites भी  हैं जो Netbanking  को समझने और इसका इस्तेमाल करने के लिए Demo provide करते हैं लेकिन सभी बैंक इस Service को प्रोविडेंस नहीं करते हैं इसलिए, पहली बार या शुरुआत में Net banking का उपयोग  करने में थोड़ी मुश्किलें आ सकती हैं.
  3. अगर आपके पास Internet connection नहीं है तो आप नेट बैंकिंग  का इस्तेमाल नहीं कर सकते , इसलिए इंटरनेट एक्सेस की उपलब्धता के बिना, यह किसी काम का नहीं है.
  4. Password Security भी बहुत  आवश्यक है इसलिए अपना password  प्राप्त करने के बाद  इसे बदल दें और इसे याद रखें. क्युकी कोई भी अनजान व्यक्ति आपके Password के द्वारा आपके account को हैक करने की कोशिश कर सकता है.
  5. अगर Bank के server down चल रहे हैं तो ऐसी स्थिति में आप Net banking का use नहीं कर सकते.
  6. कभी कभी Slow internet या down server की वजह से transaction बीच में ही रुक जाता है या फिर fail हो जाता है.

#6. एक सुरक्षित/Safe Net banking करने के लिए क्या करें?

Net banking का उपयोग अगर हम समझदारी और सतर्कता के साथ करें तो हम किसी भी तरह के नुक्सान से बचे रह सकते हैं. यहाँ पर में आपको कुछ ऐसे तरीके बता रहा हूँ जो एक सुरक्षित Net banking करने के लिए मददगार हो सकते हैं और आपको हमेशा इन्हें follow करना चाहिए.

  • हमेशा Bank की website पर सीधे लॉग इन या visit करे कभी भी किसी अन्य website की  Link और email के द्वारा अपने बैंक की website को acces न करें. और जिस भी website पर आप Netbanking करते हैं उसका  domain name हमेशा याद रखें क्युकी उससे मिलते जुलते बहुत से domain भी इन्टरनेट पर मौजूद हो सकते हैं.
  • Password और pincode मांगने वाले email और फ़ोन calls से हमेशा सावधान रहें और एक बात का ध्यान रखें की  पुलिस और बैंक कभी भी  आपकी personal informations को जानने के लिए call या email नहीं भेजते हैं. अगर आपको इस तरह के calls या mail आ रहें हो तो तुरंत अपने bank से संपर्क कर लें.
  • Netbanking के लिए कभी भी Cyber cafe या फिर किसी दुसरे का computer , mobile का उपयोग न करें.
  • हमेशा अपने computer या फ़ोन  के  antivirus को update कर के रखें और hackers से बचने के लिए आप Firewall को भी install कर कते हैं. जो आपके device को सुरक्षित रखेगा.
  • कभी भी अपने Browser में अपने Banking के id और password को save करके न रखें. समय समय पर अपने Browser की history और data को  clear करते रहें.
  • अपने Mobile No. को बैंक की  Sms facility के लिए Register कर दें ताकि कोई भी Transation होने पर आपके पास तुरंत sms आ जाये.
  • हमेशा किस Trusted browser का ही उपयोग करें.
  • इस बात का ध्यान रखें की जिस भी website पर आप Net banking कर रहें हैं उसके Url में  https connection enable हो इसका मतलब होता है की आप SECURE HyperText Transfer Protocol का उपयोग कर रहें हैं. 

तो दोस्तों ये थी नेट बैंकिंग के बारे में कुछ जरूरी जानकारी जिसमे मैंने आपको बताया की नेट बैंकिंग क्या है(Net banking kya hai) नेट बैंकिंग कैसे करे । मुझे उम्मीद है की आपको हमारी ये पोस्ट पसंद आई होगी अगर आप Net banking से समंबंधित कोई भी सवाल है तो आप निचे कमेंट करके हमसे पूछ सकते हैं.

[Top 7] Photo Banane Wala Apps - 2018


Photo Banane Wala Apps आजकल हर कोई  अपनी Photos  को आकर्षक बनाने की कोशिश करता रहता है ख़ास तौर पर जब फोटो को social sites पर upload करना हो तो और इसके लिए सबसे जरूरी चीज़ होती है Editing और editing के जरिये ही photos में बदलाव किये जा सकते हैं लेकिन Photos को edit करने लिए आपको software की भी जरूरत पड़ेगी और सबसे अच्छी बात तो ये है की आप अपने Phone से photos edit कर सकते हैं  इसलिए आज में आपको कुछ best फोटो एडिटर apps या Photo Banane Wala Apps के बारे में बताऊंगा जिनसे आप आपनी photos को आसानी से edit करके और भी ज्यादा आकर्षक, Eyecatching बना सकते हैं.

#.Best Photo bananae wala Apps 2018 -:


#1. Google Snapseed 

Photo banane wala apps

4.5 की औसत रेटिंग के साथ Snapseed सबसे लोकप्रिय एंड्रॉइड Photo editors app ऐप में से एक है।App के free version मे बहुत सारे editing options के साथ साथ photos को सोशल मीडिया पर share करने जैसे फीचर्स भी शामिल हैं इसे NIK  सॉफ्टवेयर  के Developers  के द्वारा बनाया गया है और Google  द्वारा ख़रीदा गया है इसलिए ये गूगल का ही प्रोडक्ट है.             
इसके अलावा Snapspeed की खास बात है इसमें मौजूद Blur Option  जिससे आप फोटो में किसी भी चीज़ को Blur (धुंदला) कर सकते हैं। 
Android के लिए SnapSpeed डाउनलोड करें 
iOS के लिए SnapSpeed डाउनलोड करें 


#2. VSCO Cam

Photo banane ka app

VSCO cam एंड्राइड पर सबसे ज्यादा डाउनलोड किया जाने वाला Photo editor है।ये app इसके Inbuilt camera,Editing features और Instagram की user upload page के लिए लोकप्रिय है.Vsco Cam की बहुत सी खूबियां है जैसे कि-:

इसमें आपको एक Advance focus Feature मिलेगा जिससे आप दो Objects को एक साथ focus कर सकते हैं।

इसमे मौजूद सभी Filters एडवांस photoshop द्वारा डिज़ाइन किये गए हैं।
VSCO Cam में सभी एडवांस फ़ीचर्स जैसे saturation, sharpness, exposure, filters, shadows, highlights, contrast, cropping, tints आदि. मौजूद हैं।

#3. Pixlr

Photo banane wala apps

pixlr एक बेहतरीन app है जिससे आप अपनी photos को बहुत सारे features और options के साथ edit कर सकते हैं, pixlr बहुत समय पहले से एक लोकप्रिय Photo editor है और खासतौर पर इसका उपयोग computer में Advance फोटो editing के लिए किया जाता है लेकिन अब pixlr को आप अपने फोन में भी use कर सकते हैं जोकि बिलकुल free और Ads free app है।
इसमें आपको 'Auto-fix' फीचर भी मिलेगा जिससे सिर्फ एक ही click में फोटो के Colour और Low light को balance/संतुलित किया सकता है। 

#4. Picsart photo Studio 

Photo banane ke apps

PicsArt एक ऐसा लोकप्रिय Photoeditor app है जिसे अभी तक 100million बार डाउनलोड किया जा चुका है ये एक बहुत ही पसंद किया जाने वाला App है क्योंकि अपनी photos को customize करने के लिए यहां पर बहुत सारे options मौजूद हैं।
इस app में आपको Inbuilt camera फीचर और photos को share करने के लिए सोशल media नेटवर्क्स भी मिल जाएंगे। इसके अलावा कुछ अन्य फीचर्स जैसे कि Collage, Draw, Frames, Sticker आदि. भी इस app में मौजूद है.
इस app को आप free में डाउनलोड कर सकते हैं लेकिन इसके Advance features और Ads Free का फायदा लेने के लिए आपको इसे खरीदना होगा।

#5. Photoshop Express

Photo editor apps in hindi

एक सरल इंटरफ़ेस के साथ Adobe photoshop Express एक बहुत ही अच्छा photo editor app है जो एक Powerful editing के साथ साथ आसानी ये use किया जाने वाला App है। इसमे किसी फ़ोटो कोedit करने के लिए बहुत सारे features मौजूद हैं जैसे कि Crop, Straighten, Rotation, Flip photos आदि। Photoshop express में बहुत से Filters, अलग अलग Variety के Effects(प्रभाव), Colours, Auto fix, Frames और advance tools जैसे कि Image Rendering मौजूद है जिसके द्वारा बड़ी बड़ी Files(panoramic photos) को handle किया जा सकता है।
इसके Noise Reduction फीचर से रात में ली गयी तस्वीरों में Noise को कम किया जा सकता है, ये एक बिल्कुल free app है और यहां ओर edit की हुई photos को आप सीधे Facebook, twitter और अन्य Social Sites पर share भी कर सकते हैं और यहां पर आपको बार बार ads भी परेशान नही करेंगे क्योंकि ये ads free app है।

#6. Aviary Photo Editor

Photo banane ke app

Aviary भी Adobe family का एक part है, ये एक multi-functional एप्प है जिसमे Photo editing के सभी  Basic टूल्स जैसे कि  Crop&Filters, Effects , Rotation, sharpenऔर Advance फीचर्स जैसे कि Colour adjustments, Sharpness, Vignette, Focus, Lighting,fun stickers आदि मौजूद हैं।
Aviary फ़ोटो एडिटर के बेहतर interface के कारण इसे use करना बहुत ही आसान है और इस एप्प को आप बिल्कुल free में download कर सकते हैं जिसमे आपको अलग अलग तरह के 12Effects मिल जाएंगे और अगर आपको ज्यादा Effects चाहिए तो आपको कुछ पैसे खर्च करके app को खरीदना होगा। 
 

#7. Cupslice 

Photo banane wala apps

अगर आपको फोटो editing की ज्यादा जानकारी नहीं है या फिर आप अभी फोटो editing में नए हैं तो Cupslice आपके लिए एक बेहतर Photo banane की app है क्युकी इसे Use करना बहुत ही आसान है.Cupslice में मौजूद बहुत सारे Effects, Tools की मदद से आप एक सामान्य तस्वीर को भी सुन्दर बना सकते हैं।
Cupslice पर edit की हुई photos को आप सीधे facebook, Twitter जैसी social sites पर और chatting apps जैसे whatsapp, line पर भी upload कर सकते हैं।  

तो ये थे कुछ बढ़िया Photo Banane Wala Apps जिनसे आप कुछ ही समय में किसी भी फोटो को आसानी से edit कर सकते हैं और उसे एक नया रूप दे सकते हैं , मुझे उम्मीद है की आपको ये पोस्ट पसंद आई होगी इसलिए कृपया इस पोस्ट को ज्यादा से ज्यादा share करने की कोशिश जरूर करें और किसी भी तरह के सवाल या सुझाव के लिए कमेंट करें।

सोशल मीडिया क्या है एवं इसके फायदे और नुकसान- Social media In Hindi


सोशल मीडिया क्या है -क्या आप जानते हैं की सोशल मीडिया क्या है और इसके क्या फायदे/नुकसान है? अगर नहीं जानते तो कोई बात नहीं क्युकी आज की इस पोस्ट में मै आपको सोशल मीडिया के बारे में कुछ सामान्य जानकारियां बताने वाला जैसे की ये क्या है, किस काम आता है आदि.
आजकल बहुत से लोग सोशल मीडिया को अपने Smartphone या Tablet पर मौजूद Apps के तौर पर परिभाषित करते हैं, लेकिन सच्चाई यह है कि Social Media की शुरुआत असल मे कंप्यूटर से हुई थी। यह ग़लतफ़हमी इस बात से शुरू हुई है कि ज्यादातर सोशल मीडिया का use करने वाले लोग Apps के माध्यम से इसका उपयोग करते हैं लेकिन वास्तव में, 50% Online Users सोशल मीडिया से जुड़े ही नही हैं।
रीयल-टाइम में Photos, Comment’s, Video’s, Event’s, आदि. Share करने की क्षमता ने जिस तरह से हमारे जीवन को बदल दिया है, ठीक वैसे ही हमारे व्यवसाय(Business) करने के तरीके को भी बदल दिया है। 

सोशल मीडिया क्या है-social media in hindi


#1. सोशल मीडिया क्या है- Social Media in Hindi?

सोशल मीडिया बहुत सी वेबसाइटों और Applications की एक series होती है जो लोगों को जल्दी से, कुशलतापूर्वक और Real Time में किसी भी Content को share करने की अनुमति देने के लिए डिज़ाइन किया जाता है. चलिए हम इसे एक आसान भाषा में समझते हैं-

Social -: Social का मतलब है कि दूसरे लोगों के साथ किसी जानकारी को Share करना और उनके बारे में जानकारी प्राप्त करना और उनसे बात चीत करना। 

Media-: Media का मतलब होता है कि बातचीत या फिर Communication का Instrument/यंत्र जैसे कि Internet. जबकि Tv, Newspaper,Radio ये सभी एक Traditional Media के उदाहरण है। 

अब हम इन दो अलग-अलग शब्दों को जोड़कर Social Media को परिभाषित/Define कर सकते हैं: सोशल मीडिया Web-Based Communication Tools हैं जो लोगों को आपस में जोड़े रखता है और किसी भी जानकारी को आपस मे share करने की अनुमति देता। 

#2. Social Media के कुछ Common Features क्या हैं ?

सभी Social Media sites के कुछ Common Features होते हैं और इन्ही Features से आप किसी Social Media site के होने का पता लगा सकते हैं जैसे कि-:

#. User Account-:
अगर कोई Site, Users को अपने खुद के Account बनाने की अनुमति देती है जहां पर वो Login कर सके तो इसका मतलब है कि आप वहां पर Social Interaction/सामाजिक संपर्क कर सकते हैं, क्योंकि बिना किसी User Account के आप किसी दूसरे व्यक्ति से Online Communication या फिर कोई जानकारी share नही कर सकते। 

#. Profile Page-:
चूंकि सोशल मीडिया पूरी तरह से संचार के बारे में है, इसलिए किसी User को Represent(प्रतिनिधित्व)करने के लिए एक Profile page बहुत जरूरी होता है जिसमे User की Personal Informations या व्यक्तिगत जानकारियां  शामिल होती है जैसे कि Profile Picture, Website, Bio, Activities, About, Education आदि. 

#. Friends/Followers/Groups/Pages-:
कोई भी व्यक्ति अपने Account के माध्यम से किसी दूसरे User से Connect हो सकता है इसके लिए वो user को Follow कर सकता है, Page like कर सकता है, Group में जुड़ सकता है।ऐसा करने पर जब भी वो User कोई नई Information share करता है तो तुरंत वो जानकारी हम तक भी पहुंच जाती है। 

#. News Feed-:
जब भी आप Social Media पर किसी User से जुड़ते हैं तो समान्यतः इसका मतलब होता है की आप उस User से जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं। और यह जानकारी वास्तविक समय में उनके News Feed के माध्यम से अपडेट की जाती है। 

#. Notifications-:
हर किसी Social Media साइट या app पर users को किसी भी जानकारी के लिए Notify करने के लिए Notifications फीचर होता है. Users का इन Notifications पर पूरा कंट्रोल होता है और वो ये भी निर्धारित कर सकते हैं कि वो किस तरह के Notification प्राप्त करना चाहते हैं। 

#. Like/Comment/Share-:
किसी भी व्यक्ति द्वारा Share की गई जानकारी अगर आपको पसंद आ जाये तो आप उस जानकारी को Like करके अपना भाव प्रकट कर सकते हैं और साथ ही अपने Thoughts को Comment के माध्यम से share कर सकते हैं और अगर आप उस जानकारी का प्रचार करना चाहें या किसी दूसरे व्यक्ति को भेजना चाहें तो उसे Share कर सकते हैं और ये सभी संभव हो पाता है Like/Comment/Share buttons के द्वारा। 

ये कुछ ऐसे common Features हैं जो लगभग सभी Social Media app और Websites पर मौजूद होते हैं और इन्ही की वजह से सोशल मीडिया और भी ज्यादा मजेदार लगने लगता है। 

#3. Social Media और Social Networking में क्या अंतर है?

बहुत से लोग सोचते हैं कि Social media और Social networking ये दोनों एक ही चीज़ हैं लेकिन ऐसा बिल्कुल भी नही है क्योंकि ये दोनों बिल्कुल ही अलग हैं  दरअसल सोशल नेटवर्किंग , social media का ही एक भाग या subcategory है।

अगर आप Media और Networking के बारे में Seperately सोचें तो आपको आसानी से इन दोनों के बीच का अंतर मालूम हो जाएगा। Media का मतलब किसी ऐसी Information से होता है जिसे हम शेयर कर रहे हैं जैसे कि कोई मैसेज, Video, photo, Document आदि. 
 
Networking का मतलब है आपकी Audience जैसे कि Friends, Relatives, customers और वो सभी जो आपसे social media के द्वारा जुड़े हुए हैं।
For Example-: सोशल नेटवर्किंग के माध्यम से आप किसी भी media को अपने social network के साथ like और comments पाने के लिए share कर सकते हैं 
 

#4. क्या traditional media( Tv, Radio, Newspaper) भी सोशल मीडिया ही  है?

बहुत से लोग इस बात को लेकर Confused रहते हैं कि क्या Traditional मीडिया जैसे कि Tv, Newspaper, Radio भी सोशल मीडिया है?लेकिन मैं आपको बता दूं कि ऐसा बिल्कुल भी नही है और traditional मीडिया किसी भी तरह से social मीडिया का भाग नही है।

Social media आपको सिर्फ जानकारी ही नही देता बल्कि दूसरे लोगों से आपकी पहचान कराता है या दो लोगों की आपस मे बातचीत कराता है जबकि Regular मीडिया में आप किसी Street या दुकान से newspaper खरीद कर पढ़ सकते हैं, Tv/रेडियो पर समाचार सुन सकते हैं लेकिन आप किसी भी जानकारी या matter पर अपना सुझाव या Opinion नही रख सकते। लेकिन सोशल मीडिया में आपको पूरी आजादी होती है और कहीं और भी और किसी से भी आप अपना सुझाव शेयर कर सकते हैं। 

#5. कुछ Popular Social Media प्लेटफॉर्म्स?

  1. Facebook-: फेसबुक एक free और popular  सोशल साइट है,जहाँ पर आप फ्री में अपना account बनाकर अपनी Profile बना सकते हैं Photos , videos upload  कर सकते हैं और अपनी family, Relatives ,Friends  से हर समय connect रह सकते हैं.
  2. Twitter-: ट्वीटर एक microblogging service है जो Registered users को short posts या छोटे  मेसेज share करने की अनुमति देती है जिन्हें Tweets भी कहते हैं
  3. Google+ -: इसे Google Plus कहते हैं और ये गूगल का ही social media प्लेटफार्म है.
  4. LinkedIn -: linkedin को खासतौर पर Business के purpose से बनाया गया है और कोई भी रजिस्टर्ड यूजर यहाँ पर अपने business की मार्केटिंग कर सकता है.
-: कुछ अन्य social sites-: 
1. Youtube
2. Instagram
3. Reddit
4. Pinterest
5. Wikipedia

#6. सोशल मीडिया के फायदे और नुकसान (Pros / Cons) ?

फायदे/Pros -:
  • social media किसी भी तरह की news पाने का एक अच्छा स्त्रोत या source है.
  • यहाँ पर अपना या अपने business का promotion और advertising कर सकते हैं.
  • social मीडिया sites पर आप नए नए दोस्त बना सकते हैं और आप आसानी से यहाँ पर अपने पुराने दोस्तों, family members को ढून्ढ कर उनसे जुड़ सकते हैं.
  • social मीडिया sites employers को employee और job seekers को काम ढूंडने में मदद करता है.
  • सोशल मीडिया sites किसी भी तरह के कलाकार के लिए उसके काम को promote करने का बेहतर प्लेटफार्म है.
  • यहाँ पर आप पैसे भी कमा सकते हैं.
इसी तरह के बहुत से ऐसे फायदे हैं जो social मीडिया sites पर मिल जाते हैं लेकिन इन सबके अलावा इसके बहुत से नुकसान भी हैं जैसे की-:

नुकसान/Cons -:
  • social sites में privacy की बहुत कमी है.
  • आजकल  स्कूल में पढने वाला बच्चा भी social media sites को join कर लेता है जिसका असर सीधे उसके result पर पड़ता है.
  • अगर आपको इसकी लत लग जाये तो इससे बहार निकलना बहुत मुश्किल होता है.
  • बहुत से लोग यहाँ पर fake id बनाकर बहुत से गलत कामो को अंजाम देते हैं.
  • सोशल मीडिया का एक बड़ा नुक्सान है scam, बहुत से scammers social media sites का उपयोग करके लोगों से infected softwares और virus डाउनलोड करवा लेते हैं. 
  • For example-: जैसे की मान लीजिये की आपके किसी दोस्त ने आपको किसी funny video की link भेजी जब आपने उस लिंक पर क्लिक किया तो आपके सामने एक message आया की video देखने से पहले आपको एक video player डाउनलोड करना होगा. लेकिन वो video player असल में एक virus होता है जो आपके computer या mobile को नुकसान पहुंचा सकता है.
  • social media पर हर दिन किसी व्यक्ति, देश, धर्म  और भी  बहुत सी fake news चलती रहती हैं और बहुत से लोग उन पर भरोसा भी कर बैठते हैं.
  • hackers हर दिन सोशल मीडिया साइट्स को हैक करने के  नए नए तरीके ढूँढ़ते रहते हैं और उनके लिए यह काम बहुत आसान है. 

#. निष्कर्ष-:

तो ये थी आज की पोस्ट जिसमे मैंने आपको बताया की सोशल मीडिया क्या है और इसके फायदे/नुकसान क्या है और मुझे उम्मीद है की अब आप सोशल मीडिया के बारे में कुछ सामान्य बाते जान चुके होंगे अगर आपको हमारी पोस्ट पसंद आई हो तो इसे शेयर जरूर कीजियेगा और किसी भी तरह के अन्य सवाल या सुझाव के लिए आप कमेंट कर सकते हैं.

इन आसन तरीकों से अपने आधार कार्ड में सुधार/अपडेट/Correction करें Online या Offline


क्या आप अपने आधार कार्ड में सुधार करना चाहते हैं ?UIDAI ने आधार कार्ड को अपडेट करने या किसी भी तरह के सुधार/आधार कार्ड करेक्शन को ऑनलाइन और ऑफलाइन तरीके से करके लोगों के लिए  आसान बना दिया है।अब आप भी आसानी से अपना आधार कार्ड  में सुधार या आधार  कार्ड अपडेट कर सकते हैं.आधार कार्ड का पता, नाम, जन्म तिथि, मोबाइल नंबर और आधार कार्ड पर ईमेल आईडी अपडेट या करेक्शन के लिए निचे दिए गए  Steps को follow करें.

आधार कार्ड में सुधार/अपडेट/Correction


#. आधार कार्ड में सुधार या किसी गलती को ठीक करना क्यों जरूरी है ?

हर एक भारतीय नागरिक के लिए आधार कार्ड  महत्वपूर्ण  और जरूरी हो चुका है, आधार कार्ड बनवाते समय  गलत जानकारी देना ,Spelling mistakes और अन्य गलतियों के कारण  आपके आधार  विवरण या personal Detail में बहुत सी समस्याएं हो सकती हैं।

उदाहरण के लिए -: आधार कार्ड और Pan कार्ड को लिंक करना , जो की बहुत सी Services के लिए प्रभावी रूप से अनिवार्य है, और साथ ही आपकी सभी details इन  दोनों Documents पर Same या मिलते जुलते  होनी चाहिए । अगर आपके Name, Gender और Date Of Birth, दोनों दस्तावेजों  पर समान  नहीं है, तो आपको आधार और पैन को लिंक करने में बहुत सी दिक्कतें आ सकती है या हो सकता है की आपका पैन और आधार लिंक ही न हो पाए. इसके अलावा बहुत से ऐसे अन्य कारण भी हो सकते हैं जिनके लिए आपको अपने 12 अंकों के Unique Identity Proof को अपडेट करने की जरूरत पड़ेगी. जैसे की अगर आपका आधार कार्ड निष्क्रिय हो जाये.

UIDAI के Helpline और आधार नामांकन केंद्र के अधिकारियों के अनुसार, यदि आपने लगातार 3 सालों से  किसी भी लेनदेन या Transactions के लिए अपने आधार का उपयोग नहीं किया है(जैसे कि आपके बैंक खाते या पैन को लिंक करना )तो आपका आधार कार्ड निष्क्रिय (inactive),हो सकता है। यदि ऐसा होता है, तो आपको अपने आधार को अपडेट करना होगा।

≻ Bitcoin Kya Hai aur ye Kaise Kaam Karta Hai?
≻ JIO Coin Kya hai Iski Puri jankari Hindi Me

-:आधार कार्ड में सुधार/आधार कार्ड अपडेट/Correction करें Online या offline तरीके-:

अगर आप भी  अपने आधार को अपडेट करना चाहते हैं ,इन तरीकों से आप ऐसा कर सकते हैं.
UIDAI वेबसाइट के अनुसार, आधार में Apni Details को अपडेट या  Corection करने के तीन तरीके हैं:
1. अपने Details को Online अपडेट/सुधार  करें
2. By Post के  द्वारा अपडेट/सुधार करना 
3. अपने नजदीकी Enrolment Center में जाकर


#1. ऑनलाइन अपडेट करना/Online-:

आम तौर पर कोई भी व्यक्ति आधार कार्ड पर अपना पता ,नाम, जन्म तिथि, लिंग, मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी बदल सकता है। अपने  आधार कार्ड की  Details ऑनलाइन बदलने के लिए या आधार कार्ड अपडेट / बदलाव / सुधार के लिए इन Steps को Follow करें.

Step 1. सबसे पहले तो इस link से  UIDAI की Official Website पर Log On करें.https://ssup.uidai.gov.in/web/guest/update

Step 2. अपना आधार कार्ड नंबर  डालें और Text Verification बॉक्स में 4 नंबरों को सही सही डालें और फिर Send Otp पर क्लिक करें.

आधार कार्ड में सुधार/अपडेट/Correction

Step 3. Send Otp पर क्लिक करने के बाद आपके Registered Mobile नंबर पर एक OTP(One Time Password) प्राप्त होगा.

Step 4. OTP और Captcha code को डालें और Submit पर क्लिक करें.


Step 5. अब आपके सामने एक नया page खुलेगा, यहाँ पर आपको उन Fields को चुनना है जिनमे आप सुधार करना चाहते हैं या बदलना चाहते हैं और फिर Submit पर क्लिक करें .
जैसे की अगर आप अपना Address बदलना या सुधार करना चाहते हैं तो Address वाले box को चुने और Submit पर क्लिक करें.

आधार कार्ड में सुधार/अपडेट/Correction

Step 6. जिस भी detail को आप सुधार/अपडेट करना चाहते हैं उसके Proof Document को Scan करके  Upload करें.

Step 7. Document Proof upload करने के बाद एक URN(Update Request Number) मिलेगा जिससे आप अपने आधार कार्ड update Process को track कर सकते हैं.

Step 8. URN generated हो जाने के बाद आप Receipt को print कर सकते हैं  या फिर URN की Copy File को download कर सकते हैं.

आधार कार्ड में सुधार/अपडेट/Correction

Step 9. जब आपका आधार कार्ड Updated हो जायेगा तो आप अपना आधार कार्ड  Online ही Download/Print कर सकते हैं.

#2. Enrolment Centre में जाकर -:

आधार कार्ड धारक अपने नजदीकी आधार नामांकन केंद्र/Enrolment Center पर जाकर  भी अपने आधार कार्ड में सुधार /अपडेट कर सकते हैं .

Step 1. नामांकन केंद्र से आधार Correction Form प्राप्त करें और उसे सही सही  भरें.
इस बात का ध्यान रखें की आपको फॉर्म में सभी  Correct Information को भरना है न की उसे जो आपके आधार में पहले से ही दर्ज है.

Step 2. Form के साथ में जरूरी Document Proof की Self attested(स्वप्रमाणित ) Copy/प्रतियाँ  भी लगायें.
सभी दस्तावेजों को फॉर्म के साथ जमा कर दें.

Step 3. इस पूरी प्रक्रिया के लिए आपसे नामांकन केंद्र के द्वारा  25 रूपए  का  शुल्क लिया जायेगा या जब भी आप अपने आधार सुधार/अपडेट के लिए Enrolment center में जाते हैं तो आपको 25 रूपए निर्धारित शुल्क जमा करना होता है.

Step 4. आप अपनी सभी details जैसे की Biometric डाटा, फोटो, mobile नंबर, पता आदि. को आधार नामांकन केंद्र में Update कर सकते हैं.

#3. आधार कार्ड की Detail को By  Post के द्वारा सुधार/अपडेट कैसे करें-:

आप चाहे तो अपने आधार कार्ड को  Post के द्वारा भी  update कर सकते हैं.

Step 1. सबसे पहले तो दी गयी लिंक से update/correction फॉर्म को Download या Print out निकल लें.
https://nsdl.co.in/downloadables/pdf/Aadhaar-Data-Update-Form-03.pdf

Step 2. अब आपको इस पुरे फॉर्म को भरना है ,फॉर्म भरते समय in बातों का ध्यान रखें.
1. फॉर्म को capital letters/बड़े अक्षरों में ही भरना है.
2. अगर आपके आधार कार्ड में किसी Local language/भाषा का उपयोग किया गया है तो उसी भाषा में इस फॉर्म को भरें.
3. फॉर्म में सभी जानकारी सही सही भरें यानिकी जिस भी जानकारी में आपको सुधार/update करना है उसे सही भरें.
4. फॉर्म में आप जिस भी जानकारी में सुधार कर रहे हैं उसकी Proof Documents की Copy भी  साथ में लगायें.

Step 3. फॉर्म को भरने के बाद पूरी तरह से जांच ले.और निम्न पते पर Speed Post द्वारा भेज दें.

Address 2: UIDAI
Post Box No. 99,
Banjara Hills,
Hyderabad – 500034,
India

#4 . इस प्रक्रिया में लगने वाले कुछ जरूरी  दस्तावेज़/Documents

1 . अपने नाम में सुधार करने के लिए आपके पास इनमे से कोई भी एक  document होना चाहिए
  • पासपोर्ट
  • पैन कार्ड
  • वोटर कार्ड/Voter Id
  • ड्राइविंग लाइसेंस
2 . Address proof documents
  • पासपोर्ट
  • बैंक का statementजिसमें आपका खाता हो
  • बैंक की पासबुक
  • डाकघर का खाता विवरण या पासबुक
  • राशन कार्ड
  • मतदाता पहचान पत्र
  • ड्राइविंग लाइसेंस
  • सरकार द्वारा जारी फोटो पहचान पत्र
  • पिछला 3 महीने का बिजली बिल
  • टेलीफोन से संबंधित पिछले तीन महीने का लैंडलाइन बिल
3 . Date of birth Document proof
  • जन्म प्रमाणपत्र
  • पासपोर्ट
  • किसी राजपत्रित अधिकारी या तहसीलदार द्वारा प्रमाणित जन्म तिथि प्रमाणपत्र
इन सभी दस्तावेज़ों की सहायता से आप अपने आधार कार्ड में सुधार या update कर सकते हैं."

अगर आपको आधार कार्ड में सुधार या आधार कार्ड अपडेट/Correction करने में कोई भी दिक्कत आ रही हो तो आप कमेंट कर के हमसे पूछ सकते हैं और इस पोस्ट को ज्यादा से ज्यादा share जरूर कीजियेगा।


What is Internet In Hindi-इंटरनेट क्या है और इसकी पूरी जानकारी हिंदी में


Internet क्या है-What Is Internet In Hindi , जिसे हम कभी कभी Net या Web भी कहते हैं,ये एक ऐसी चीज़ है जो आजकल हर किसी व्यक्ति के दैनिक जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है.
अगर Internet है तो कोई भी व्यक्ति एक ही जगह बैठकर पूरे दिन भर अपना Time pass कर सकता है या घर बैठे अपने Mobile या Computer से Internet पर बहुत सारे काम कर सकता है.इंटरनेट का हमारे जीवन इस प्रभाव पड़ चुका है कि हम 1 मिनट भी Internet के बिना नही रह सकते हैं.

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आजकल हर कोई अच्छी तरह से जानता है कि इंटरनेट कैसे चलाना है या फिर इसके क्या क्या उपयोग हैं लेकिन बहुत ही कम लोग ये जानते हैं कि इंटरनेट क्या है?ये कैसे बना और इसे किसने बनाया? मेरा मानना ये है कि अगर हम अपने Daily Life में किसी चीज़ का उपयोग कर रहे हैं तो हमे उसकी सामान्य जानकारी तो जरूर होनी चाहिए.इसलिए आज में आपको बताऊंगा की What is Internet In Hindi और ये कैसे काम करता है.

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#1. इंटरनेट क्या है-:What Is Internet In Hindi?

क्या आप सोच सकते हैं कि एक समय ऐसा भी था जब आप Facebook, Twitter, Email, Snapchat, Whatsapp Chat आदि. कुछ भी नही कर सकते थे क्योंकि ये सबकुछ संभव नही हुआ करता था. लेकिन आज ये सभी चीज़ हम कुछ ही Seconds में कर सकते हैं, घर बैठे ही किसी दूर के व्यक्ति से बात कर सकते हैं, Video Call कर सकते हैं और ये सब कुछ संभव हुआ है Internet की मदद से. 

Webopedia के अनुसार,इंटरनेट बहुत सारे आपस मे जुड़े हुए या Connected Networks का एक Worldwide system है.हर एक नेटवर्क बहुत सारे Computers, Servers, Routers और Printers से मिलकर बना हुआ है.सामन्यतः आप Internet को एक Telephone network की तरह ही समझ सकते हैं,बहुत से लोग इसका उल्लेख(Refer) एक Information Super Highway की तरह भी करते हैं. 

#2. इंटरनेट को किसने बनाया?

इंटरनेट की शुरुआत 1969 में हुई थी,इसे U.S Defence Department(आमेरिकी रक्षा विभाग) ने बनाया था,सबसे पहले Internet network को Advanced Research Project Agency Network(ARPANET) का नाम दिया गया था. 

अमेरिकी सरकार का Internet को बनाने का मुख्य मकसद ये था कि किसी भी अमेरिकी यूनिवर्सिटी(US University) में रिसर्च करने वाले scientist यूनिवर्सिटी के Computers से किसी दूसरी यूनिवर्सिटी के Scientists से आपस मे बात कर सकें और जिस भी Research पर वो काम कर रहें हैं उसकी जानकारी का आपस मे लेनदेन कर सकें.

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शुरुआत में इसे एक गुप्त नेटवर्क(Private Network) के तौर पर बनाया गया था और इसके शुरुआती दौर में कोई भी व्यक्ति या User बिना किसी Permission के किसी भी दूसरे Computer को न कोई जानकारी भेज सकता था और न ही कोई जानकारी ले सकता था.लेकिन आज Internet के उपयोग Public, Cooperative और Self Usable है और कोई भी इसका उपयोग कर सकता है. 

#3. इंटरनेट काम कैसे करता है?

हम जान चुके हैं कि इंटरनेट क्या है और इसकी शुरुआत कैसे हुई थी?अब हम बात करेंगे कि इंटरनेट काम कैसे करता है.

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अपने Computer या मोबाइल पर इंटरनेट की मदद से आप किसी दूसरे व्यक्ति से संपर्क कर सकते हैं, बात कर सकते हैं, किसी भी तरह की जानकारी, Multimediaजैसे कि फ़ोटो,वीडियो,मैसेज आदि का आदान प्रदान कर सकते हैं. और ये सब कुछ संभव हो पाता है इन चीज़ों की वजह से.

HardWare-: बहुत सारी optical Fiber cables या फाइबर की तारों की मदद से इंटरनेट चलता है.जिस तरह से टेलीफोन कम्युनिकेशन के लिए तार बिछाई जाती है ठीक उसी तरह से इंटरनेट के लिए भी पूरी दुनिया मे Optical Fiber की तार बिछाई गई है.आम तौर पर इन तारों को समुद्र के नीचे बिछाया जाता है जिसे Submarine Cable भी कहते हैं.समुद्र के नीचे बिछाये जाने का कारण ये है ताकि इन तारों को कोई नुकसान न पहुंचे.

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Server-: Server/सर्वर एक Computer या Data Center होता है जो सभी Websites को स्टोर/संग्रह करके रखता है.सर्वर का काम किसी भी User/clients को किसी भी वेबसाइट से कनेक्ट करने के लिए या फिर किसी वेबसाइट में मौजूद जानकारियों को Access करने के लिए अनुमति देने का होता है. इसे हम Hosting server भी कहते हैं. 

Clients-: Client का मतलब है की ऐसा computer जिसपर Internet का उपयोग किया जा रहा है जैसे कि -:लैपटॉप, कंप्यूटर,मोबाइल,टेबलेट आदि. सभी Clients का खुदका एक Unique Address ya पता होता है जिसे IP(Internet protocol)Address भी कहा जाता है.

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Internet Service Provider(ISP)-: Internet service Provider या ISP का मतलब है कि ऐसी कंपनियां या आर्गेनाईजेशन होती है जो कस्टमर्स या आम लोगों को Internet Connection प्रदान करती हैं और सजे बदले में हमें उन्हें पैसे देने होते हैं.ISP कंपनियां नई टेक्नोलॉजी से Internet डाटा को संचारित या transmit करती हैं जैसे कि-: DSL, Cable के द्वारा, Wifi, Broadband आदि. 

Routers-: राऊटर को हैम ट्रैफिक कंट्रोल कम्प्यूटर्स भी कहते हैं. 2 या उससे ज्यादा इंटरनेट नेटवर्क के बीच मे जब भी किसी information का आदान-प्रदान किया जाता है तो Routers उस information को बिना किसी रुकावट के उसकी सही जगह तक पहुंचा देता है या फिर हम कह सकते हैं कि राऊटर 2 या उससे ज्यादा नेटवर्क को आपस ने जोड़ने के काम करता है. 

ये एक Dispatcher/Controller का काम करता है ताकि जिस भी जानकारी का Internet पर आदान प्रदान किया जा रहा है वो अपनी सही जगह पर पहुंचे और बहुत ही तेज़ी से या जल्दी पहुँचे. 

Domain Name System/Server-: इंटरनेट पर किसी भी Website को ओपन करने के लिए Domain Name System(DNS) बहुत जरूरी होता है. सामान्यतः जब भी हम इंटरनेट पर कोई वेबसाइट(www.example.com)  Search करते हैं तो DNS उस Web Address को एक IP Address में Translate करके उस Website को उसके Hosting Server से कनेक्ट कर देता है.Hosting सर्वर से कनेक्ट हो जाने पर Website ओपन हो जाती है और website पर मौजूद सभी जानकारी हमे मिल पाती है. 


#4. India में इंटरनेट की शुरुआत कब हुई?

15 अगस्त,1995 को विदेश संचार निगम लिमिटेड(VSNL) ने पूरे भारत मे सभी लोगों के लिए Internet सेवाएँ जारी की थी,आज भारत मे इंटरनेट को पूरे 22 साल हो चुके हैं. 

शुरुआत में India में इंटरनेट की अधिकतम स्पीड सिर्फ 50kbps थी इसके बाद 2002 ने रिलायंस ने CDMA सर्विस को launch किया था जिसके बाद से Mobile में Internet चलाने की लोकप्रियता बढ़ गयी थी.

#5. Internet के फायदे और नुकसान?

#1. Advantages(फायदे )
  • इंटरनेट की सहायता से हम पूरी दुनिया से जुड़े रह सकते हैं.
  • किसी भी समय या 24 घण्टे इसका उयोग कर सकते हैं.
  • इंटरनेट की मदद से हम अपने व्यवसाय, व्यक्तित्व आदि को विकसित कर सकते हैं.
  • Online बात चीत, वीडियो कॉल, फ़ोन, आदि भी इंटरनेट की वजह से ही सम्भव हो पाता है.
  • इंटरनेट से हम किसी भी तरह की Payment ले भी सकते हैं और दे भी सकते हैं जैसे कि – बैंक ट्रांसफर, नेट बैंकिंग, बिल, रिचार्ज आदि.

#2. Disadvantages(नुक्सान )
Internet के आने पर बहुत सी नई चीजों का विकास हुआ है लेकिन इसकी वजह से बहुत सी ऐसी चीजों की भी शुरुआत हुई है जो Internet के सबसे बड़े नुकसान हैं जैसे कि-: 
  • Spamming
  • Hacking(हैकिंग करना)
  • Internet Viruses
  • Cheating(धोखाधड़ी )
  • Cyber Crimes(साइबर अपराध )
  • Identity theft(खुद की पहचान चोरी होना )
  • Depression( इंटरनेट का आदि हो जाने पर तनाव जैसे समस्याएं होना

#. निष्कर्ष-:

आज लगभग करोड़ों लोग हर दिन इंटरनेट का इस्तेमाल करते हैं.कुछ इसका सदुपयोग करते हैं तो कुछ इसके द्वारा गलत कामों (साइबर अपराध) को अंजाम देते हैं. बहुत से लोगों ने इंटरनेट और ही अपना भविष्य विकसित किया है और इसे ही अपनी आय का स्त्रोत बनाया है. लेकिन बहुत से लोग ऐसे भी हैं गलत तरीके से इंटरनेट का उपयोग करके पैसे कमाते हैं या किसी अपराध को अंजाम देते हैं और बाद में उन्हें पछताना पड़ता है.  
इन बातों से मेरा मतलब ये है कि हमे Internet का उपयोग तो करना चाहिए लेकिन एक सीमा में रहकर.क्योंकि अगर इसकी लत लग जाये तो इससे बाहर निकलना बहुत मुश्किल होता है। इसके अलावा इंटरनेट का use पूरी सुरक्षा के साथ करना चाहिए ताकि आगे चलकर आपको किसी hacking, spamming, और किसी धोखाधड़ी का शिकार न होना पड़े. 

मुझे उम्मीद है कि अब आप जान गए होंगे कि What is Internet In Hindi या Internet kya hai  और क्या फायदे , नुक्सान है. मैं चाहता हूं कि आप इस पोस्ट को अपने जभी दोस्तों, और सोशल मीडिया पर शेयर जरूर करें ताकि और भी लोगों को internet की सामान्य जानकारी मालूम हो सके.


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