What is Internet In Hindi-इंटरनेट क्या है और इसकी पूरी जानकारी हिंदी में


Internet क्या है-What Is Internet In Hindi , जिसे हम कभी कभी Net या Web भी कहते हैं,ये एक ऐसी चीज़ है जो आजकल हर किसी व्यक्ति के दैनिक जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है.
अगर Internet है तो कोई भी व्यक्ति एक ही जगह बैठकर पूरे दिन भर अपना Time pass कर सकता है या घर बैठे अपने Mobile या Computer से Internet पर बहुत सारे काम कर सकता है.इंटरनेट का हमारे जीवन इस प्रभाव पड़ चुका है कि हम 1 मिनट भी Internet के बिना नही रह सकते हैं.

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आजकल हर कोई अच्छी तरह से जानता है कि इंटरनेट कैसे चलाना है या फिर इसके क्या क्या उपयोग हैं लेकिन बहुत ही कम लोग ये जानते हैं कि इंटरनेट क्या है?ये कैसे बना और इसे किसने बनाया? मेरा मानना ये है कि अगर हम अपने Daily Life में किसी चीज़ का उपयोग कर रहे हैं तो हमे उसकी सामान्य जानकारी तो जरूर होनी चाहिए.इसलिए आज में आपको बताऊंगा की What is Internet In Hindi और ये कैसे काम करता है.

  Internet kya hai ye kaise kaam karta hai

#1. इंटरनेट क्या है-:What Is Internet In Hindi?

क्या आप सोच सकते हैं कि एक समय ऐसा भी था जब आप Facebook, Twitter, Email, Snapchat, Whatsapp Chat आदि. कुछ भी नही कर सकते थे क्योंकि ये सबकुछ संभव नही हुआ करता था. लेकिन आज ये सभी चीज़ हम कुछ ही Seconds में कर सकते हैं, घर बैठे ही किसी दूर के व्यक्ति से बात कर सकते हैं, Video Call कर सकते हैं और ये सब कुछ संभव हुआ है Internet की मदद से. 
Webopedia के अनुसार,इंटरनेट बहुत सारे आपस मे जुड़े हुए या Connected Networks का एक Worldwide system है.हर एक नेटवर्क बहुत सारे Computers, Servers, Routers और Printers से मिलकर बना हुआ है.सामन्यतः आप Internet को एक Telephone network की तरह ही समझ सकते हैं,बहुत से लोग इसका उल्लेख(Refer) एक Information Super Highway की तरह भी करते हैं. 

#2. इंटरनेट को किसने बनाया?

इंटरनेट की शुरुआत 1969 में हुई थी,इसे U.S Defence Department(आमेरिकी रक्षा विभाग) ने बनाया था,सबसे पहले Internet network को Advanced Research Project Agency Network(ARPANET) का नाम दिया गया था. 

अमेरिकी सरकार का Internet को बनाने का मुख्य मकसद ये था कि किसी भी अमेरिकी यूनिवर्सिटी(US University) में रिसर्च करने वाले scientist यूनिवर्सिटी के Computers से किसी दूसरी यूनिवर्सिटी के Scientists से आपस मे बात कर सकें और जिस भी Research पर वो काम कर रहें हैं उसकी जानकारी का आपस मे लेनदेन कर सकें.


शुरुआत में इसे एक गुप्त नेटवर्क(Private Network) के तौर पर बनाया गया था और इसके शुरुआती दौर में कोई भी व्यक्ति या User बिना किसी Permission के किसी भी दूसरे Computer को न कोई जानकारी भेज सकता था और न ही कोई जानकारी ले सकता था.लेकिन आज Internet के उपयोग Public, Cooperative और Self Usable है और कोई भी इसका उपयोग कर सकता है. 

#3. इंटरनेट काम कैसे करता है?

हम जान चुके हैं कि इंटरनेट क्या है और इसकी शुरुआत कैसे हुई थी?अब हम बात करेंगे कि इंटरनेट काम कैसे करता है.

अपने Computer या मोबाइल पर इंटरनेट की मदद से आप किसी दूसरे व्यक्ति से संपर्क कर सकते हैं, बात कर सकते हैं, किसी भी तरह की जानकारी, Multimediaजैसे कि फ़ोटो,वीडियो,मैसेज आदि का आदान प्रदान कर सकते हैं. और ये सब कुछ संभव हो पाता है इन चीज़ों की वजह से.

HardWare-: बहुत सारी optical Fiber cables या फाइबर की तारों की मदद से इंटरनेट चलता है.जिस तरह से टेलीफोन कम्युनिकेशन के लिए तार बिछाई जाती है ठीक उसी तरह से इंटरनेट के लिए भी पूरी दुनिया मे Optical Fiber की तार बिछाई गई है.आम तौर पर इन तारों को समुद्र के नीचे बिछाया जाता है जिसे Submarine Cable भी कहते हैं.समुद्र के नीचे बिछाये जाने का कारण ये है ताकि इन तारों को कोई नुकसान न पहुंचे.

                            internet cables kya hai

Server-: Server/सर्वर एक Computer या Data Center होता है जो सभी Websites को स्टोर/संग्रह करके रखता है.सर्वर का काम किसी भी User/clients को किसी भी वेबसाइट से कनेक्ट करने के लिए या फिर किसी वेबसाइट में मौजूद जानकारियों को Access करने के लिए अनुमति देने का होता है. इसे हम Hosting server भी कहते हैं. 

Clients-: Client का मतलब है की ऐसा computer जिसपर Internet का उपयोग किया जा रहा है जैसे कि -:लैपटॉप, कंप्यूटर,मोबाइल,टेबलेट आदि. सभी Clients का खुदका एक Unique Address ya पता होता है जिसे IP(Internet protocol)Address भी कहा जाता है.

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Internet Service Provider(ISP)-: Internet service Provider या ISP का मतलब है कि ऐसी कंपनियां या आर्गेनाईजेशन होती है जो कस्टमर्स या आम लोगों को Internet Connection प्रदान करती हैं और सजे बदले में हमें उन्हें पैसे देने होते हैं.ISP कंपनियां नई टेक्नोलॉजी से Internet डाटा को संचारित या transmit करती हैं जैसे कि-: DSL, Cable के द्वारा, Wifi, Broadband आदि.

Routers-: राऊटर को हैम ट्रैफिक कंट्रोल कम्प्यूटर्स भी कहते हैं. 2 या उससे ज्यादा इंटरनेट नेटवर्क के बीच मे जब भी किसी information का आदान-प्रदान किया जाता है तो Routers उस information को बिना किसी रुकावट के उसकी सही जगह तक पहुंचा देता है या फिर हम कह सकते हैं कि राऊटर 2 या उससे ज्यादा नेटवर्क को आपस ने जोड़ने के काम करता है. 

ये एक Dispatcher/Controller का काम करता है ताकि जिस भी जानकारी का Internet पर आदान प्रदान किया जा रहा है वो अपनी सही जगह पर पहुंचे और बहुत ही तेज़ी से या जल्दी पहुँचे. 

Domain Name System/Server-: इंटरनेट पर किसी भी Website को ओपन करने के लिए Domain Name System(DNS) बहुत जरूरी होता है. सामान्यतः जब भी हम इंटरनेट पर कोई वेबसाइट(www.example.com)  Search करते हैं तो DNS उस Web Address को एक IP Address में Translate करके उस Website को उसके Hosting Server से कनेक्ट कर देता है.Hosting सर्वर से कनेक्ट हो जाने पर Website ओपन हो जाती है और website पर मौजूद सभी जानकारी हमे मिल पाती है. 


#4. India में इंटरनेट की शुरुआत कब हुई?

15 अगस्त,1995 को विदेश संचार निगम लिमिटेड(VSNL) ने पूरे भारत मे सभी लोगों के लिए Internet सेवाएँ जारी की थी,आज भारत मे इंटरनेट को पूरे 22 साल हो चुके हैं. 

शुरुआत में India में इंटरनेट की अधिकतम स्पीड सिर्फ 50kbps थी इसके बाद 2002 ने रिलायंस ने CDMA सर्विस को launch किया था जिसके बाद से Mobile में Internet चलाने की लोकप्रियता बढ़ गयी थी.

#5. Internet के फायदे और नुकसान?

#1. Advantages(फायदे )
  • इंटरनेट की सहायता से हम पूरी दुनिया से जुड़े रह सकते हैं.
  • किसी भी समय या 24 घण्टे इसका उयोग कर सकते हैं.
  • इंटरनेट की मदद से हम अपने व्यवसाय, व्यक्तित्व आदि को विकसित कर सकते हैं.
  • Online बात चीत, वीडियो कॉल, फ़ोन, आदि भी इंटरनेट की वजह से ही सम्भव हो पाता है.
  • इंटरनेट से हम किसी भी तरह की Payment ले भी सकते हैं और दे भी सकते हैं जैसे कि – बैंक ट्रांसफर, नेट बैंकिंग, बिल, रिचार्ज आदि.

#2. Disadvantages(नुक्सान )
Internet के आने पर बहुत सी नई चीजों का विकास हुआ है लेकिन इसकी वजह से बहुत सी ऐसी चीजों की भी शुरुआत हुई है जो Internet के सबसे बड़े नुकसान हैं जैसे कि-: 
  • Spamming
  • Hacking(हैकिंग करना)
  • Internet Viruses
  • Cheating(धोखाधड़ी )
  • Cyber Crimes(साइबर अपराध )
  • Identity theft(खुद की पहचान चोरी होना )
  • Depression( इंटरनेट का आदि हो जाने पर तनाव जैसे समस्याएं होना

#. निष्कर्ष-:

आज लगभग करोड़ों लोग हर दिन इंटरनेट का इस्तेमाल करते हैं.कुछ इसका सदुपयोग करते हैं तो कुछ इसके द्वारा गलत कामों (साइबर अपराध) को अंजाम देते हैं. बहुत से लोगों ने इंटरनेट और ही अपना भविष्य विकसित किया है और इसे ही अपनी आय का स्त्रोत बनाया है. लेकिन बहुत से लोग ऐसे भी हैं गलत तरीके से इंटरनेट का उपयोग करके पैसे कमाते हैं या किसी अपराध को अंजाम देते हैं और बाद में उन्हें पछताना पड़ता है.  
इन बातों से मेरा मतलब ये है कि हमे Internet का उपयोग तो करना चाहिए लेकिन एक सीमा में रहकर.क्योंकि अगर इसकी लत लग जाये तो इससे बाहर निकलना बहुत मुश्किल होता है। इसके अलावा इंटरनेट का use पूरी सुरक्षा के साथ करना चाहिए ताकि आगे चलकर आपको किसी hacking, spamming, और किसी धोखाधड़ी का शिकार न होना पड़े. 

मुझे उम्मीद है कि अब आप जान गए होंगे कि What is Internet In Hindi या Internet kya hai  और क्या फायदे , नुक्सान है. मैं चाहता हूं कि आप इस पोस्ट को अपने जभी दोस्तों, और सोशल मीडिया पर शेयर जरूर करें ताकि और भी लोगों को internet की सामान्य जानकारी मालूम हो सके.



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