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KYC क्या है? What is KYC in hindi

KYC क्या है? What is KYC in hindi Admin 5 of 5
आज में आपको बताऊंगा की KYC kya hai - what is KYC in hindi KYC (Know your customer) का ही एक संक्षिप्त रूप है।वर्तमान में भारतीय रिजर्व ...

आज में आपको बताऊंगा की KYC kya hai - what is KYC in hindi KYC (Know your customer) का ही एक संक्षिप्त रूप है।वर्तमान में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) भारत में काम कर रहे सभी बैंकों को नियंत्रित करता है। RBI के मुताबिक सभी बैंकों को kyc लागु करना अनिवार्य है। Kyc को RBI ने Money Laundring की रोकथाम के लिए शुरू किया है।

kyc kya hai


#1. KYC kya hai? What is kyc in Hindi

KYc यानिकि Know your Customer का नाम आपने किसी banking या financial  से संबंधित क्षेत्र में जरूर सुना होगा। kyc एक ऐसी प्रक्रिया है जिसके द्वारा banks अपने customers की indentity(पहचान) और address(पता) से संबंधित जानकारियां प्राप्त करते हैं।Kyc के द्वारा यह बात सुनिश्चित की जाती है कि customer के द्वारा बैंक की सेवाओं(Services) का दुरुपयोग(missused) नही किया जा रहा।किसी भी बैंक में केवाईसी प्रक्रिया नया खाता खुलवाने के दौरान ही पूरी कर दी जाती है और साथ ही banks समय समय पर अपने customer की kyc detail को update karte रहते हैं।

#3. e-KYC क्या है?

E-kyc का मतलब है electronic-kyc  ये एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमे digital तरीके से आपकी details को verify  किया जाता है। E-kyc प्रक्रिया में आधार कार्ड के अहम भूमिका निभाता है या यूं कहें कि जिनके पास आधार कार्ड है सिर्फ वो ही लोग e-kyc सेवा का उपयोग कर सकते हैं।

UIDAI ने कुछ इस प्रकार का system तैयार किया है जिसके द्वारा कोई भी user अपने आधार कार्ड नंबर से ही अपनी KYC जैसी details को verify कर सकता है जिसके लिए phone नंबर या Biometric(fingr print) की जरूरत पड़ती है.e-KYC के लिए भी आपको किसी दस्तावेज़ की जरूरत नहीं पड़ती बल्कि आपको अपने aadhaar number को provide करना होता है और फिर आपके registered mobile number पर otp भेजकर या फिर finger print के द्वारा आपकी identity को verify किया जाता है। Identity verify होने के बाद UIDAI आपकी kyc details(name , gender, photograph, age address) को digital रूप में आपके bank को transfer कर देता है। e-KYC प्रक्रिया को PML(Prevention of money laundering) rule के तहत valid घोषित किया गया है.

#4. किसी बैंक में खाता खोलने के लिए KYC requirments क्या हैं?

किसी भी बैंक में account खोलने के लिए ग्राहक को एक पहचान पत्र(Proof of identity) और proof of address के साथ अपनी कुछ हाल ही में खिंचवाई गयी photos की जरूरत होती है।

#5. Proof of Identity और Proof of address के लिए कोनसे documents valid हैं?

भारत सरकार ने 6 documents (Passport, Voter id, PAN card, Aadhaar card, Driving license, NREGA job card )  को Proof of identity  के लिए Official valid documents घोषित किया है और यदि इन documents में आपका Address भी मौजूद है तो आप इन्हें Address proof के लिए भी इस्तेमाल कर सकते हैं और अगर इन पर आपका address मौजूद नही है तो आप किसी अन्य document (जिस पर आपका पता मौजूद हो) को address proof के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं।

#6. Paytm KYC क्या है ?

जब  भी आप एक paytm account के लिए signup करते हैं तो आपका एक paytm wallet create किया जाता है और RBI के नियमनुसार उस wallet के द्वारा आप  हर महीने सिर्फ 20,000 रूपए तक का लेन देन( Transaction) कर सकते हैं।

इस limit को बढाने या wallet को free में upgrade करने के लिए हमें Paytm KYC करवानी होती है ताकि हम महीने में 20,000 रूपए से अधिक का transaction कर सकें। paytm KYC करवाने से आपको निम्न फायदे होंगे-

  1. No spending limit
  2. Special offers and more cashbacks
  3. आप आना Paytm payment bank खोल सकते हैं जिसके लिए आपको एक digital Debit card भी provide किया जायेगा जिससे आप कोई भी online payment या transaction कर सकते हैं।

Paytm KYC customer बनने के लिए आपको KYC करवानी होगी जिसके लिए आपको अपना Proof of identity और Proof of address verified करवाना होगा। paytm केवाईसी करने के तरीके-:

  • अपने paytm account या app को open करें और अपनी Top right corner पर  profile को open करें।
  • Profile section में "Request wallet upgrade" पर क्लिक करें।
  • अब "Paytm KYC" को select करें। इसके बाद आपके सभी नजदीकी KYC centers की list open होगी।

-: Paytm KYC आप दो तरीके से कर सकते हैं.
1. अपने नजदीकी paytm KYC center में जाकर अपने documents verify करके( Aadhaar card and Pan card)
2. KYC agent को अपने घर या office में बुलाकर।

-: मुझे उम्मीद है की आब आप जान चुके होंगे की KYC kya hai - what is KYC in hindi. अगर आपका केवाईसी से सम्बंधित कोई भी अन्य सवाल है तो आप हमें कमेंट अथवा contact करके पूछ सकते हैं।  अगर आपको पोस्ट पसंद आई हो तो इसे share करना मत भूलियेगा। 

अपना आधार कार्ड चेक कैसे करें? Aadhaar card check karna hai 2018

अपना आधार कार्ड चेक कैसे करें? Aadhaar card check karna hai 2018 Admin 5 of 5
आज की इस पोस्ट में मैं आपको बताऊंगा की आप online या फिर offline अपना आधार कार्ड चेक या आधार कार्ड चेक करना है तो  कैसे कर सकते हैं? एक ब...

आज की इस पोस्ट में मैं आपको बताऊंगा की आप online या फिर offline अपना आधार कार्ड चेक या आधार कार्ड चेक करना है तो  कैसे कर सकते हैं? एक बार आपको आधार acknowledgment slip  मिलने के बाद, आप online या offline अपने आधार कार्ड की स्थिति देख सकते हैं। आपको अपनी UIDAI आधार स्थिति को track  करने के लिए सिर्फ अपना आधार enrollment number प्रदान करना होगी। नीचे मैंने कुछ तरीके बताएं हैं जिनसे आप आधार कार्ड चेक कर सकते हैं.UIDAI की official website पर जाकर कोई भी आवेदक अपने आधार कार्ड स्टेटस् को online चेक कर सकता है वो भी बिना किसी शुल्क या charge के। बस आपको निचे दिए गए steps को follow करना है।

#. अपना आधार कार्ड चेक करना है ? Aadhaar card status check in hindi 2018


Step 1: UIDAI की official website (https://uidai.gov.in/) पर जाएं।

Step 2: Aadhaar enrolment section में " Check aadhaar status" पर क्लिक करें. या फिर आप  इस link पर click करके भी check aadhaar status page पर जा सकते हैं https://resident.uidai.gov.in/check-aadhaar-status 

आधार कार्ड चेक


Step 3: अब यहाँ पर आपको अपनी आधार Enrolment id , enrolment की तारीख और समय , एवं Security code डालना है और फिर Check status पर click करें।

आधार कार्ड चेक


Step 4: अगर  आपका आधार बन चुका(generated)होगा , तो आपको इसके बारे में एक message मिलेगा और आपके ई-आधार कार्ड को ऑनलाइन डाउनलोड करने या इसे अपने registered मोबाइल नंबर पर प्राप्त करने के options मिलेंगे।

Step 5: अगर आप अपना ई-आधार डाउनलोड करना चाहते हैं, तो Download aadhaar  पर क्लिक करें।

Step 6: अगर आप अपने मोबाइल पर अपना आधार प्राप्त करना चाहते हैं, तो Get Aadhaar on Mobile पर क्लिक करें। आपके registered mobile नंबर पर आधार कार्ड भेज दिया जायेगा।

आधार कार्ड चेक


#2.  अपने mobile नंबर से आधार कार्ड स्टेटस् चेक कैसे करें?

आपको अपने मोबाइल पर आधार स्थिति की जांच करने के लिए इन steps को follow करना होगा:-

1. अपने registered mobile नंबर से इस sms को type करें “UID STATUS <14 digit enrolment number>” और 51969 पर भेजें।              
Note-: 14 digit enrolment number की जगह पर अपना enrolment नंबर लिखे।
Ex. UID STATUS 12345678912345    Send to 51969

2. अगर आधार कार्ड बन चुका है , तो  आपको आधार संख्या वाला एक sms प्राप्त होता है।
3. अगर आधार नहीं बना होगा , तो आपको आधार की वर्तमान स्थिति के साथ एक sms भेजा जायेगा।


#3. बिना Acknowledgement slip या Enrolment id के आधार कार्ड स्टेटस् कैसे चेक करें?

Verification process पूरी हो जाने बाद आपको एक acknowledgement slip दी जाती है जिसपर enrolment नंबर मौजूद होता है। लेकिन अगर किसी भी कारण से, वह slip खो जाये या क्षतिग्रस्त हो जाये, या फिर आप अपना  enrolment नंबर  भूल गए हैं , तो नीचे दिए गए steps को follow करके आप बिना slip के भी अपने आधार कार्ड स्टेटस् को चेक कर सकते हैं।

Step 1: सबसे पहले तो दी गयी link पर click करें। https://resident.uidai.gov.in/web/resident/find-uid-eid 

Step 2: अब यहाँ पर एक Form खुलेगा जिसमे आपको 2 options मिलेंगे।  1. Aadhaar number(UID) 
2. Enrolment Number(EID). हमें अपना  enrolment नंबर जानना है इसलिए हम enrolment number(EID) को select करेंगे।

Step 3: आपको कुछ details जैसे की - Full name , Email, Mobile आदि fill करने हैं।

Step 4: सभी details भरने के बाद screen पर दिखाई देने वाले  security code को fill करें।
Step 5: अब Send Otp पर क्लिक करें।

Step 6: Otp या तो email id या फिर मोबाइल नंबर पर प्राप्त किया जा सकता है। Enter Otp field में अपना otp enter करे।

Step 7: Verify Otp पर क्लिक करें।

आधार कार्ड चेक

Step 8:  Verification success हो जाने बाद आपके registered mobile नंबर या email id पर आपको अपना आधार enrolment number प्राप्त हो जायेगा। 
enrolment नंबर मिल जाने के बाद आप ऊपर दिए गए steps की मदद से अपना आधार कार्ड चेक कर सकते हैं।

अगर आपको भी अपना आधार कार्ड चेक करना है तो  मुझे उम्मीद है की ये पोस्ट आपके लिए जरूर helpful रही होगी। आपका इस पोस्ट से सम्बंधित कोई भी सवाल हो तो हमसे कमेंट अथवा हमें mail कर सकते हैं। अगर आपको हमारी पोस्ट आधार कार्ड चेक कैसे करे? पसंद आई हो तो हमें कमेंट कर के जरूर बताएं और साथ ही हमारी पोस्ट को share जरूर करें।

Email id kaise banaye- complete guide in hindi 2018

Email id kaise banaye- complete guide in hindi 2018 Admin 5 of 5
आज की पोस्ट में हम जानेंगे की Email id kaise banaye? आज के समय में हर व्यक्ति के लिए email बहुत जरूरी हो चुका है इससे पहली पोस्ट में मै...

आज की पोस्ट में हम जानेंगे की Email id kaise banaye? आज के समय में हर व्यक्ति के लिए email बहुत जरूरी हो चुका है इससे पहली पोस्ट में मैंने बताया था की email क्या है और इसे कैसे use किया जाता है? ईमेल आज के समय की digital technology का एक अहम हिस्सा है।  पहले समय में किसी mail या message को postmail के माध्यम एक जगह से दूसरी जगह  भेजने के लिए जहाँ हमें महीनो तक इंतज़ार करना पड़ता था आज वो ही काम email की मदद से कुछ ही सेकंड्स में पूरा हो जाता है  और इसकी एक ख़ास बात ये है की हम email id के माध्यम से किसी message के साथ साथ digital files जैसे की images, videos, pdf, audio आदि। को भी भेज सकते हैं वो भी बिना किसी stamp या टिकट के क्युकी ये पूरी सेवा बिलकुल मुफ्त है इसके अलावा लगभग सभी online services को इस्तेमाल करने के लिए email id आवश्यक होती है।  किसी भी email का उपयोग करने के लिए हमें सबसे पहले एक email id की जरूरत होती है तो चलिए जानते हैं की ईमेल ईद कैसे बनाए? 

email id kaise banaye

#. Email id kaise banaye-: complete guide in hindi 2018

Communication के लिए आज की दुनिया में एक email id(ईमेल ईद) होना आवश्यक है। एक ईमेल id अपने users को अपने परिवार और दोस्तों के साथ बात चीत करने,रोजगार के लिए online resume भेजने, online shopping या bill भरने पर receipts(रसीद) प्राप्त करने और विभिन्न वेबसाइटों के साथ membership और खाते बनाने जैसे कार्यों की अनुमति देता है। इन्टरनेट पर बहुत से email service providers मोजूद हैं लेकिन में आपको  सबसे लोकप्रिय और मुफ्त email service provider  gmail(जीमेल) और yahoo  पर खुदकी email id बनाने के तरीके बताऊंगा। 

#1. Gmail Id कैसे बनाए?(जीमेल आईडी)

-: सबसे पहले तो mail.google.com पर जाएँ। 
-: अब Create an Account पर क्लिक करें। 

gmail id kaise banaye

अब यहाँ पर आपको एक form fill करना है। 
1. इन दो boxes में आपको अपना पूरा नाम डालना है. पहले वाले box में पहला नाम और दुसरे वाले में last name

2. यहाँ पर आपको अपना username लिखना है जैसे की- yourname123, yourname6565 आदि। 

3. यहाँ पर आपको अपनी email id के लिए एक strong password select करना है और confirm password वाले box में दुबारा से password enter करना है। 
4. अब next पर क्लिक कर दें। 

gmail id kaise banaye

5. इस box में आपको अपना mobile number add करना है. यह optional है लेकिन अगर mobile नंबर email id से linked होगा तो कभी भी password भूलने पर आप आसानी से अपना पासवर्ड recover कर सकते है। 

6. यहाँ पर आपको अपनी जन्म तिथि(date of birth) select करनी है। 
7. अपना gender select करें और next पर क्लिक करें. अब आपका जीमेल account बन चुका है। 

gmail id kaise banaye


#2. Yahoo mail कैसे बनाए?

1. सबसे पहले https://login.yahoo.com/account/create को open करे। 

2. Link को open करने बाद एक छोटा सा फॉर्म खुलेगा जिसमे आपको अपनी details जैसे की-name, username, phone number, D.O.B आदि  भरनी है.(जैसा मेने gmail के steps में बताया है) 

3. Details भरने के बाद Continue पर click करें। 

yahoo id kaise banaye


4. Continue करने के बाद आपको अपना mobile नंबर verify करना है इसलिए Text me An Account Key पर क्लिक करें। 
5. क्लिक करने के बाद आपके mobile नंबर पर 5 अंको का एक नंबर भेजा जायेगा. उस नंबर को यहाँ पर डाले और verify पर क्लिक करे। 

yahoo id kaise banaye

6. Finally आपका yahoo mail account बन चुका है. Terms and condition box पर tick करें और continue पर क्लिक करें। 
yahoo id kaise banaye

-: मुझे उम्मीद है की आपको हमारी पोस्ट Email id kaise Banaye? पसंद आई होगी। अगर आपका email id से सम्बंधित कोई भी सवाल हो तो आप हमसे कमेंट के माध्यम से पूछ सकते हैं। अगर पोस्ट पसंद आई हो तो इसे share जरूर कीजियेगा। 


ईमेल क्या है ? What is email in Hindi

ईमेल क्या है ? What is email in Hindi Admin 5 of 5
क्या आप जानते हैं कि Email kya hai? What is email in Hindi कुछ दशकों पहले तक एक जगह से दुसरीं जगह तक किसी संदेश को पहुंचाने के लिए महीनों...

क्या आप जानते हैं कि Email kya hai?What is email in Hindi कुछ दशकों पहले तक एक जगह से दुसरीं जगह तक किसी संदेश को पहुंचाने के लिए महीनों लग जाते थे क्योंकि उस समय मे किसी संदेश के आदान प्रदान के लिए पोस्ट या डाक ही एकमात्र option था। लेकिन आज के Modern जमाने और Modern Technology की बदौलत सैकड़ों काम कुछ चंद मिनटों में पूरे हो जाते हैं। इसी Modern Technology में शामिल है Email या Electronic mail जिसकी मदद से आज किसी भी Mail या सन्देश को बिना किसी डाक या पोस्ट के द्वारा भी अपने Phone या

Computer से ही दुनिया के किसी भी कोने में भेज सकते हैं और ख़ास बात ये है की डाक या Post की तरह किसी mail को भेजने के लिए आपको महीनों तक इंतज़ार नहीं करना पड़ता क्यूंकि ईमेल के द्वारा आप कुछ ही सेकंड में किसी भी तरह की मेल, documents, files, Media को दुनिया के किसी भी कोने में भेज सकते हैं। आज की पोस्ट में मैं आपको इस टेक्नोलॉजी के बारे में विस्तार से बताऊंगा की ईमेल क्या है? ये किस तरह से कार्य करती है? और ये कैसे बनी आदि.

email kya hai

-: Email kya hai? What is email in Hindi


#1. Email kya hai और इसकी शुरुआत कब हुई थी ?

email या e-mail का पूरा नाम electronic mail है, "email किसी भी computer या mobile में संगृहीत(Stored) ऐसीं information होती है जिसका आदान प्रदान दो user के बीच में telecommunication के माध्यम से किया जाता है "। एक सरल भाषा में कहें तो ईमेल एक message है जिसमे text, files, images और अन्य attachment शामिल होते हैं' जिसे एक network के द्वारा किसी एक व्यक्ति या बहुत सारे व्यक्तियों के ग्रुप को भेजा जाता है। आज के समय में अधिकतर लोग, व्यवसाय और कंपनियां एक दुसरे से communication के लिए ईमेल का ही इस्तेमाल करते हैं।

सबसे पहली email 1971 में Ray Tomlinson ने भेजी थी। Tomlinson ने test email message के तौर पर वह ईमेल खुद को भेजी थी जिसमे कुछ text " Something like QWERTYUIOP." शामिल थे। इसके बाद 1996 तक postal mail की तुलना मे सबसे ज्यादा electronic mail भेजे जाने लगे थे।

#3. Email address या e-mail id क्या होती है?

सामान्यतः email address या id आपके ईमेल का पता होता है जिसके द्वारा आप किसी दुसरे व्यक्ति को mail भेज सकते हैं या फिर किसी दुसरे व्यक्ति से mail प्राप्त कर सकते हैं। एक email id कुछ इस तरह की होती है-"
example12@gmail.com, example@companyname.com.
  • किसी भी email address का पहला portion या @ से पहले वाला भाग user, group या company का नाम होता है। 
  • इसके बाद सभी email address में एक divider के तौर पर @ का उपयोग किया जाता है। Starting से ये सभी तरह के SMTP email address में use किया जाता है। 
  • @ के बाद अंत में Company के domain name का use किया जाता है। अगर आप किसी free email provider का उपयोग कर रहे हैं तो आपके email address के अंत में उसी कंपनी का domain name लिखा जायेगा जैसे की- username@gmail.com, username@hotmail.com आदि। 


#3. Email का आदान प्रदान(Send and Recieve) कैसे किया जाता है ?

एक email को भेजना और recieve करने के do तरीके हैं जिनमे से दूसरा वाला तरीका आज के समय में सबसे अधिक उपयोग किया जाता है।

1. E-mail Program
ई-मेल message को भेजने और प्राप्त करने के लिए, आप एक email program का उपयोग कर सकते हैं, जिसे email client, जैसे कि Microsoft outlook या Mozila thunderbird भी कहा जाता है। email client का उपयोग करते समय, आपके पास एक ऐसा server होना चाहिए जो आपके messages को Store और वितरित(Deliver) कर सके, यह server आपके ISP (Internet service provider) के द्वारा या किसी अन्य कंपनी के द्वारा provide की जाती है। एक email client को नए ईमेल डाउनलोड करने के लिए server से connect करने की आवश्यकता पड़ती है।

2. E-mail online
जैसा की मैं पहले बता चूका हूँ की ई-मेल भेजने और प्राप्त करने का ये  तरीका आज के समय में अत्यधिक लोकप्रिय हो चुका है और इसे email online या webmail भी कहते हैं जैसे की Gmail, yahoo mail, Outlook आदि। इनमे से बहुत सी email service बिलकुल मुफ्त हैं,  बस हमें एक account बनाने की जरूरत होती है और account बन जाने के बाद हम अपने computer या mobile से अपने account को access करके emails भेज  सकते हैं और प्राप्त कर सकते हैं।

#4. Email कैसे लिखते हैं ?

सभी ईमेल services के कुछ common features होते हैं जो की समान होते हैं। एक email लिखते समय निम्न fields required होते हैं।

1. To-: वह जगह है जहां आप उस व्यक्ति का ई-मेल address टाइप करते हैं जिसे message भेजना है या  जो आपके message को recieve करेगा।

2. From -: इस field में आपको अपना email address डालना होता है।

3. Subject -: इस field में आपको email का मुख्य topic लिखना होता है ताकि जिसे आप mail भेज रहे हैं उसे यह पता चल सके की ईमेल किस बारे में है। ये एक Optional field है।

email kya hai


4. Compose email या Message Body -: अंत में, compose email या message body वह स्थान है जहां आप अपना मुख्य message टाइप करते हैं। message टाइप करने के अलावा आप यहाँ पर कोई attachment जैसे की image, video , document भी add कर सकते हैं।

#5. E-mail के कुछ मुख्य फायदे?


ई-मेल के बहुत सारे फायदे हैं और postal mail की तुलना में  ई-मेल को use करने के भी कुछ फायदे हैं। कुछ मुख्य फायदे नीचे सूचीबद्ध हैं।

1. Free Delivery - Internet service और data usage को छोड़कर एक ई-मेल भेजना लगभग मुफ्त है। Postmail की तरह यहाँ पर stamp या टिकट खरीदने की कोई जरूरत नहीं है।

2. Global Delivery- हम किसी भी देश में या दुनिया भर में कहीं भी ई-मेल को भेज सकते हैं।

3. Instant Delivery - इन्टरनेट पर एक ईमेल को तुरंत भेजा जा सकता है और प्राप्तकर्ता (Recipient) द्वारा तुरंत प्राप्त(recieve) भी किया जा सकता है।

4. File attachment - एक email  में एक या उससे अधिक files को attach किया जा सकता है,यानिकी की email के साथ हम image, video, text files, audio files और अन्य documents भी भेज सकते हैं।

5. Long term Storage - ई-मेल इलेक्ट्रॉनिक रूप से stored होते हैं, यानिकी हम किसी भी email या file को लम्बे समय तक store करके रख सकते हैं।

6. पर्यावरणीय रूप से अनुकूल - एक email भेजने के लिए हमें किसी भी paper, packing tap, cardboard आदि की जरूरत नहीं पड़ती। इसलिए देखा जाये तो ये एक तरह से पर्यावरण को भी नुक्सान नहीं पहुंचाता।

#6. E-mail के द्वारा क्या-क्या भेज सकते हैं?

एक ईमेल में text message के साथ साथ हम अनेक प्रकार की files को भेज सकते हैं जैसे Pdf, images, movie, audio, video आदि। लेकिन कुछ security issue की वजह से बहुत सी  files को भेजना थोडा मुश्किल होता है। जैसे की बहुत सी कंपनियां .exe files को allow नहीं करती इसलिए सबसे पहले इन files को  .zip में compress करना पड़ता है।

इसके अलावा कुछ mail providers के file size को लेकर कुछ restrictions होते हैं जिनके कारण बड़ी size की files को email के द्वारा नहीं भेज सकते।

#7. एक Valid email की कुछ अन्य ख़ास बातें?

  • जैसा की में पहले ही बता चूका हूँ की किसी भी ईमेल address में username जरूर होता है जिसे @ से पहले लिखा जाता है। 
  • किसी भी email में username 64 characters से लम्बा और domain name 254 characters से लम्बा नहीं हो सकता है। 
  • Email address में सिर्फ एक ही @ का sign होना चाहिए। 
  • किसी भी ईमेल address के शुरू और अंत में Dot या Full stop ( . ) नहीं लगाया जा सकता। 

#. Conclusion

मुझे उम्मीद है की आपको पोस्ट पसंद आई होगी। अगर वाकई में आपको हमारी पोस्ट "Email kya hai" पसंद आई है तो थोडा समय निकालकर इस पोस्ट को share करना न भूलें।  अगर आप आगे भी हमसे इसी तरह की जानकारियां चाहते हैं तो अभी हमारी website को bookmark करके save कर लीजिये।  अगर आपके पास कोई भी सवाल या सुझाव हो तो आप हमें कमेंट के माध्यम से बता सकते हैं।

Wifi Ka Password Kaise Pata Kare- Complete Tutorial In Hindi 2018

Wifi Ka Password Kaise Pata Kare- Complete Tutorial In Hindi 2018 Admin 5 of 5
Wifi ka Password kaise pata kare?  क्या आप अपने Computer या Mobile से  connected wifi का password भूल गए हैं या फिर जानना चाहते हैं की Wif...

Wifi ka Password kaise pata kare? क्या आप अपने Computer या Mobile से  connected wifi का password भूल गए हैं या फिर जानना चाहते हैं की Wifi का पासवर्ड कैसे पता करते हैं? की  अक्सर हम हमारे फ़ोन या computer से connected वाई फाई का पासवर्ड भूल जाते हैं या फिर किसी दुसरे व्यक्ति के कंप्यूटर या मोबाइल का password जानने की कोशिश करते हैं। इसीलिए आज में आपको इस बारे में पूरी जानकारी दूंगा और बताऊंगा की किसी भी computer या mobile से  connected Wifi का पासवर्ड कैसे पता करते हैं।

wifi ka password kaise pata kare

Wifi ka Password Kaise Pata Kare? Complete Tutorial In Hindi 2018-:

#1. Computer में ?

Note-: ये किसी भी तरह की Hacking trick नहीं है बल्कि wifi password पता करने का Genuine तरीका है और इस विधि से आप अपने दोस्त के वाई फाई का password भी जान सकते हैं लेकिन इसके लिए आपको अपने दोस्त का Computer या Laptop access करना होगा ताकि आप उसका पासवर्ड जान सकें और अपने मोबाइल या PC में दोस्त का wifi use कर सकें।

1. जिस भी wifi नेटवर्क का password आपको पता करना है उस नेटवर्क से आपका कंप्यूटर जरूर connected होना चाहिए।

2. सबसे पहले तो अपने कंप्यूटर के Taskbar में दायीं तरफ Network या Wifi के icon पर क्लिक करें।

3. अब यहाँ पर सबसे निचे Open Network and Sharing Center या Network and Internet setting पर क्लिक करें।

4. अब Change Adaptor Setting पर क्लिक करें। अगर आपको ये Option नहीं मिल रहा तो सबसे पहले WiFi tab पर क्लिक करें।

5. यहाँ पर आपको अपने Current Wifi नेटवर्क को select करना है और उसपर Double क्लिक करना है। जो कुछ इस तरह से दिखेगा।

wifi ka password kaise pata kare

6. डबल क्लिक करने के बाद इस तरह की एक popup window open होगी। यहाँ पर आपको Wireless Properties पर क्लिक करना है।

wifi ka password kaise pata kare

7. Wireless Properties को select करने के बाद एक दूसरी popup window खुलेगी जिसमे आपको सबसे ऊपर security Tab को select करना है।

8. Security tab को select करने पर  आपको Network Security Key box दिखेगा इस box के निचे Show characters पर tick करें आपको आपका Wifi password दिख जायेगा।

wifi ka password kaise pata kare


#. Command Prompt के द्वारा 

1. अगर ऊपर दिया हुआ Method आपको समझ न आया हो तो इससे भी सरल विधि से आप computer में वाई फाई का पासवर्ड पता कर सकते हैं।

2. सबसे पहले तो Start menu Open करें और cmd टाइप करें। ( सिर्फ टाइप करें Enter न दबाएँ)

3. अब स्टार्ट menu में सबसे ऊपर Programs tab में cmd नाम की एक App आएगी। App पर Right Click करें और Run As Administrator पर क्लिक करें।

4. अब आपके सामने Command Prompt खुल चुका है। अगर आपको Network का नाम याद नहीं है तो सबसे पहले इस Code( netsh wlan show profile ) को टाइप करें और enter button दबाएँ, सभी Wifi Networks के नाम show होने लगेंगे।

5. अगर आपको wifi network का नाम अच्छी तरह से याद है तो दिए  गए code को कमांड prompt में टाइप करें और Enter का बटन दबाएँ। netsh wlan show profiles “Wifi NETWORK ” key=clear  ( wifi network की जगह पर अपने wifi नेटवर्क का नाम टाइप करें)

6. अगर आपने Network का name और Command को सही से टाइप किया होगा तो enter बटन दबाने पर आपके सामने कुछ इस तरह की details Show होंगी।

wifi ka password kaise pata kare

7. यहाँ पर सबसे Last  "security setting "tab में Key Content के सामने आपके wifi का Password होगा।



#2 . Mobile से?

Note-: अगर आप अपने Mobile से wifi का password पता करना चाहते हैं तो इसके लिए सबसे पहले आपको अपने Mobile को Root करना होगा।  लेकिन ध्यान रहे की Root करने के बाद आपके Phone की Warranty अमान्य(voided) कर दी जाएगी और फोन के Dead होने के chances भी बढ़ जाते हैं।

1. अगर आपने फ़ोन को Root कर लिया है तो इनमे से कोई भी एक file Manager app को install कर लीजिये। ( ES file Explorer, The Root Explorer, OI File manager .

2. अब file manager को Open करें और इन Folders को खोलें।  Data→Misc→Wifi 

3. फोल्डर को open करने के बाद  wpa_suppliciant.conf. file या wpa_suppliciant.conf. file  को Text Editor या Html Viewer की मदद से खोलें।

4. File open होने के बाद आप सभी Saved Wifi network के नाम और password देख पाएंगे।
Eg.
Network={
ssid="NETWORK_NAME_HERE"
psk="PASSWORD_HERE"
key_mgmt=WPA-PSK
priority=1

#. Without Root-: ये वाला Method बिना Root वाले Mobile phones के लिए है लेकिन इसके काम करने की संभावना बहुत कम है लेकिन Atleast आप इसे एक बात try जरूर कर सकते हैं।
-: एक बात का ध्यान रहे जिस भी wifi का password आप जानना चाहते हैं वो आपके फ़ोन से connected होना चाहिए।
1. अपने browser में 192.168.1.1 या 192.168.0.1  टाइप और search करें।

2. Search करने पर Router का Page open होगा जिसमे आपसे  Username और password माँगा जायेगा।  दोनों Field में आप common characters जैसे की  admin, admin@123,  आदि try करें।

3. Login Success होने पर Advance या Wireless tab को open करें आपको Password दिख जायेगा।

4. अधिकतर routers में आप password देख सकते हैं लेकिन अगर ऐसा नहीं होता तो आप खुद का password Create कर सकते हैं।

5. यदि  Router के page पर Login failed हो रहा है तो इसका मतलब है की Admin ने Default  password को change किया है  जिसे Crack कर पाना मुश्किल है।

तो ये थी हमारी आज की पोस्ट जिसमे मैंने आपको का Wifi ka Password Kaise Pata kare. मुझे उम्मीद है की आपको पोस्ट पसंद आई होगी। यदि आपका पोस्ट से जुड़ा कोई भी सवाल , Suggestion, या problem हो तो आप हमें निचे Comment के माध्यम से पूछ सकते हैं. अगर आपको पोस्ट पसंद आई हो तो इसे share करें और Notification bell  के द्वारा हमें subscribe करें।

Google Kya hai? What is Google in Hindi

Google Kya hai? What is Google in Hindi Admin 5 of 5
आज के समय मे बहुत ही कम लोगों को पता है कि Google kya hai?  लेकिन हम सभी गूगल का उपयोग लगभग हर दिन करते हैं।मेरा हमेशा से यही मानना है कि...

आज के समय मे बहुत ही कम लोगों को पता है कि Google kya hai? लेकिन हम सभी गूगल का उपयोग लगभग हर दिन करते हैं।मेरा हमेशा से यही मानना है कि जिस चीज़ का use हम अपनी daily life में करते हैं उस चीज़ की Basic Knowledge(सामान्य जानकारी) हमे जरूर पता होनी चाहिए।इसलिए आज में आपको गूगल बारे में विस्तार से बताऊंगा ताकि कभी जरूरत पड़ने पर आप इसे Describe कर सकें।

गूगल क्या है


#1. Google Kya Hai Ise Kisne Banaya?

Google दुनिया की सबसे बड़ी Search Engine वेबसाइट है जहां पर आप कुछ भी Search कर सकते हैं और बदले में आपको आपके Search से Related ढेर सारी जानकारियां जैसे कि Articals, Images, Videos आदि मिल जाएंगी। आप यहां पर A To Z किसी भी तरह की Information या Keyword सर्च करके उसके बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
लेकिन बात सिर्फ Search Engine तक कि सीमित नही है दरअसल Google एक Mutinational Company है जो Cloud Computing, Analytics, Maps आदि की सेवा भी प्रदान करती है और अपने अलग अलग Products( Advertising, Operating System, Chrome, Youtube, Playstation)की मदद से हर दिन करोड़ों रुपये का व्यापार करती है।Search Engine के साथ साथ Google के बहुत से अन्य Products और Services भी मौजूद हैं जो आज के समय मे अत्याधिक लोकप्रय हो चुकी हैं। 

#2. Google की शुरुआत कब हुई?

1. गूगल एक multinational company है और इसे वर्ष 1998 में दो युवकों Larry Page और Sergey Brin ने एक रिसर्च के तौर पर लॉन्च किया था।

2. जब इन्होंने गूगल को लांच किया था उस समय ये दोनों California की Standford University में Ph.D. के छात्र भी थे।

3. Larry page और Sergey Bin ने Google पर 1996 में रिसर्च शुरू की थी और गूगल को बनाने का मुख्य मकसद किसी योग्य website को rank करने का था यानिकि दो वेबसाइट की आपस मे तुलना की जाए और जिस वेबसाइट की Quality और योग्यता अधिक हो उसे सबसे पहले rank किया जाए।Backlinks क्या है

4. शुरुआत में Google को Googol का नाम दिया गया था जिसका मतलब होता है 1 के पीछे 100 शून्य।

5. अभी Google की कमाई का मुख्य स्रोत Advertising(विज्ञापन) है जो Advertising tool Google Adwords और Adsense के द्वारा किया जाता है। इन tool की मदद से किसी भी छोटे या बड़े Business की Advertisment की जा सकती है और इसी एडवरटाइजिंग की मदद से गूगल पैसे कमाता है। आज के समय में Google की कुल आय लगभग $51 Billion(खरब) है।

6. Google के Domain name Google.com को 15 सितंबर 1997 को Registered किया गया था। इससे पहले Google को Standford University की Website (Google.standford.edu और z.standford.edu) के अंतर्गत चलाया जाता था।

7. Larry page और sergey bin ने गूगल से पहले अपने Search Engine का नाम BlackRub रखा था क्योंकि ये सिस्टम किसी भी Website की Importance को जानने के लिए उसकी Backlinks को check करता था।

8. 1999 में Larry और Sergey ने Google को बेचने का निर्णय लिया था जिसके लिए उन्होंने Excite के Ceo George bell से $1 Million की मांग की थी लेकिन George bell ने Google को खरीदने से इनकार कर दिया था।

9. कंपनी ने 1999 में अपना नया Office Palo Alto, california में खोला था। ये जगह Silicon valley में स्थित है जहां पर विश्व की बड़ी बड़ी कंपनियों के Office स्थित हैं।

10. अभी Google के CEO भारत के सुंदर पिचाई हैं।

#3. Google के अन्य Products और Tools?

जैसा कि मैंने आपको बताया कि Search Engine के अलावा Google के बहुत से ऐसे Products और Tools हैं जो की बहुत Popular हैं और बहुत से Tools तो ऐसे भी हैं जिनका use हम हर दिन करते हैं।

1. Mobile Application-: 

इन सभी Products को मोबाइल पर इनकी App या किसी Browser के द्वारा के access किया जा सकता है।
  1. Drive-: इसे Google Docs के नाम से भी जाना जाता है। यहाँ पर आपको गूगल की तरफ से 15Gb free storage मिलता है जिसमे आप अपनी Files को स्टोर करके रख सकते हैं।
  2. Gmail-: ये Google की email service है जिसके द्वारा आप अपने फ़ोन या कंप्यूटर ये Email  send या Receive कर सकते हैं।
  3. Maps-: Maps के द्वार आप दुनिया के किसी भी कोने का map देख सकते हैं। इसके अलावा आप अपनी Location या आस पास की LocationTraffic और, नजदीकी business आदि देख सकते हैं।
  4. Google News-: गूगल न्यूज़ के द्वारा आप देश दुनिया latest खबरें पढ़ सकते हैं।
  5. Google+ -: Google+ एक सोशल network site है।
  6. Google Photos-: Google photos एक Unlimited storage provide करता है जहां पर आप अपनी Photos, Videos को store कर सकते हैं।
  7. Blogger-: ब्लॉगर google का फ्री Platform हैं जिसकी मदद से आप खुदका Blog/Website शुरू कर सकते हैं।
  8. Playstore-: Android फ़ोन में किसी भी तरह की Apps को आप Playstore से download कर सकते हैं
  1. Youtube-: Youtube एक वीडियो होस्टिंग सर्विस है जिसे Google ने खरीदा है।Youtube से पैसे कमााने के तरीके
  1. Google Translate-: किसी भी Language को translate करने के लिए गूगल ने Translate को लांच किया है।

इनके अलावा Google की और भी बहुत सी Apps है जिनका उपयोग बड़े पैमाने पर किया जाता है।

2. Operating System-:
  1. Android-: Android को हम सभी जानते भी हैं और इसका उपयोग भी करते हैं। Android एक Linux Based operating system है जिसका Use Mobile phones और Tablets में किया जाता है। आज के समय मे सबसे ज्यादा Android phones का ही उपयोग किया जाता है क्योंकि इन Phones की Performance भी अच्छि होती है और दाम भी सस्ते होते हैं।
  2. Chrome Os-: Chrome Os भी एक Linux based Operating सिस्टम है जिसको गूगल द्वारा खास तौर पर Web applications को run करने के लिए बनाया गया है। इसे सिर्फ Chromebook, Chromebox और Samsung 3 series पर ही चलाया जा सकता है।
  3. Wear Os-: wear os भी Android system की तरह है लेकिन इसका उपयोग Smart watches में किया जाता है।
  4. Android/Google  Tv-: Smart Tv’s में इन Operating system का उपयोग किया जाता है। 

3. Advertising services-:
  1. Admob-: admob एक mobile advertising service है जो  Android, Ios, Windows फ़ोन पर विज्ञापन provide करता है। 
  2. Adsense-: Google Adsense एक Contextual ad network है जिसकी मदद कोई भी website/video/blog owner या Publisher विज्ञापन के द्वारा पैसे कमा सकता है। 
  3.  Adwords-: किसी भी छोटे बड़े Online Business, Website, Blog आदि. की advertisment के लिए Adword को बनाया गया है। 

-: ये सभी Google के कुछ मुख्य प्रोडक्ट्स हैं लेकिन ये list यहीं पर ही समाप्त नहीं होती क्युकी Google के पास ऐसे ही 100 से अधिक products हैं जिन्हें हर दिन use किया जाता है। 

#. निष्कर्ष 

मुझे उम्मीद है की अब आप Google के बारे में सामान्य बाते जान चुके होंगे की Google Kya hai, इसकी शुरुआत कब हुई, गूगल को किसने बनाया और सभी Popular products आदि।  अगर आपका गूगल से सम्बंधित कोई भी सवाल या सुझाव है तो आप हमें निचे comment box में कमेंट करके बता सकते हैं। अगर आपको हमारी पोस्ट Google kya hai? पसंद आई हो तो इसे share जरूर कीजियेगा।

Website Kaise Banaye- Full Guide in Hindi 2018

Website Kaise Banaye- Full Guide in Hindi 2018 Admin 5 of 5
क्या आप Website kaise Banaye? Blog कैसे बनाये    के बारे में जानना चाहते हैं। अक्सर आपने Internet से पैसे कमाने के बारे में सुना होगा। मे...

क्या आप Website kaise Banaye? Blog कैसे बनाये  के बारे में जानना चाहते हैं। अक्सर आपने Internet से पैसे कमाने के बारे में सुना होगा। में आपको बताना चाहता हूं कि आज के समय मे Internet से पैसे कमाने का सबसे लोकप्रिय तरीका है Website या Blog से कमाई। आम तौर पर हम Google पर search करके किसी Website के माध्यम से अपनी किसी Problem का Solution ढूंढ लेते हैं या फिर कोई जानकारी प्राप्त करने के website या Blog की मदद लेते हैं। लेकिन बहुत कम लोग ये बात जानते है की उन्ही Website या Blog के Owner/मालिक अपनी वेबसाइट से पैसे भी कमा लेते हैं। अभी हम पोस्ट के मुख्य topic पर आते हैं और बात करते हैं की वेबसाइट या ब्लॉग कैसे बनायें? यहां पर में आपको वेबसाइट बनाने से संबंधित सभी जरूरी जानकारी और Steps बताऊंगा जिन्हें Follow करके आप आसानी से खुद की वेबसाइट बना सकते हैं।
सबसे पहले तो हम ये जान लेते हैं कि एक Website और Blog में क्या अंतर है?

website kaise banaye


#. Website Kaise Banaye? Full Guide in Hindi 2018 


-: सबसे पहले तो हम बात करते हैं की Blog क्या है?

  • एक ब्लॉग को किसी एक व्यक्ति या छोटी कंपनी के द्वारा चलाया जाता है। 
  • Blog को हम Web+log कहते हैं, समान्यत एक blog पर किसी Topic/Product/Person/ से सम्बंधित Articals लिखे जाते हैं  और उन articals को कोई भी व्यक्ति Blog के माध्यम से पढ़ सकता है। 
  • Blog पर Comment और Share system होता है यानिकी अगर किसी व्यक्ति को आर्टिकल पसंद आ जाये तो वो उस आर्टिकल पर अपनी टिपण्णी रख सकता है और उसे Share कर सकता है। 
  • ब्लॉग का एक अच्छा उदाहरण है Kyuaurkese.com जहाँ पर आप "Website kaise banaye" से सम्बंधित पोस्ट को पढ़ रहे हैं। 
  • जब भी हम Google पर कोई keyword search करते हैं तो website की बजाय अधिकतर result Blog के ही आते हैं क्युकी website पर हमें सिर्फ  किसी Specific product या service की जानकारी मिल सकती है जबकि ब्लॉग में ऐसा नहीं है। 
  • Blog को आप एक किताब की तरह मान सकते हैं जहाँ पर आपको किसी भी Topic से सम्बंधित जानकारी प्राप्त हो जाएगी। 

-: मुझे उम्मीद है की अब आप जान गए होंगे की Blog क्या है. अब हम बात करते हैं की website क्या है?
  • आम तौर पर एक Website किसी Company, Organization या फिर product की जानकारी को  दर्शाने के लिए होती है। 
  • website में मौजूद किसी भी जानकारी को बार बार बदला नहीं जाता। 
  • website पर किसी भी तरह का comment system नहीं होता। 
  • website के owner से  उनके helpline नंबर या mail द्वारा संपर्क किया जा सकता है। 
  • आम तौर पर Website का उपयोग किसी Product या Service को sell करने के लिए किया जाता है। जैसे की amzon.com , Facebook.com भी website का एक अच्छा उदाहरण हैं। 
  • अगर कोई Web owner किसी product या service को बेचने के अलावा उसे promote भी करना चाहता है तो उसे Blog की जरूरत पड़ती है। 

तो चलिए अब हम बात करते हैं की वेबसाइट या ब्लॉग कैसे बनाते हैं -:

तो ये थे ब्लॉग और website में कुछ सामान्य अंतर। अब हम बात करते हैं की website या Blog कैसे banaye
दोस्तों जिस तरह से website और ब्लॉग अलग हैं उसी तरह से इन्हें बनाने का तरीका भी अलग है। सबसे पहले तो आपको ये पता होना चाहिए की आपको Blog की जरूरत है या फिर website की। अगर आपकी जरूरत  किसी Company, Organization या product से सम्बंधित है तो आपको website बनाने चाहिए और अगर आप खुद के लिए किसी Topic पर लिखना चाहते हैं तो आपको Blog बनाना चाहिए। यहाँ पर में Blog और Website बनाने की सामान्य विधि आपको बताऊंगा बस आपको in steps को follow करना होगा।

#1. Website kaise banaye? 

Website और Blog कुछ हद तक तो समान ही होते हैं लेकिन इनके Functions अलग अलग होते हैं.
एक website बनाने के लिए सबसे पहले जिस चीज़ की जरूरत होती है वो है Coding knowledge जैसे- Html, Css, Php, javascript आदि। लेकिन बिना Coding knowledge के भी Website बनाने के 2 तरीके हैं।

  1. किसी Web developer या company से बनवाना. लेकिन इसके आपको अधिक पैसा खर्च करना पड़ेगा। 
  2. किसी Online website builder Platform पर Free Website बनाना। 
ये दो ऐसे तरीके हैं जिनसे आप Website बना सकते हैं। अगर आपको Coding की अधिक जानकारी नही और पैसे भी खर्च नही चाहते तो आपको दूसरा वाला Option चुनना चाहिए। इंटरनेट पर बहुत से ऐसे Online platform मौजूद हैं जिनकी मदद से आप आसानी से और मुफ्त में Website बना सकते हैं। नीचे मैंने कुछ Popular Platforms के नाम दिए हैं जहां पर आप मुफ्त में Registration करके खुद की website बना सकते हैं। इसकी अधिक जानकारी के लिए आप Google या Youtube की मदद ले सकते हैं।

#2. Blog कैसे बनाये?

दोस्तों अगर आपको लिखने का शौक है और आप अपनी Knowledge को लिखकर ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाकर पैसे कमाना चाहते हैं तो इसके लिये आपको एक Blog की जरूरत पड़ेगी।
अगर देखा जाए तो एक Blog बनान बहुत ही आसान है। वैसे तो Website की तरह Blog बनाने के लिए भी Coding skills की जरूरत होती है लेकिन अब कुछ Online platforms की मदद से Blog बनाना और चलाना बहुत ही आसान हो चुका है। Blog बनाने के 2 मुख्य और लोकप्रिय Platforms हैं Blogger और Wordpress। इन प्लेटफॉर्म्स पर मुफ्त में या कुछ पैसे खर्च करके खुद का blog बना सकते हैं। यहां पर में आपको इन दोनों platforms पर blog बनाने की विधि बता रहा हूँ।

1. Blogger- ब्लॉगर Google का ही एक Blogging platform है जहाँ पर आप बिलकुल मुफ्त या  बहुत कम पैसे खर्च करके अपना ब्लॉग बना सकते हैं.blogger और wordpress पर ब्लॉग बनाना बहुत ही आसान है बस आपको एक Blog की सामान्य जानकारी होनी चाहिए जैसे की-:

Custom Domain Name-:  Domain name को Url या Link के नाम से भी जाना जाता है। सामान्यत domain name किसी ब्लॉग या website का address होता है जिसके माध्यम से हम उस Website या Blog तक पहुँच सकते हैं। Domain name कुछ इस तरह के होते हैं। 
www.kyuaurkese.com, www.Google.com, www.example.in, www.example.org आदि।

Subdomain name-: subdomain name एक मुफ्त का domain name होता है। जिस भी Platform पर हम अपनी website या Blog बनाते हैं वहां पर हमारे पास 2 Choice होती हैं पहला ये की हम उनके subdomain पर अपना Blog या website शुरू करें या फिर खुद का domain name खरीदकर ब्लॉग या website शुरू करें.खुद का domain name लेने के आपको मात्र 100-500 रूपए खर्च होंगे। subdomain name कुछ इस तरह के होते हैं। 
www.example.blogger.com , www.example.wordpress.com, www.example.weebly.com आदि।

Hosting-: hosting को आम तौर पर Server भी कहते हैं, Hosting का काम किसी Website या Blog के database को store(संग्रह) करने का होता है। अगर आप Blogger पर अपना ब्लॉग शुरू करते हैं तो आपको किसी भी hosting की जरूरत नहीं पड़ेगी क्युकी Blogger को Google के server पर host किया जाता है.Blogger पर आपको सिर्फ एक Domain name की जरूरत पड़ेगी और आप चाहे तो subdomain पर भी Blog बना सकते हैं। ,अगर आप अभी Blogging में नए हैं तो में आपको Recommend करूँगा की आप Blogger पर ही अपना Blog शुरू करें। Blog ही अधिक जानकारी होने पर आप अपने Blog को wordpress पर भी shift कर सकते हैं। 

-: Blogger पर ब्लॉग बनाने के लिए सबसे पहले आपको जरूरत पड़ेगी एक Gmail id की। 
  1. सबसे पहले तो www.blogger.com  पर जाएँ। 
  2. Site खुलने के बाद अपनी Gmail id और password डालकर login करें. अगर आपकी Gmail id ब्राउज़र में पहले से ही खुली है तो शायद आपको login करने की जरुरत नहीं पड़ेगी। 
  3. Login करने के बाद सबसे ऊपर New Blog पर क्लिक करें। 
  4. New Blog पर क्लिक करने के बाद एक new window open होगी, यहाँ पर आपको अपने Blog की details भरनी है। 
  • Title-: यहाँ पर अपने Blog का नाम डालना है यानिकी जिस नाम से आप ब्लॉग शुरू करना चाहते हैं। 
  • Address-: यहाँ पर आपको अपने ब्लॉग के लिए subdomain name चुनना है.इसे आप ब्लॉग बनने के बाद Custom domain में change कर सकते हैं। 
  • Template-: यहाँ पर आपको अपने Blog के लिए एक बढ़िया Template या theme चुननी है.theme एक ऐसीं चुने जो user friendly हो और दिखने में भी अच्छी हो। 
blogger par free blog kaise banaye

  • ये सब करने के बाद Create Blog पर क्लिक करें अब आपका ब्लॉग बन चुका है। 

Note-:  ब्लॉग पर किस तरह से Post लिखनी है, Publish करनी है और भी अधिक जानकारी के लिए आप Google या Youtube की मदद ले सकते हैं। 

#2. Wordpress पर Free Blog कैसे banaye ?

Wordpress पर भी free ब्लॉग बनाना blogger की ही तरह आसान है.wordpress के दो platform हैं

1. www.Wordpress.org -: यहाँ पर आपको अपनी website के लिए hosting की भी जरूरत होती है जिसके लिए महीने के 300-400 रूपए खर्च करने पड़ते हैं। एक शुरुआती blogger के लिए wordpress recommend नहीं करूँगा। 
2. www.wordpress.com-: यहाँ पर आप मुफ्त में अपनी website या Blog बना सकते हैं.ये भी blogger की ही तरह है.
-: wordpress पर Free ब्लॉग बनाने के तरीके।

1. सबसे पहले तो https://wordpress.com/start/blog/domains पर जाएँ।
2. यहाँ पर आपको अपने ब्लॉग का नाम या Address लिखना है।
3. अब यहाँ पर  आपके ब्लॉग के नाम से सम्बंधित domain name आयेंगे। आपको सबसे पहले वाले Free domain को select करना है।
                                      website kaise banaye

4. अब यहाँ पर scroll down करें और Start Free पर क्लिक करें।

website kaise banaye

5. यहाँ पर आपको अपना email id डालना है और एक password select करना है।

website kaise banaye

6.अब आपका free ब्लॉग wordpress पर बन चुका है. Wordpress ब्लॉग को किस तरह से manage करना है इसके लिए आप Google या Youtube की मदद ले सकते हैं।
website kaise banaye


तो ये थी आज की पोस्ट जिसमे मैंने आपको बताया की free Website kaise Banaye. मुझे उम्मीद है की आपको पोस्ट पसंद आई होगी और अगर आपके मन में अभी भी कोई सवाल है तो उसे निचे कमेंट करके पूछ सकते हैं। और अगर आपको Website/Blog बनाने की जानकारी  पोस्ट पसंद आई हो तो इसे share जरूर करें। 

Share Market In Hindi- शेयर बाज़ार क्या है इसमें निवेश कैसे करें?

Share Market In Hindi- शेयर बाज़ार क्या है इसमें निवेश कैसे करें? Admin 5 of 5
क्या आप जानते हैं की  Share Market In Hindi या शेयर बाज़ार क्या है   .आये दिन हम लोग कहीं न कहीं Share market के बारे में सुनते रहते हैं जै...

क्या आप जानते हैं की Share Market In Hindi या शेयर बाज़ार क्या है  .आये दिन हम लोग कहीं न कहीं Share market के बारे में सुनते रहते हैं जैसे Tv पर, News paper पर, इन्टरनेट आदि पर। अक्सर यह भी सुनने में आता है की आज Share market में इतना मुनाफा हुआ या फिर घाटा हुआ। लेकिन इसकी कोई जानकारी न होने के कारण हम समझ नहीं पाते की आखिर ये चल क्या रहा है इसलिए मेरा मानना ये है की हमारे दैनिक जीवन में हो रही गतिविधियों से हमें हमेशा अवगत रहना चाहिए। खास तौर पर ऐसीं बाते जो पैसे से जुडी होती है उनके बारे में तो हमें पूरी जानकरी रखनी चाहिए इसलिए आज में आपको बताऊंगा की शेयर बाज़ार क्या है और शेयर कैसें खरीदें? क्युकी अगर बिना किसी जानकारी के आप share बाज़ार में निवेश करेंगे तो आपके नाकाम होने के Chances अधिक रहेंगे। आज में आपको share बाज़ार की कुछ सामान्य जानकारी बताने वाला हूँ इसलिए पोस्ट को परा जरूर पढ़ें।

share बाज़ार क्या है


#1. Share Market in Hindi – शेयर बाज़ार क्या है?

Share Market या स्टॉक market एक ऐसा बाज़ार है जहाँ पर विभिन्न प्रकार की  कंपनियों के  Shares या स्टॉक्स को ख़रीदा और बेचा जाता है। ये एक ऐसा बाज़ार है जहाँ पर कोई व्यक्ति मालामाल भी है सकता है और कंगाल भी सकता है ये एक तरह से सट्टा होता है।
किसी कंपनी के share खरीदने का मतलब है की आप उस कंपनी के कुछ प्रतिशत के हिस्सेदार बन चुके हैं। अब अगर आपके द्वारा ख़रीदे गए share अधिक मात्रा में बिकेंगे तो इसका सीधा मुनाफा कंपनी को होगा और आपके द्वारा लगाया गया भी पैसा दुगना हो जायेगा लेकिन अगर कंपनी को नुकसान होगा तो आपको भी अपना पैसा गवाना पड़ेगा। इसीलिए share market में पैसा लगाने से पहले आपको इसके बारे में पूरी जानकारी होनी चाहिए तभी आपको इसमें पैसे निवेश करने का जोखिम उठाना चाहिए।

#2. शेयर कैसे खरीदें? How to Invest in Share Market in Hindi

Share खरीदने के लिए आपके पास कुछ जरूरी चीज़ें होनी चाहिए-:
  • Pan Card/ Aadhar Card
  • Saving Account
  • Demat Account
भारत में मुख्यतः दो Stock Exchange कंपनियां हैं 1-BSE(Bombay stock exchange) और NSE(National stock Exchange). इन्ही दो Stock exchange के द्वारा हम किसी भी कंपनी के Share खरीद या बेच सकते हैं।  किसी भी कंपनी के share खरीदने के लिए हमें सबसे पहले एक Broker या दलाल की जरूरत होती है।
Share खरीदने के साथ साथ broker हमें ये भी बताते हैं की हमें कब share खरीदना चाहिए, किस कंपनी के share खरदीने चाहिए आदि इसलिए कोशिश करे की आप किसी broker के जरिये ही share market में निवेश करें।  इसके अलावा आप किसी Online broker कंपनी या App की मदद से भी share खरीद सकते हैं।
Share खरीदने के कुछ सामान्य तरीके-:

  1. Pan Card या आधार कार्ड-: सबसे पहले तो आपको एक Pan कार्ड या आधार कार्ड की जरूरत होगी क्युकी Bank saving account खोलने के लिए आपको in दस्तावेजों की जरूरत पड़ेगी। 
  2. Broker को ढूंढे-: कोई भी व्यक्ति सीधे stock market में जाकर Shares खरीद या बेच नहीं सकता। Shares खरीदने और बेचने की पूरी प्रक्रिया Brokers के द्वारा की जाती है। Broker कोई व्यक्ति, कंपनी, या फिर agency हो सकती है जोकि Stock Exchange से पंजीकृत होते हैं। सभी Brokers इस पुरे काम के लिए Brokerage Fee लेते हैं।
  3. Demat Account बनायें-: एक बढ़िया Broker को ढूँढने के बाद आपको जरूरत होगी demat account की। किसी भी share को खरीदने के लिए या मुनाफे के पैसों के लिए आपको Demat account की जरूरत होती है। इसके अलावा demat account के द्वारा आप किसी share को hold करके भी रख सकते हैं। Demat account को आपको अपने saving account से Link करना होगा ताकि share market से कमाये गए पैसों को आप अपने saving account में transfer कर सकें। 

#3. Share कब खरीदना चाहिए ?

जैसा की में पहले ही बता चूका हूँ की "share market in hindi " में पैसा लगाने से पहले आपको किसी पूरी जानकारी होनी चाहिए , जब आपको इसका थोडा बहुत Experience हो जाये तो आप इसमें invest कर सकते हैं। Share market में कब invest करना चाहिए? या फिर share कब खरीदना चाहिए? ये सब Depend करता है हमारे experience के ऊपर, share कब खरीदना चाहिए इसका कोई निश्चित समय नहीं होता। फिर भी कुछ ऐसीं बातें होती है जिन्हें हमें Share खरीदने से पहले हमेशा ध्यान में रखना चाहिए।
  1. जिस भी कंपनी के share आप खरीदना चाहते हैं उसके balance Sheet और result कोहमेशा पढ़ते रहें ? 
  2. Share खरीदने से पहले अपना बजट ध्यान में रखें, अगर आप जोखिम उठाने की क्षमता रखते हैं तो ही निवेश करें।
  3. शुरुआत में बहुत ज्यादा पैसे निवेश न करें ताकि किसी भी तरह के जोखिम में आपको ज्यादा नुक्सान न हो।
  4. Share market की ताज़ी खबरों के लिए आप News channel और Newspaper की मदद ले सकते हैं।  Live Share market की जानकी के लिए आप NDTV Business News Channel की मदद ले सकते हैं।
  5. जब आपको "Share market in hindi" का अनुभव होने लगे तो आप खुद ही जान जांयेंगे की कब आपको निवेश करना है और कब नहीं।

तो दोस्तों ये थी कुछ सामान्य जानकारी जिनकी मदद से आप" Share market in Hindi" में आसानी से पैसे निवेश कर सकते हैं लेकिन में आपको फिर से कहूँगा की Share market जोखिमों से भरा हुआ बाज़ार है इसलिए इसमें निवेश करने से पहले पूरी जानकारी और अनुभब प्राप्त कर लें तभी आप इसमें मुनाफा कमा सकते हैं।
मुझे उम्मीद है की अब आपको पता चल गया होगा की शेयर बाज़ार क्या है और  शेयर कैसे खरीदे  अगर आपको हमारी पोस्ट पसंद आई हो तो इसे share जरूर करें और किसी भी तरह के सवाल के लिए निचे कमेंट करके पूछें।

Computer क्या है ये कैसे काम करता है.

Computer क्या है ये कैसे काम करता है. Admin 5 of 5
क्या आप जानते हैं की   Computer Kya Hai  और यह किस तरह से कार्य करता है। दरअसल देश और दुनिया को विकसित करने में सबसे अहम भूमिका Computer ...

क्या आप जानते हैं की  Computer Kya Hai और यह किस तरह से कार्य करता है। दरअसल देश और दुनिया को विकसित करने में सबसे अहम भूमिका Computer ने ही निभाई है और इसी की वजह से आज हम एक Modern ज़माने में जी रहे हैं। इसलिए आज की इस पोस्ट में मैं आपको बताऊंगा की कंप्यूटर क्या है   इससे जुडी सभी सामान्य जानकारियां।

computer kya hai


#1. Computer Kya Hai ?

Computer एक ऐसी electronic device है जो किसी भी तरह की Mathematical या गणितिय प्रॉब्लम को आसानी से हल कर sakti हैं। दूसरे शब्दों में कहें तो Computer एक ऐसी डिवाइस है जिसका काम किसी Input Data को process करके एक Data या Signal के रूप में Output प्रदान करने का है। इसके अलावा हम Computer का उपयोग किसी भी तरह के digital काम जैसे कि-: Documents लिखना, गेम्स खेलना, वीडियो देखना, इंटरनेट चलाने आदि के लिए कर सकते हैं।
Computer शब्द Latin भाषा के Computare से लिया गया है जिसका मतलब होता है Calculating(गणना करना) या Computing।  किसी भी कंप्यूटर में 4 मुख्य प्रक्रियाएं होती है 1- Input, 2-Output, 3-Storage, 4-Processing

  • Input-: जब हम किसी Data को Computer में डालते हैं या भेजते हैं तो इस प्रक्रिया को Input कहते हैं। किसी भी Data को हम Cable के  द्वार, Usb के द्वारा, Internet के द्वारा या फिर  Cd के द्वार कंप्यूटर में Input कर सकते हैं।
  • Processing-: जब हम किसी डेटा को Input कर देते हैं तो कंप्यूटर उस पर कार्य करना शुरू कर देता है जिसे Processing कहते हैं। Processing के दौरान कंप्यूटर उस Data को हमारी Command के अनुसार पूरा करता है।
  • Storage-: Storage का मतलब है उस Data को संग्रहित करना , सभी कंप्यूटर्स के पास किसी भी Data को store करने की छमता होती है।
  • Output-: जब कंप्यूटर किसी जानकारी को Process कर लेता है तो हमे Result प्रदान कर लेता है जिसे Output data कहते हैं।

आजकल कल के Modern Computers पुराने कंप्यूटरों की भाँति बहुत अलग है क्योंकि आज के कंप्यूटर्स सिर्फ एक सेकंड में करोड़ों Calculations को एक साथ हल कर सकते हैं। ज्यादातर लोगों अपने घरों या ऑफिस में Personal Computer का उपयोग करते हैं जिसे Desktop या Laptop  भी कहा जाता है।


#2. Computers किन किन भागों से मिलकर बना होता है ? 

सामान्यतः computer दो मुख्य भागों से मिलकर बना होता है -:
  1. Hardware-: हार्डवेयर Computer के वो सभी parts होते हैं जिनका खुदका Physical Structure होता है या फिर कहें तो जिन्हें हम छू सकते हैं। जैसे कि-: Keyboard, Mouse, CPU, Speakers, Motherboard, Monitor आदि।
  2. Software-: Software किसी भी Instruction या Data का set होता है जो Hardwares को आदेश देते हैं कि उन्हें क्या काम करना है और कैसे करना है। Browsers, Games, Processors आदि सभी Software के ही उदाहरण हैं।
यानिकि जब भी हैं Computer पर कोई काम करते हैं तो उसे Hardware और software की मदद से कर रहे होते हैं। जैसे कि मान लीजिये अभी आप इस पोस्ट को Computer के Web Browser पर पढ़ रहे हैं जो कि एक Software है और किसी भी page को क्लिक करने के लिए या फिर Type करने के लिए आपको Mouse और Keyboard का उपयोग भी कर रहे होंगे जोकि एक Hardware है। इसलिए कंप्यूटर पर कोई भी काम हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर दोनो की मदद से ही संभव हो पाता है।

#3. Computer कितने प्रकार का होता है?

जब हम Computer का नाम सुनते हैं तो हम सिर्फ किसी Personal Computer जैसे Desktop या Laptop के बारे मस ही सोचते हैं लेकिन ऐसा बिल्कुल भी नही है। क्योंकि कंप्यूटर्स बहुत प्रकार के होते हैं जो कि विभिन्न आकार और आकृति(Size/Shapes)के बने होते हैं और उन सभी का उपयोग हम अपने दैनिक जीवन मे अलग अलग कार्यों के लिए करते हैं। जब आप किसी ATM मशीन से पैसे निकालते हैं, Card scan करके पेमेंट करते हैं या फिर Calculator का उपयोग करते हैं तो आप एक तरह के कंप्यूटर का ही उपयोग कर रहे होते हैं क्योंकि ये सभी computers ही हैं।
सामान्यतः Computers कुछ इस प्रकार के होते हैं-:

#1. उपयोग के आधार पर-:

  1. Analog Computer-: एक analog computer का बेहतर उदाहरण है Calculator, analog Computer का उपयोग अधिकतर इंजीनियरिंग के Field में किया जाता है। भौतिक मात्राओं जैसे- तापमान, Voltage, दाब, आदि को मापने के लिए एनालॉग कंप्यूटर का उपयोग किया जाता है।
  2. Digital Computer-: डिजिटल कंप्यूटर एक ऐसी electronic device है जो Binary (0 1) के आधार पर कार्य करते हैं जो किसी भी तरह की Logical operation और कैलकुलेशन को solve करके Output को एक Digit या नंबर के रूप में प्रदर्शित करते हैं। सामान्य भाषा मे कहे तो डिजिटल कंप्यूटर एक ऐसी device है जो किसी भी Data को Digital form में process करता है।आजकल के सभी modern कंप्यूटर्स जैसे- Laptop, Desktop ,mobile आदि डिजिटल कंप्यूटर का ही एक उदाहरण हैं।
  3. Hybrid Computer-:  Hybrid कंप्यूटर्स Analog और digital कंप्यूटर्स का मिश्रण होते हैं यानिकि ये Analog कंप्यूटर की तरह भी कार्य करते हैं और डिजिटल कंप्यूटर की तरह भी कार्य करते हैं। एक Hybrid कंप्यूटर का बेहतर उदाहरण है Gas Station या Petrol pump जहां पर पेट्रोल की measurement करने के लिए Analog system एवं Calculation के लिए डिजिटल कंप्यूटर का उपयोग किया जाता है।

#2. आकार के आधार पर-:

  1. Desktop Computer-: बहुत से लोग Desktop कंप्यूटर का उपयोग अपने घर, ऑफिस, स्कूल आदि में करते हैं। Desktop कंप्यूटरों को खास तौर पर Table या desk पर रखने के लिए डिज़ाइन किया गया होता है। डेस्कटॉप कंप्यूटर अलग अलग पार्ट्स को मिलकर बना होता है जैसे कि- CPU, Mouse, Monitor, Keyboard आदि।
  2. Laptop Computer-: Laptop भी आज के समय में डेस्कटॉप की ही भांति लोकप्रिय कंप्यूटर है। Laptop बैटरी से चलने वाला कंप्यूटर होता है जिसे आप कभी भी और कहीं भी ले जाकर कार्य कर सकते हैं। Laptop में सभी Hardwares inbuilt होते हैं जैसे कि कीबोर्ड, माउस, स्पीकर,सीपीयू आदि।
  3. Tablet Computer-: Tablet कंप्यूटर्स या Tablet , Desktop एवं लैपटॉप से भी अधिक Portable और Handheld(हाथों में पकड़ने योग्य) डिवाइस है। कीबोर्ड एवं माउस के बदले tablets में लिखने और navigation के लिए Touch screen का उपयोग किया जाता है। ipad भी tablet computer का एक उदाहरण है।
  4. Server-: Server एक ऐसा कंप्यूटर है जो Internet पर मौजूद कंप्यूटर्स को अलग-अलग जानकारी प्रदान करते रहते हैं। उदाहरण के लिए जब भी आप इंटरनेट पर किसी जानकारी को सर्च करते हैं तो इसका मतलब है कि आप Server पर stored जानकारी को देख रहे हैं। बहुत से छोटे बड़े Business , Files को शेयर करने के लिए local server का उपयोग करते हैं।
  5. इनके अलावा Smartphones, Game Console, Smartwatches, Smart tv’s भी कंप्यूटर के ही रूप हैं।

#4. Computer की कुछ मुख्य विशेषताएं ?

  • Speed-: कोई भी computer बहुत सारी Tasks एवं प्रोसेस को एक साथ कुछ ही समय मे पूरा कर सकता है जबकि उसी कार्य को करने में एक इंसान को काफी समय लग सकता है।एक भारी मात्रा में Data को प्रोसेस करने की क्षमता एवं Micro seconds में किसी भी प्रोसेस को पूरा करना।
  • नेट बैंकिंग क्या है? नेट बैंकिंग कैसे करे 
  • Accuracy-: Computer से प्राप्त किसी भी Result की Accuracy या शुद्धता सबसे ज्यादा होती है और आप चाहें तो अपनी जरूरत के अनुसार इसकी शुद्धता को और अधिक बढ़ा सकते हैं।Input से आधारित Output प्रदान करना।
  • Versatility-: आप एक ही कंप्यूटर का उपयोग बहुत सारे कार्यों के लिए कर सकते हैं।एक ही कंप्यूटर पर विभिन्न tasks को पूरा कर सकते हैं
  • Storage एवं Memory-: कोई भी computer एक भारी मात्रा में Data को store करके रख सकता है।Stored हो जाने के बाद उस Data का उपयोग कभी भी किया जा सकता है।Computer की मेमोरी बिल्कुल Accurate होती है।
  • अपने facebook page पर लाइक कैसे बढ़ाएं 
  • Automation-: एक बार प्रोग्रामिंग करने पर Computer उस task को खुद ही(Automatically) पूरा करता रहता है। Computer की मदद से Automation का आगाज़ हुआ है पहले जिस कार्य को करने में बहुत दिन लग जाते थे कंप्यूटर और ऑटोमशम कि मदद से अब वो काम कुछ ही समय मे पूरा हो जाता है।

#5. Computer के फायदे क्या हैं?

  • Computers मनुष्यों की भांति अधिक Intelligent , Accurate और reliable होते हैं।
  • किसी भी कार्य को बार बार करने के लिए कंप्यूटर बहुत उपयोगी होते हैं क्योंकि ये ही कार्य मनुष्यों के लिए बहुत कठिन होते हैं।
  • Computers मनुष्यों की भांति अधिक तेज़ होते हैं।
  • Storage होने के कारण इसमे किसी भी डेटा को Future के लिए store करके रखा जा सकता है। और future में उसे Modify एवं उसमे कुछ अन्य Features जोड़े जा सकते हैं।
  • Computer की मदद से किसी मुश्किल कार्य को आसानी से और जल्दी किया जा सकता है।

#6. Computer का उपयोग किन किन क्षेत्रोँ में किया जाता है?

आज के समय मे लगभग हर क्षेत्र में कंप्यूटर का उपयोग किया जाता है जैसे कि-:
  •  Education, Library
  •  Industries and Manufacturing
  •  Research, Survey 
  •  Hospital and Health
  •  Data Processing
  •  Science and Engineering
  •  Offices and Hotel Management
  •  Advertisement and Marketing.
  •  Entertainment and Communication.
  •  Weather 
  •  Airlines and Navigation

मुझे उम्मीद है कि अब आप जान चुके होंगे कि आखिर कंप्यूटर क्या है  और क्यों यह इतना लोकप्रिय बन चुका है। Computer ही एक ऐसा स्त्रोत है जिससे हमारा देश और दुनिया हर दिन विकशित हो रहें हैं और इसी की मदद से हर  दिन बाज़ार में नई नई टेक्नोलॉजी आती रहती हैं। अगर आपका Computer Kya Hai से जुड़ा कोई बीबी सवाल है तो आप नीचे कमेंट करके हमसे पूछ सकते हैं। और अगर हमारी पोस्ट पसंद आई हो तो इसे शेयर करना न भूलियेगा।

What is Search Engine in Hindi- सर्च इंजन क्या है? ये कैसे काम करता है

What is Search Engine in Hindi- सर्च इंजन क्या है? ये कैसे काम करता है Admin 5 of 5
What is Search Engine in Hindi- क्या आप जानते हैं की सर्च इंजन क्या है और ये कैसे काम करता है।अक्सर जब भी हमें Internet से कोई जानकारी चा...

What is Search Engine in Hindi- क्या आप जानते हैं की सर्च इंजन क्या है और ये कैसे काम करता है।अक्सर जब भी हमें Internet से कोई जानकारी चाहिए होती है तो सामान्यतः हम अपना Browser open करते हैं और उस जानकारी से related query को search कर लेते हैं।लेकिन हमें ये नहीं मालुम होता की उस जानकारी को हम तक कौन  पहुंचा रहा है या फिर किस तरह से Search करने के कुछ ही seconds में हमें वो जानकारी मिल जाती है। कई बार जब किसी चीज़ की जानकरी नहीं होती तो हम कहते हैं की चलो इसे Google कर लिया जाये लेकिन सवाल ये है की आखिर ये गूगल है क्या? और ये किस तरह से किसी भी जानकारी तो हम तक आसानी से पहुंचा देता है। इसलिए आज में आपको कुछ एसी ही जरूरी बातें बताने वाला हूँ की Search Engine क्या होता है और ये काम कैसे करता है?(What is Search Engine in Hindi)


what is search engine in hindi

#1. सर्च इंजन क्या है? What Is Search Engine In Hindi

Search engine एक ऐसा computer सिस्टम है जिसे किसी भी जानकारी को Search करने के लिए बनाया गया होता है,search engines की मुख्य applications  कुछ web service हैं जहाँ पर हम world wide web की सहायता से किसी भी तरह के Text, Image, Video और किसी भी तरह की Graphic information को ढूँढ सकते हैं जैसे की ( Google, Yahoo, Bing ).इसके अलावा कुछ ऐसे भी search engines हैं जो किसी online store पर किसी  प्रोडक्ट को , और FTP server पर किसी file को search कर सकते हैं।
Search engines के द्वारा किसी जानकारी को सर्च करने को search request कहा जाता है। search इंजन का मुख्य कार्य किसी भी keyword से सम्बंधित सभी जानकारी या documents को search करके user को provide करने का होता है और इन सभी जानकारियों के लिए सर्च इंजन एक search result page को generate करता है जिसमे विभिन्न प्रकार के result जैसे की-: web pages, Images, audio, video file  आदि सम्मिलित होते हैं.
एक search engine को तभी बेहतर माना जाता है अगर  वो users की request के अनुसार ज्यादा से ज्यादा जानकारी प्रदान करे। कभी कभी किसी Algorithm या human factor की वजह से सर्च इंजन कम relevant(प्रासंगिक) हो जाते हैं. 2015 से लेकर अभी तक पूरी दुनिया में  सबसे लोकप्रिय और अधिक उपयोग किया जाने वाला सर्च इंजन Google है।

#2. Search Engine काम कैसे करता है?

सर्च इंजन internet पर किसी keyword को search करने के लिए अलग अलग प्रोग्राम्स का उपयोग करता है जिन्हें Crawlers, Spiders, Robots आदि. कहा जाता है, ये सभी प्रोग्राम्स किसी website के SEO/ qualityके अनुसार ही उसकी rank का निर्धारण करते हैं और  एक बेहतर seo और quality वाली वेबसाइट को high rank पर लाते हैं।

1. Website Submission

मान लीजिये की आपने एक website बनायीं और आप चाहते हैं की आपकी website भी search engine जैसे-Google, bing, yahoo आदि. पर दिखे तो इसके लिए आपको खुद ही सर्च इंजन को बताना होगा वो आपकी website को crawl, index करे, और ऐसा करने के लिए आपको उस search engine के webmaster tool में अपनी site को submit करना होता है। सभी search engine के अलग अलग webmaster tool होते हैं जैसे- Google search Console, Bing Webmaster Tool, yandex आदि।
Website को submit करने के साथ साथ आपको Sitemap file भी add करनी होती है जिसमे आपकी website का सभी data होता है और जब भी आप अपनी site पर कोई नया page add करते हैं तो search engine को खुद ही इस बात का पता चल जाता है। Site को submit करने के बाद आगे का काम webmaster tool के द्वारा automatically किया जाता है।

2. Crawling/Bot

इस प्रक्रिया की शुरुआत Crawling से होती है, crawler एक ऐसा प्रोग्राम होता है जो किसी web page को Scan करके उसकी सभी जानकारियां जैसे- Title, Image, keywords, Description और अन्य पेजों से Link आदि. प्राप्त  कर लेता है। Modern crawlers पुरे पेज़ की एक cache copy प्राप्त लेते हैं और साथ ही साथ कुछ अतिरिक्त जानकारी जैसे-: Page layout, Links, Ad units आदि. का भी पता लगा लेते हैं।

किस तरह से एक Website को Crawl किया जाता है? दरअसल जिस तरह से हम किसी web page पर visit करते हैं ठीक उसी तरह से एक Automated Bot या spider हर एक web page पर visit करता है, लेकिन इनकी speed कुछ एसी होती है की ये एक सेकंड में 100 से भी ज्यादा website को crawl कर लेते हैं।
इसके बाद crawler उन सभी page की link को एक list में जोड़ देता है ताकि उस page में कोई भी बदलाव होने पर उसे Re-Crawl किया जा सके.crawling एक एसी प्रक्रिया है जो कभी भी ख़त्म नहीं होती।

3. Indexing

Crawling की प्रक्रिया पूरी हो जाने के बाद अगली Process Indexing/इंडेक्सिंग कहलाती है।
इस प्रक्रिया में सर्च इंजन द्वारा जिस भी Web page को crawl किया जाता है तो crawling के बाद उसे Search result page में index कर दिया जाता है यानिकि वो website या पेज indexing के बाद Search Results में add हो जाता है।

उदाहरण के तौर पर-: मान लीजिए कि आप ने कुछ किताबें खरीदीं और आप उनकी एक list बनाना चाहते हैं जैसे कि- Author का नाम, पेजों की संख्या आदि। तो जब आप सभी किताबों से जानकारी ले रहें है तो सर्च इंजन की भाषा मे आप उन्हें crawl कर रहें हैं और जब आप उन किताबों की list लिख रहें है तो इसका मतलब है कि आपने किताबों को index कर लिया है।

दूसरे शब्दों में कहे तो Indexing का मतलब है की जब कोई Search engine किसी Website को crawl करता है तो इसके तुरंत बाद सर्च इंजन उस वेबसाइट या पेज को जमा करके अपने Database में store/संग्रह कर लेता है और उस पेज से संबंधित कोई भी search query आने पर उसे Search result pages में जोड़ देता है। अब किस पेज या रैंक पर वो वेबसाइट आएगी ये निर्भर करता है उस वेबसाइट के Seo और quality पर, आपको ये जानकर हैरानी होगी कि गूगल हर 10 सेकंड में लगभग 100-1000 वेबसाइट को crawl और index कर लेता है।

4. User Query

User query अर्थात जब कोई व्यक्ति Search engine पर जाकर manually रूप से किसी भी तरह की जानकारी या query को सर्च करता है। सर्च इंजन की भाषा इन queries को Keyword कहा जाता है। ये keywords सर्च इंजन को इनसे मिलते जुलते या इनसे संबंधित कीवर्ड को ढूंढने में मदद करते हैं।

5. Matching Query

जब कोई व्यक्ति किसी Query को सर्च करता है तो search engine उसे अपने Database में stored सभी Pages से match/मिलाते हैं ताकि user को ठीक वो ही जानकारी मिल सके जिसे वो ढूंढ रहा है। यहां पर keywords की एक अहम भूमिका होती है यानिकि जिस भी query को सर्च किया जाता उसमे मौजूद सभी कीवर्ड की मदद से उस query से संबंधित जानकारी को ढूंढा जाता है।

6. Retrieving results

जब सभी relevant pages match हो जाते हैं तो उन्हें search engine result pages(SERP’s) में add करके display किया जाता है। और user को उसके Query के अनुसार सभी जानकारी मिल जाती है। इन्टरनेट पर Search engine के database में करोड़ों web pages मौजूद होते हैं, हर page अलग अलग keywords से सम्बंधित होता है.
ऐसे में search engines की algorithm निर्धारित करती है किस page को पहले , दुसरे, तीसरे नंबर पर rank करना है और इसके लिए search engine 200 से भी ज्यादा factors को ध्यान में रखते हुए किसी page को चुनता है जैसे की उस पेज की quality, keywords, seo, backlinks, Meta tags आदि.



इसलिए जब भी कोई user किसी query को search करता है तो अलग अलग तरह की algorithms अपना काम शुरू कर देती है और सबसे ज्यादा Relevant pages को user के सामने display कर देती है, और चौकाने वाली बात ये है की इस प्रक्रिया को पूरा होने में सिर्फ कुछ ही सेकंड्स लगते हैं.

#3. सबसे ज्यादा Popular search Engines कोनसे हैं?

वैसे तो internet पर बहुत सारे सर्च इंजन मौजूद हैं लेकिन इनमे से कुछ ही ऐसे हैं जिनका उपयोग सबसे अधिक होता है।

1. Google-: 
गूगल को लगभग सभी लोग जानते हैं और ये अभी तक का सबसे लोकप्रय/popular और सबसे ज्यादा use किया जाने वाला सर्च इंजन है। Google एक american multinational company है इसे larry page और sergey brin ने 4sept. 1998 में बनाया था। Alexa के अनुसार Google दुनिया की सबसे ज्यादा देखी और visit की जाने वाली वेबसाइट है जिस पर हर महीने लगभग 1,600,000,000 यूज़र्स visit करते हैं और इसके अलावा गूगल के बहुत से प्रोडक्ट्स हैं तो Top 100 में शामिल हैं जैसे -; Youtube, Blogger आदि।

2. Bing-: 
गूगल के बाद दूसरे नंबर पर आता है Bing सर्च इंजन, जिस पर हर महीने लगभग 400,000,000 visitors विजिट करते हैं। Bing search engine को Microsoft कंपनी द्वारा खरीदा गया है और इसी के द्वारा operate किया जाता है। Bing भी गूगल की ही तरह सभी जानकारियां जैसे-: Text, Audio, Video, Image आदि provide करता है, Alexa  के अनुसार Bing दुनिया मे 42वें नंबर पर आने वाली Website है और इसे 2008 में develop किया गया था।

3. Yahoo!Search-: 
इस list में तीसरे नंबर पर आने वाला सर्च इंजन है yahoo जिस पर 300,000,000 लोग हर महीने विजिट करते हैं। और alexa के अनुसार ये 6वें नंबर पर शामिल है।
इनके अलावा कुछ अन्य सर्च इंजन जैसे-: Ask, Baidu, Aol  आदि. Search engine भी इंटरनेट पर अपनी लोकप्रियता बनाये हुए हैं।

तो ये थी आज की पोस्ट जिसमे मैंने आपको बताया की What is Search Engine In Hindi या Search Engine क्या है और ये कैसे काम करता है? , मुझे उम्मीद है की अब आप जान गए होंगे की आखिर ये चीज़ होती क्या है और कैसे  काम करती है। अगर आपको पोस्ट पसंद आयी हो तो इसे Share जरूर कीजियेगा और किसी भी तरह के अन्य सवाल के लिए आप बेझिझक होकर निचे कमेंट करके पूछ सकते हैं।

नेट बैंकिंग कैसे करे - पूरी जानकारी हिंदी में

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क्या आप जानते हैं की नेट बैंकिंग कैसे करे ? और नेट बैंकिंग क्या है   कोई भी व्यक्ति किसी काम को hard work की बजाये Smart work से करना प...

क्या आप जानते हैं की नेट बैंकिंग कैसे करे ? और नेट बैंकिंग क्या है कोई भी व्यक्ति किसी काम को hard work की बजाये Smart work से करना पसंद करता है हर कोई चाहता है की उसका समय बर्बाद न हो और कम समय में ज्यादा काम हो जाएँ। आप सोच रहे होंगे की में ये सब बाते क्यूँ कर रहा हूँ? क्युकी हमारा आज का topic इसी बारे में है की किस तरह से एक  Modern technology से हम अपने बड़े बड़े लेनदेन , खरीदारी, भुगतान को बिना अपने बैंक में जाकर भी पूरा कर सकते हैं. आज मै आपको  Net banking के बारे में बताऊंगा की नेट बैंकिंग कैसे करें और इसके बारे में सभी जरूरी बातें।

नेट बैंकिंग क्या है कैसे करें


#1. नेट बैंकिंग कैसे करे ? Net banking in Hindi

Net banking आज की एक Modern technology का ही एक रूप है, जिससे आप अपने बैंक की लगभग सभी गतिविधियों को इन्टरनेट पर ही पूरा कर सकते हैं. नेट बैंकिंग के साथ आप दुनिया के किसी भी कोने से और  24 घंटे, 365 दिन में कभी भी अपने सभी  Banking and Depository खाते को access कर सकते हैं.नेट बैंकिंग  को  Internet banking, Virtual Banking और online banking के नाम से भी जाना जाता है इसलिए कभी भी इसके अलग अलग नामों से भ्रमित न हों.
Net Bankingअपने बैंक की किसी भी Activity जैसे की-: Banking, Fixed deposite,Fixed Booking deposite, Draft या cash डिलीवरी और किसी भी तरह के Bill Payment करने का सबसे सुविधा जनक तरीका है जिससे आपका समय और पैसा बचता है. मेरे हिसाब से Net Banking उन लोगो के लिए वरदान साबित हुआ है जिनके पास Bank जाने का समय नहीं होता, जो लोग लम्बी लम्बी कतारों  में नहीं लगना चाहते, या फिर ऐसे लोग जो शारीरिक और मानसिक रूप से Bank या कहीं भी जाने के योग्य नहीं होते हैं.

Net banking करने के लिए आपको अपने  बैंक की website पर रजिस्ट्रेशन करना होता है और फिर  आपको एक user id और password दिया जाता है जिसकी मदद से आप अपने computer, लैपटॉप, mobile, tablet का उपयोग करके अपने Bank account से किसी भी तरह का Transaction कर सकते हैं और बिना बैंक में जाए हुए भी अपने खाते की जानकारियां प्राप्त कर सकते हैं.

#2. नेट बैंकिंग कैसे करे ?

India में लगभग सभी banks Internet banking की सुविधा प्रदान करते हैं और सभी की process लगभग समान है में यहाँ पर आपको सभी Bank की पूरी  प्रक्रिया तो नहीं बताऊंगा लेकिन  इसकी शुरुआत करने की कुछ समान्य प्रक्रिया बताऊंगा जिनसे आपको नेट बैंकिंग  की शुरुआत करने में आसानी होगी.

  1. Netbanking के लिए सबसे पहले तो आपको एक bank account की जरूरत पड़ेगी इसलिए अपने नजदीकी Bank की ब्रांच में जाकर अपना एक खाता खोल लें साथ ही नेटबैंकिंग के लिए भी फॉर्म बहर कर आवेदन करें.
  2. बैंक में Account बन जाने के बाद आपको नेट बैंकिंग के लिए एक user id और password दिया जायेगा.
  3. Id और password के द्वारा आप bank की official website पर जाकर Net banking कर सकते हैं 
या फिर 
  1. अगर आपका किसी बैंक में पहले से ही account है तो आप उस bank की website पर Net banking के लिए Registration कर सकते हैं. 
  2. Regsitration पूरा हो जने पर आपको एक Id और password दिया जायेगा जिससे आप अपने Net banking account को access कर सकते हैं और सभी सुविधाओं का फायदा ले सकते हैं.

#3. Net Banking में मिलने वाली कुछ Common सुविधाएँ.

आजकल लगभग सभी banks अपने ग्राहकों को नेट बैंकिंग के द्वारा अलग अलग तरह की सुवुधएं प्रदान करते  हैं लेकिन सभी Banks की कुछ  common services होती हैं जिन्हें वो नेट बैंकिंग  के माध्यम से अपनेCustomers को provide करते हैं.

  • आप अपने account की details और balance चेक कर सकते हैं.
  • Account statement डाउनलोड कर सकते हैं.
  • Cheque Payments को रोकने की Request कर सकते हैं.
  • Cheque बुक के लिए आवेदन कर सकते हैं.
  • अपने credit card की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं.
  • credit कार्ड के बिल भुगतान कर सकते हैं.
  • Debit कार्ड के loyalty Points को redeem कर सकते हैं.
  • अपने Loan account की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं.
  • अपने mobile recharge कर सकते हैं.
  • किसी भी तरह के Bill भुगतान और online payment कर सकते हैं.

#4. नेट बैंकिंग  के फायदे क्या हैं?

  1. Net banking का सबसे बड़ा फायदा ये है की  बैंकिंग से सम्बंधित किसी भी काम को करने के लिए बैंक जाने की जरूरत नहीं होती.
  2. आप अपनी कार में बैठकर, घर में , यात्रा के दौरान  या फिर कहीं से  भी Transaction कर सकते हैं  और आपको वास्तव में किसी Bank Counter पर जाने की ज़रूरत नहीं पड़ती.
  3. आप किसी भी समय Transaction कर सकते हैं  और आपको बैंक के Working Hours के हिसाब से काम नहीं करना पड़ता । आपको रविवार या अन्य छुट्टियों के बारे में चिंता करने की भी ज़रूरत नहीं होती  - आपका खाता 24x7 Accessible होता है.
  4. आप internet की मदद से किसी भी device पर अपनी Bank activities को पूरा कर सकते हैं जैसे की -phone, Laptop, Desktop और tablet  और कुछ भी.
  5. ये पूरी प्रक्रिया Automated/स्वचालित होने के कारण आपका Bank account हमेशा Update रहता है और सभी Transations तुरंत Automatically update हो जाते हैं.

#5. नेट बैंकिंग  के नुकसान क्या है?

  1. Net banking का सबसे बड़ा नुकसान यह है कि यहाँ पर धोखाधड़ी की संभावना बढ़ जाती है क्योंकि Internet पर बहुत सारे hackers मौजूद हैं जो सिर्फ एक  email भेजकर या Call करके account holders की सभी जानकारियां प्राप्त करलेते हैं और उनके account के सभी पैसे अपने account में transfer कर लेते हैं. इसलिए आपको हमेशा इस तरह की email और Phone calls से सावधान रहना चाहिए. 
  2. Net banking के उपयोग को समझना Begginers या नए लोगों के लिए मुश्किल हो सकता है। हालांकि कुछ ऐसी Websites भी  हैं जो Netbanking  को समझने और इसका इस्तेमाल करने के लिए Demo provide करते हैं लेकिन सभी बैंक इस Service को प्रोविडेंस नहीं करते हैं इसलिए, पहली बार या शुरुआत में Net banking का उपयोग  करने में थोड़ी मुश्किलें आ सकती हैं.
  3. अगर आपके पास Internet connection नहीं है तो आप नेट बैंकिंग  का इस्तेमाल नहीं कर सकते , इसलिए इंटरनेट एक्सेस की उपलब्धता के बिना, यह किसी काम का नहीं है.
  4. Password Security भी बहुत  आवश्यक है इसलिए अपना password  प्राप्त करने के बाद  इसे बदल दें और इसे याद रखें. क्युकी कोई भी अनजान व्यक्ति आपके Password के द्वारा आपके account को हैक करने की कोशिश कर सकता है.
  5. अगर Bank के server down चल रहे हैं तो ऐसी स्थिति में आप Net banking का use नहीं कर सकते.
  6. कभी कभी Slow internet या down server की वजह से transaction बीच में ही रुक जाता है या फिर fail हो जाता है.

#6. एक सुरक्षित/Safe Net banking करने के लिए क्या करें?

Net banking का उपयोग अगर हम समझदारी और सतर्कता के साथ करें तो हम किसी भी तरह के नुक्सान से बचे रह सकते हैं. यहाँ पर में आपको कुछ ऐसे तरीके बता रहा हूँ जो एक सुरक्षित Net banking करने के लिए मददगार हो सकते हैं और आपको हमेशा इन्हें follow करना चाहिए.

  • हमेशा Bank की website पर सीधे लॉग इन या visit करे कभी भी किसी अन्य website की  Link और email के द्वारा अपने बैंक की website को acces न करें. और जिस भी website पर आप Netbanking करते हैं उसका  domain name हमेशा याद रखें क्युकी उससे मिलते जुलते बहुत से domain भी इन्टरनेट पर मौजूद हो सकते हैं.
  • Password और pincode मांगने वाले email और फ़ोन calls से हमेशा सावधान रहें और एक बात का ध्यान रखें की  पुलिस और बैंक कभी भी  आपकी personal informations को जानने के लिए call या email नहीं भेजते हैं. अगर आपको इस तरह के calls या mail आ रहें हो तो तुरंत अपने bank से संपर्क कर लें.
  • Netbanking के लिए कभी भी Cyber cafe या फिर किसी दुसरे का computer , mobile का उपयोग न करें.
  • हमेशा अपने computer या फ़ोन  के  antivirus को update कर के रखें और hackers से बचने के लिए आप Firewall को भी install कर कते हैं. जो आपके device को सुरक्षित रखेगा.
  • कभी भी अपने Browser में अपने Banking के id और password को save करके न रखें. समय समय पर अपने Browser की history और data को  clear करते रहें.
  • अपने Mobile No. को बैंक की  Sms facility के लिए Register कर दें ताकि कोई भी Transation होने पर आपके पास तुरंत sms आ जाये.
  • हमेशा किस Trusted browser का ही उपयोग करें.
  • इस बात का ध्यान रखें की जिस भी website पर आप Net banking कर रहें हैं उसके Url में  https connection enable हो इसका मतलब होता है की आप SECURE HyperText Transfer Protocol का उपयोग कर रहें हैं. 

तो दोस्तों ये थी नेट बैंकिंग के बारे में कुछ जरूरी जानकारी जिसमे मैंने आपको बताया की नेट बैंकिंग क्या है?  नेट बैंकिंग कैसे करे । मुझे उम्मीद है की आपको हमारी ये पोस्ट पसंद आई होगी अगर आप Net banking से समंबंधित कोई भी सवाल है तो आप निचे कमेंट करके हमसे पूछ सकते हैं.