म्यूच्यूअल फंड्स क्या है | म्युचुअल फंड कैसे ख़रीदे- Mutual Funds in Hindi


#1. म्यूच्यूअल फंड्स क्या है -Mutual Funds In Hindi

म्युचुअल फंड एक ट्रस्ट(Trust) या एसेट मैनेजमेंट कंपनी(Asset Management Company)के रूप में कार्य करते हैं इनका काम विभिन्न Different निवेशकों(Investors) से पैसे Collect करके उस पैसे को manage करने का होता है । इसके बाद ये कुछ वित्तीय लक्ष्यों(Financial Goal) या Profit को प्राप्त करने के लिए बहुत सी संपत्तियों और Projects में इन पैसों का निवेश(Invest) करते हैं ।
अगर दूसरे शब्दों में कहें तो म्यूच्यूअल फंड्स Trust के रूप में कार्य करते हैं, जो Investors की बचत(savings) को मजबूत करते हैं और उन्हें लाभ कमाने के लिए फंड में पुन: निवेश(ReInvest) करते हैं और जितना भी Profit होता है उसे निवेशकों(Investors) में बाँट दिया जाता है  और  इसके बदले में, Asset Management Companies इस Service के लिए शुल्क(Fee) के रूप में एक निर्धारित  धनराशी (Amount) charge कर लेते हैं.Mutual Funds In Hindi

Mutual Funds In Hindi

#2. म्युचुअल फंड के प्रकार(Types Of Mutual Funds In Hindi)

Mutual Fund की अवधि कितनी होगी इस आधार पर इसे 2 भागों(Parts) में बांटा गया है , म्युचुअल फंड को 2 मुख्य श्रेणियों में बांटा गया है - Open Ended और Close Ended।

-: Open Ended(ओपन एंडेड) - इस प्रकार के Mutual Fund में कोई भी निश्चित तिथि नहीं होती की कब ये योजना बंद हो जाएगी. यानिकी Investors को ये नहीं मालुम होता की ये योजना(Scheme) कब तक चलेगी और कब बंद होगी.

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-: ओपन एंडेड स्कीम के प्रकार

#1. Debt/Income(ऋण / आय:)

एक Debt/Income योजना में, धन का एक प्रमुख हिस्सा डिबेंचरों, गिल्ट फंड, सरकारी प्रतिभूतियों(Debentures, Gilt Fund, Government Securities)और अन्य ऋण साधनों में Invest किया जाता है। यह एक कम जोखिम( Low Risk) वाला निवेश विकल्प है जो स्थिर आय(Steady Income) के साथ निवेशकों(Investors) के लिए Best option है।

या फिर कहें तो इस  प्रकार के फंड कम जोखिम वाले होते हैं, क्योंकि ये किसी प्रकार के जोखिम को नहीं लेते हैं। ये योजनाएं ऋण संबंधी प्रतिभूतियों(Securities) जैसे वाणिज्यिक कागजात(Commercial Papers),Bonds में निवेश करती हैं, ये आपको एक बेहतर रिटर्न दे सकते हैं।

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#2. Money Market

अपने अधिशेष धन (Extra savings) का उपयोग करने वाले Investors इन कम समय वाले निवेश विकल्पों (Short-term Investments Options) में Invest कर सकते हैं, जो निवेशकों को उचित रिटर्न(Reasonable Returns) प्रदान करते हैं।

#3. Equity Growth Funds(इक्विटी / ग्रोथ फंड्स)

Equity निवेश, Retail Investors के बीच म्यूचुअल फ़ंड का एक popular रूप हैं। ये एक कम समय(Short Term) में उच्च जोखिम(High Risk)वाला निवेश है , लेकिन निवेशक आगे चलकर उच्च पूंजी (High capital) की उम्मीद कर सकते हैं। यदि आप लंबे समय तक लाभ की तलाश कर रहे हैं और जोखिम लेने के लिए तैयार हैं , तो Equity Growth Fund आपके लिए एक Best Investment  Option हैं।

#4. Index Scheme(सूचकांक योजना:) 

ये निवेश निफ्टी, सेंसेक्स,(Nifty,Sensex) जैसे BenchMark Index की आवाजाही की ही  नकल करते हैं। ये निवेश Sensex और Nifty की तरह बाजार की स्थितियों और चाल-चलन के अनुसार किया जाता है।

#5. Sector Scheme(सेक्टर स्कीम: ) 

इन Funds को आईटी, आधारिक संरचना , फार्मास्यूटिकल्स, खनन(IT,Infrastructure,Pharmacuticals,Mining) आदि जैसे  क्षेत्रों Sectors में निवेश किया जाता है या फिर पूंजी बाजार(Capital market)जैसे Large Cap,Mid-Cap आदि के क्षेत्रो में निवेश किया जाता है।

#6. Tax Saving Funds(टैक्स सेविंग)

जैसा कि नाम से ही स्पष्ट रूप से पता चलता है की  यह Mutual Fund sCheme निवेशकों को कर लाभ(Tax Benefits)प्रदान करते हैं। इस तरह के फंड्स आमतौर पर  दीर्घकालिक विकास(Long Term Growth) के अवसर प्रदान करते हैं। Tax Savings Mutual Funds योजनायें आम तौर पर 3 साल की अवधि की होती है।

#7. Balanced(संतुलित)

ये फंड आम तौर पर Equity में 65% और बाकी Debt Securities में निवेश करते हैं। बाजार की स्थितियों के मुताबिक ये योजना Equity Exposure को कम कर सकती है और डेट प्रतिभूतियों में निवेश कर सकती है। Medium Risk appetite(माध्यम जोखिम भोग ) के निवेशक इन Funds में निवेश कर सकते हैं और 10-15% सालाना रिटर्न की उम्मीद कर सकते हैं।


#. Close Ended- इस तरह के फंड्स की एक निश्चित अवधि या समय सीमा होती है.

-: क्लोज-एंडेड स्कीम के प्रकार

Close Ended Scheme में निवेश करने से पहले एक बात का ध्यान रखें की आप  Close Ended योजना में उसी समय निवेश कर सकते हैं, जब उसे शुरू में लॉन्च किया जाता है। इसे New Fund Offer(NFO)Period के रूप में जाना जाता है। इन Mutual Funds समय अवधि तय होती है (Fixed Time Period).

#1. Capital Protection(पूंजी संरक्षण)

इन योजनाओं का मुख्य उद्देश्य Investors को उचित रिटर्न(Reasonable Return) देने की कोशिश करते हुए मूलधन(Principle Amount) को protect करना है। इस तरह की योजनाओं में धन(Fund)को एक  उच्च-गुणवत्ता वाली Fixed Income Securities में  निवेश किया जाता है जिनकी एक निश्चित समय अवधि होती है.

#2. Fixed Maturity Scheme Funds(निश्चित परिपक्वता योजना)

जैसा कि नाम से ही पता  चलता है की  ये  Mutual Fund Schemes एक निर्धारित परिपक्वता अवधि(Fixed Maturity Period) के साथ शुरू की जाती हैं । इस तरह की योजनाओं में किसी प्रकार का सक्रिय व्यापार(Active Trading) शामिल नहीं होता है और इसलिए सक्रिय रूप से प्रबंधित योजनाओं(Actively Managed Schemes) की तुलना में इस योजना में  रिटर्न बहुत कम  होता है।


इन Open Ended और Closed Ended योजनाओं के अलावा,Interval Mutual Funds भी होते हैं  जो Open और Closed Ended Funds के Combination की तरह काम करते हैं ,इस तरह की योजनाएं Investors को पूर्व-निर्धारित अंतराल(Pre defined Intervals) पर units को trade  करने की अनुमति देती हैं।


#3. Mutual Fund में निवेश कैसे करें(How To Invest In Mutual Funds In Hindi)


म्यूचुअल फंड निवेश करना पैसा बनाने के सबसे पसंदीदा तरीकों में से एक है। म्यूच्यूअल फंड्स, Investment Professional के द्वारा प्रबंधित स्टॉक और बॉन्ड का एक collection होता है। यदि आप म्यूचुअल फंड्स में Invest करने की सोच रहे हैं तो इन महत्वपूर्ण Steps को follow करने के लिए तैयार रहें  जैसे की - आपके पास सभी Important Papers होने चाहिए ,Investment के उद्देश्य को जानना और सही Mutual Fund Scheme का चयन करना.

हालांकि, म्यूचुअल फंड निवेश में Beginners को कुछ और चीजें जाननी चाहिए ताकि वे सही निर्णय ले सकें। यहां उन चीजों की एक सूची दी गई है जिन्हें आपको Mutual Funds में निवेश करने से पहले जान लेना चाहिए-:


#1. अपने निवेश के उद्देश्य और एक सही म्यूच्यूअल फंड्स का चुनाव करना

एक निवेश करने का उद्देश्य अच्छी तरह से परिभाषित होना चाहिए , कहने का मतलब है की आप Invesment क्यों करना चाहते हैं - एक कार खरीदने के लिए , घर खरीदने के लिए ,बच्चो की पढाई के लिए ,शादी की योजना के लिए, आदि। यहां तक ​​कि अगर आपके पास कोई लक्ष्य नहीं है, तो आपको यह मालुम होना चाहिए कि आपको कितना पैसा invest करना है और कितना समय तक के लिए आपको इसमें बने रहना है.

योजना के उद्देश्यों को अच्छी तरह से समझने के लिए योजना संबंधित सभी  दस्तावेज़ों को ध्यान से पढ़ना चाहिए और ये जान लेना चाहिए की क्या ये योजना आपके सभी उद्देश्यों को पूरा करने योग्य है या नहीं।

हमेशा" Savings का उद्देश्य "और" उस वर्ष का निर्णय कर लें जब आपको अपने पैसे की ज़रूरत होगी। ऐसा करना आपको विभिन्न Mutual Fund Options के Basis जैसे की -जोखिम का स्तर, लॉक-इन अवधि, भुगतान पद्धति(Payment Method), आदि को Filterकरने में मदद करेगा।


#2. अपनी जोखिम लेने की क्षमता को तय कर लें

यदि आप एक नए निवेशक हैं, तो आपको एक बात जान लेनी चाहिए की India में बहुत सारे Mutual Funds उपलब्ध हैं, कुछ कम जोखिम वाले हैं तो कुछ ज्यादा जोखिम वाले हैं।इसलिए आपको अपनी जोखिम लेने की क्षमता के अनुसार ही किसी योजना का चयन करना चाहिए.एक बात का ध्यान रखें की अगर कोई योजना उच्चतर रिटर्न प्रदान करती हैं तो उसमे उतने ही ज्यादा जोखिम(Risk) की समभावना(Possibility) भी होती है इसलिए किसी भी Scheme को चुनते समय दिमाग से काम ले क्युकी ये आपका पैसा और भविष्य है.


#3. योजना का चयन और निवेश की स्थिति

दीर्घकालिक वित्तीय लक्ष्यों की योजना के लिए आपको हमेशा एक योग्य म्यूचुअल फंड सलाहकार की मदद लेनी चाहिए. वे आपकी प्राथमिकताओं के अनुसार आपके लिए एक बेहतर Scheme (तरल, ऋण, हाइब्रिड या इक्विटी), Option( विकास, लाभांश भुगतान या पुनर्गठन), Strategy (एसआईपी, एकमुश्त, एसटीपी, एसडब्ल्यूपी, आदि) को सूचीबद्ध कर सकते हैं।


#4. फंड का पिछला प्रदर्शन देखें

अगर देखा जाये तो इस बात की गारंटी नहीं होती की अगर किसी फंड ने इससे पहले अच्छा प्रदर्शन किया है तो आगे भी वो अच्छा की प्रदर्शन करेगा. इसीलिए आपको फंड में निवेश करने से पहले सभी Funds की पिछली performance रिपोर्ट देख लेनी चाहिए और सभी Funds की तुलना एक दुसरे के साथ करनी चाहिए और जो बेहतर लगे उसी में निवेश करना  चाहिए.

इसके अलावा आपको ऐसे फंड को चुनना चाहिए जिसका प्रदर्शन हमेशा से बेहतर औए समान रहा हो.


#5. कंपनी का पिछला Record भी चेक कर लें

जिस भी कंपनी के Mutual Fund योजना में आप निवेश करने जा रहे हैं उसके पीछे रिकार्ड्स और प्रदर्शन की जांच अच्छी तरह से कर ले.
कंपनी के बारे में कुछ जरूरी जानकारियां जैसे की , कंपनी कितने समय से काम कर रही है, कंपनी के दूसरी योजनाओ का प्रदर्शन कैसा रहा है, और उस कंपनी की बाज़ार में कैसी स्थिति है आदि.

इसके अलावा उस कंपनी के फंड मेनेजर का पिछला record भी अच्छी तरह से चेक कर ले, ऐसा करना इसलिए जरूरी होता है क्युकी आपके पैसे कहाँ पर निवेश करने हैं इस बात का पूरा दायित्व Manager को होता है.और एक काबिल मेनेजर आपके पैसों को बेहतर तरीके से एक अच्छी जगह पर निवेश करने के तरीके जानता है.


#4. Mutual Funds खरीदने के तरीके In Hindi

 किसी भी म्यूचुअल फंड योजना में आप Online(AMC के द्वारा प्रदान की जाने वाली ऑनलाइन निवेश सुविधा) या फिर Offline(किसी Mutual Fundकंपनी की शाखा में जा कर) निवेश कर सकते हैं.

लेकिन चाहे आप ऑनलाइन निवेश करे या फिर ऑफलाइन निवेश करे आपको कुछ जरूरी दस्तावेजों की आवश्यकता होगी-: फोटो, पैन कार्ड,नाम, पता प्रमाण, बैंक खाता विवरण, और केवाईसी अनुपालन(Photo, Pan Card, Name and Address Proof, Bank account Details, KYC Compliance)


#1. Online(ऑनलाइन के माध्यम से)

यदि आप खुद ही म्यूच्यूअल फंड्स  चयन कर सकते हैं या फिर आपके मित्रों ने आपको सुझाव दिया है तो ये आपके लिए एक बेहतर विकल्प हो सकता है. इसका एक मुख्य फायदा ये है की आप सीधे MF AMC(Mutual fund Asset Management company) के साथ जुड़ सकते हैं और ऐसा करने पर आपसे किसी तरह का कमीशन नहीं लिया जायेगा.

Step 1 - वेबसाइट पर जाएं और ऑनलाइन लेनदेन सेवाओं के लिए पंजीकरण करें। सभी आवश्यक जानकारी जैसे नाम, ईमेल, फोन नंबर,D.O.B, पता, पैन नंबर आदि प्रदान करें.

Step 2 - इसके बाद एक F-Pin generated किया जायेगा जिसे आपके Email-Id औरे Registered Mobile नंबर पर भेजा जायेगा.

Step 3 - इस F-Pin का उपयोग करके आप अपना यूजर आईडी और पासवर्ड(User Id and Password) बना सकते हैं.

Step 4 - User Id और पासवर्ड की मदद से Login करें इसके बाद आप निवेश करना शुरू कर सकते हैं.

#2. Online Mutual Funds खरीदने की Websites

  • Karvy Online
  • ICICI Prudential

#3. Offline निवेश करना (आवेदन पत्र के माध्यम से)


Step 1-  म्यूचुअल फंड के एजेंट या Distributor से Contact करें।

Step 2- अपना  Application Form प्राप्त करें।

Step 3- अपनी सभी आवश्यक जानकारी प्रदान करने के लिए आवेदन पत्र को सही सही  भरें, अर्थात नाम, पता, पैन, ईमेल आईडी, मोबाइल नंबर आदि। आपके द्वारा दी गयी Email Id और Mobile No.का उपयोग Communication और ऑनलाइन लेनदेन सेवाओं के लिए भी Use किया जा सकता है।

Step 4- Application Form के साथ सभी Relevant Documents की प्रतियां संलग्न करें और जितने भी Amount का आप निवेश करना चाहते हैं उतने ही AMount का एक Cheque या Demand Draft भी फॉर्म के साथ सबमिट करें.

Step 5- अगर आप किसी एजेंट या distributor के माध्यम से आवेदन करते हैं, तो वे खुद ही आवेदन पत्र और सभी प्रासंगिक documentsको  Cheque के साथ  म्यूचुअल फंड कंपनी में जमा करेंगे।

Step 6- इसके बाद म्यूचुअल फंड कंपनी आपको Investment करने के लिए एक फ़ोलियो नंबर(Folio No)देगी  और आपको एक Account Statement जारी करेगी.

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#5. Kyc क्या है?

1 जनवरी, 2011 से SEBI के नियम के अनुसार, जो लोग म्यूचुअल फंड में निवेश करना चाहते हैं वे अपने-ग्राहक (KYC) मानदंडों के अनुरूप होने चाहिए, चाहे वो कितना भी निवेश कर रहे हैं. इसका मतलब है की आप तब तक किसी Mutual Fund को नहीं खरीद सकते जब तक आप Mutual Fund KYC के अनुरूप नहीं हो जाते.

इसलिए म्यूच्यूअल फंड्स में निवेश करने से पहले आपको अपनी KYC  प्राप्त करनी होगी जिसे आप Broker  या Fund  management  Company  से प्राप्त  कर सकते हैं.

मुझे उम्मीद है की अब आपको समझ आ गया होगा की म्यूच्यूअल फंड्स क्या है  Mutual Funds In Hindi.अगर अभी भी आपके मन में Mutual  Fund  से जुड़ा कोई भी सवाल है तो कमेंट के माध्यम से जरूर पूछे। और मेरा आपसे निवेदन है की इस पोस्ट को ज्यादा से ज्यादा Social  Media  और अपने मित्रों तक शेयर करके जरूर पहुंचाए।



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