Website kaise Banaye- How to Make Website In Hindi


क्या आप Website kaise banaye? या Blog kaise banaye? के बारे में जानना चाहते हैं। अक्सर आपने Internet से पैसे कमाने के बारे में सुना होगा। में आपको बताना चाहता हूं कि आज के समय मे Internet से पैसे कमाने का सबसे लोकप्रिय तरीका है Website या Blog से कमाई। आम तौर पर हम Google पर search करके किसी Website के माध्यम से अपनी किसी Problem का Solution ढूंढ लेते हैं या फिर कोई जानकारी प्राप्त करने के website या Blog की मदद लेते हैं। लेकिन बहुत कम लोग ये बात जानते है की उन्ही Website या Blog के Owner/मालिक अपनी वेबसाइट से पैसे भी कमा लेते हैं। अभी हम पोस्ट के मुख्य topic पर आते हैं और बात करते हैं की वेबसाइट या ब्लॉग कैसे बनायें? यहां पर में आपको वेबसाइट बनाने से संबंधित सभी जरूरी जानकारी और Steps बताऊंगा जिन्हें Follow करके आप आसानी से खुद की वेबसाइट बना सकते हैं।
सबसे पहले तो हम ये जान लेते हैं कि एक Website और Blog में क्या अंतर है?

website kaise banaye


-: सबसे पहले तो हम बात करते हैं की Blog क्या है?

  • एक ब्लॉग को किसी एक व्यक्ति या छोटी कंपनी के द्वारा चलाया जाता है। 
  • Blog को हम Web+log कहते हैं, समान्यत एक blog पर किसी Topic/Product/Person/ से सम्बंधित Articals लिखे जाते हैं  और उन articals को कोई भी व्यक्ति Blog के माध्यम से पढ़ सकता है। 
  • Blog पर Comment और Share system होता है यानिकी अगर किसी व्यक्ति को आर्टिकल पसंद आ जाये तो वो उस आर्टिकल पर अपनी टिपण्णी रख सकता है और उसे Share कर सकता है। 
  • ब्लॉग का एक अच्छा उदाहरण है Kyuaurkese.com जहाँ पर आप "Website kaise banaye" से सम्बंधित पोस्ट को पढ़ रहे हैं। 
  • जब भी हम Google पर कोई keyword search करते हैं तो website की बजाय अधिकतर result Blog के ही आते हैं क्युकी website पर हमें सिर्फ  किसी Specific product या service की जानकारी मिल सकती है जबकि ब्लॉग में ऐसा नहीं है। 
  • Blog को आप एक किताब की तरह मान सकते हैं जहाँ पर आपको किसी भी Topic से सम्बंधित जानकारी प्राप्त हो जाएगी। 

-: मुझे उम्मीद है की अब आप जान गए होंगे की Blog क्या है. अब हम बात करते हैं की website क्या है?

  • आम तौर पर एक Website किसी Company, Organization या फिर product की जानकारी को  दर्शाने के लिए होती है। 
  • website में मौजूद किसी भी जानकारी को बार बार बदला नहीं जाता। 
  • website पर किसी भी तरह का comment system नहीं होता। 
  • website के owner से  उनके helpline नंबर या mail द्वारा संपर्क किया जा सकता है। 
  • आम तौर पर Website का उपयोग किसी Product या Service को sell करने के लिए किया जाता है। जैसे की amzon.com , Facebook.com भी website का एक अच्छा उदाहरण हैं। 
  • अगर कोई Web owner किसी product या service को बेचने के अलावा उसे promote भी करना चाहता है तो उसे Blog की जरूरत पड़ती है। 

-:  Website kaise Banaye या Blog Kaise Banaye? How to Make website in Hindi

तो ये थे ब्लॉग और website में कुछ सामान्य अंतर। अब हम बात करते हैं की website या Blog कैसे banaye
दोस्तों जिस तरह से website और ब्लॉग अलग हैं उसी तरह से इन्हें बनाने का तरीका भी अलग है। सबसे पहले तो आपको ये पता होना चाहिए की आपको Blog की जरूरत है या फिर website की। अगर आपकी जरूरत  किसी Company, Organization या product से सम्बंधित है तो आपको website बनाने चाहिए और अगर आप खुद के लिए किसी Topic पर लिखना चाहते हैं तो आपको Blog बनाना चाहिए। यहाँ पर में Blog और Website बनाने की सामान्य विधि आपको बताऊंगा बस आपको in steps को follow करना होगा।

#1. Website kaise banaye? 

Website और Blog कुछ हद तक तो समान ही होते हैं लेकिन इनके Functions अलग अलग होते हैं.
एक website बनाने के लिए सबसे पहले जिस चीज़ की जरूरत होती है वो है Coding knowledge जैसे- Html, Css, Php, javascript आदि। लेकिन बिना Coding knowledge के भी Website बनाने के 2 तरीके हैं। 
  1. किसी Web developer या company से बनवाना. लेकिन इसके आपको अधिक पैसा खर्च करना पड़ेगा। 
  2. किसी Online website builder Platform पर Free Website बनाना। 
ये दो ऐसे तरीके हैं जिनसे आप Website बना सकते हैं। अगर आपको Coding की अधिक जानकारी नही और पैसे भी खर्च नही चाहते तो आपको दूसरा वाला Option चुनना चाहिए। इंटरनेट पर बहुत से ऐसे Online platform मौजूद हैं जिनकी मदद से आप आसानी से और मुफ्त में Website बना सकते हैं। नीचे मैंने कुछ Popular Platforms के नाम दिए हैं जहां पर आप मुफ्त में Registration करके खुद की website बना सकते हैं। इसकी अधिक जानकारी के लिए आप Google या Youtube की मदद ले सकते हैं।

#2. Blog कैसे बनाये?

दोस्तों अगर आपको लिखने का शौक है और आप अपनी Knowledge को लिखकर ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाकर पैसे कमाना चाहते हैं तो इसके लिये आपको एक Blog की जरूरत पड़ेगी।
अगर देखा जाए तो एक Blog बनान बहुत ही आसान है। वैसे तो Website की तरह Blog बनाने के लिए भी Coding skills की जरूरत होती है लेकिन अब कुछ Online platforms की मदद से Blog बनाना और चलाना बहुत ही आसान हो चुका है। Blog बनाने के 2 मुख्य और लोकप्रिय Platforms हैं Blogger और Wordpress। इन प्लेटफॉर्म्स पर मुफ्त में या कुछ पैसे खर्च करके खुद का blog बना सकते हैं। यहां पर में आपको इन दोनों platforms पर blog बनाने की विधि बता रहा हूँ।

1. Blogger- ब्लॉगर Google का ही एक Blogging platform है जहाँ पर आप बिलकुल मुफ्त या  बहुत कम पैसे खर्च करके अपना ब्लॉग बना सकते हैं.blogger और wordpress पर ब्लॉग बनाना बहुत ही आसान है बस आपको एक Blog की सामान्य जानकारी होनी चाहिए जैसे की-:

Custom Domain Name-:  Domain name को Url या Link के नाम से भी जाना जाता है। सामान्यत domain name किसी ब्लॉग या website का address होता है जिसके माध्यम से हम उस Website या Blog तक पहुँच सकते हैं। Domain name कुछ इस तरह के होते हैं। 
www.kyuaurkese.com, www.Google.com, www.example.in, www.example.org आदि।

Subdomain name-: subdomain name एक मुफ्त का domain name होता है। जिस भी Platform पर हम अपनी website या Blog बनाते हैं वहां पर हमारे पास 2 Choice होती हैं पहला ये की हम उनके subdomain पर अपना Blog या website शुरू करें या फिर खुद का domain name खरीदकर ब्लॉग या website शुरू करें.खुद का domain name लेने के आपको मात्र 100-500 रूपए खर्च होंगे। subdomain name कुछ इस तरह के होते हैं। 
www.example.blogger.com , www.example.wordpress.com, www.example.weebly.com आदि।

Hosting-: hosting को आम तौर पर Server भी कहते हैं, Hosting का काम किसी Website या Blog के database को store(संग्रह) करने का होता है। अगर आप Blogger पर अपना ब्लॉग शुरू करते हैं तो आपको किसी भी hosting की जरूरत नहीं पड़ेगी क्युकी Blogger को Google के server पर host किया जाता है.Blogger पर आपको सिर्फ एक Domain name की जरूरत पड़ेगी और आप चाहे तो subdomain पर भी Blog बना सकते हैं। ,अगर आप अभी Blogging में नए हैं तो में आपको Recommend करूँगा की आप Blogger पर ही अपना Blog शुरू करें। Blog ही अधिक जानकारी होने पर आप अपने Blog को wordpress पर भी shift कर सकते हैं। 

-: Blogger पर ब्लॉग बनाने के लिए सबसे पहले आपको जरूरत पड़ेगी एक Gmail id की। 

  1. सबसे पहले तो www.blogger.com  पर जाएँ। 
  2. Site खुलने के बाद अपनी Gmail id और password डालकर login करें. अगर आपकी Gmail id ब्राउज़र में पहले से ही खुली है तो शायद आपको login करने की जरुरत नहीं पड़ेगी। 
  3. Login करने के बाद सबसे ऊपर New Blog पर क्लिक करें। 
  4. New Blog पर क्लिक करने के बाद एक new window open होगी, यहाँ पर आपको अपने Blog की details भरनी है। 
  • Title-: यहाँ पर अपने Blog का नाम डालना है यानिकी जिस नाम से आप ब्लॉग शुरू करना चाहते हैं। 
  • Address-: यहाँ पर आपको अपने ब्लॉग के लिए subdomain name चुनना है.इसे आप ब्लॉग बनने के बाद Custom domain में change कर सकते हैं। 
  • Template-: यहाँ पर आपको अपने Blog के लिए एक बढ़िया Template या theme चुननी है.theme एक ऐसीं चुने जो user friendly हो और दिखने में भी अच्छी हो। 
blogger par free blog kaise banaye

  • ये सब करने के बाद Create Blog पर क्लिक करें अब आपका ब्लॉग बन चुका है। 

Note-:  ब्लॉग पर किस तरह से Post लिखनी है, Publish करनी है और भी अधिक जानकारी के लिए आप Google या Youtube की मदद ले सकते हैं। 

#2. Wordpress पर Free Blog कैसे banaye ?

Wordpress पर भी free ब्लॉग बनाना blogger की ही तरह आसान है.wordpress के दो platform हैं

1. www.Wordpress.org -: यहाँ पर आपको अपनी website के लिए hosting की भी जरूरत होती है जिसके लिए महीने के 300-400 रूपए खर्च करने पड़ते हैं। एक शुरुआती blogger के लिए wordpress recommend नहीं करूँगा। 
2. www.wordpress.com-: यहाँ पर आप मुफ्त में अपनी website या Blog बना सकते हैं.ये भी blogger की ही तरह है.
-: wordpress पर Free ब्लॉग बनाने के तरीके।

1. सबसे पहले तो https://wordpress.com/start/blog/domains पर जाएँ।
2. यहाँ पर आपको अपने ब्लॉग का नाम या Address लिखना है।
3. अब यहाँ पर  आपके ब्लॉग के नाम से सम्बंधित domain name आयेंगे। आपको सबसे पहले वाले Free domain को select करना है।
                                      website kaise banaye

4. अब यहाँ पर scroll down करें और Start Free पर क्लिक करें।

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5. यहाँ पर आपको अपना email id डालना है और एक password select करना है।

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6.अब आपका free ब्लॉग wordpress पर बन चुका है. Wordpress ब्लॉग को किस तरह से manage करना है इसके लिए आप Google या Youtube की मदद ले सकते हैं।
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तो ये थी आज की पोस्ट जिसमे मैंने आपको बताया की free Website kaise banaye या Free Blog kaise banaye  . मुझे उम्मीद है की आपको पोस्ट पसंद आई होगी और अगर आपके मन में अभी भी कोई सवाल है तो उसे निचे कमेंट करके पूछ सकते हैं। और अगर आपको पोस्ट पसंद आई हो तो इसे share जरूर करें। 

Backlink kya Hai aur High quality backlinks कैसे बनायें


 क्या आप जानते है की Backlink kya Hai और backlink कैसे बनायें? जब भी हम खुद की वेबसाइट या फिर ब्लॉग बनाते हैं तो हमारी हमेशा ये ही कोशिश रहती है कि हमारी वेबसाइट पर ज्यादा से ज्यादा लोग या traffic आये और इसके लिए हमारा पहला कदम होता है वेबसाइट के seo को optimize करना। सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन ही एक ऐसा रास्ता है जिसकी मदद से हम अपनी वेबसाइट को सर्च engines जैसे कि- गूगल, yahoo, Bing आदि पर High rank पर ला सकते हैं। आज में आपको Seo की एक मुख्य तकनीक के बारे में बताऊंगा जिसका नाम है Backlinks।
आज की इस पोस्ट में आपको Backlinks क्या है?  कैसे काम करती है और Baklinks कैसे बनायें ? से जुड़ी सभी जानकारी Provide करूँगा।

backlinks kya hai


#1. Backlink Kya Hai? High Quality बैकलिंक्स कैसे बनायें?

जब भी कोई वेबसाइट की दुसरीं website के पेज पर Linked होती है तो उसे backlink कहते हैं।
मान लीजिए कि आपकी वेबसाइट की link किसी दुसरीं Website पर मौजूद है तो इसका मतलब है कि उस वेबपेज से आपकी Website को backlink मिल रही है।

Backlink से दो तरह के फायदे होते हैं पहला तो ये की अगर हमारी कोई link किसी website पर मौजूद है तो उस वेबसाइट पर आने वाले visitors हमारी link पर भी visit करेंगे जिससे हमारी website पर traffic बढ़ेगा।
और दूसरा फायदा ये की उस Backlink के द्वारा हमारी वेबसाइट search engines पर high rank करेगी।
किसी भी Website की रैंकिंग के लिए Backlinks एक अहम भूमिका निभाती है या फिर कहें तो जिस भी वेब पेज की सबसे अधिक और Quality backlinks होती है वो Search engines पर High rank हो जाती है।

Backlinks के भी अलग-अलग नियम होते हैं-:

  1. Link Juice-: जब भी किसी Website के page से हमारी वेबसाइट को backlink मिलती है तो इसका मतलब होता है कि वो Link juice pass कर रहा है और इस link juice की मदद से हमारी वेबसाइट या पेज की ranking improve हो पाती है और साथ ही Domain Authority को भी Improve करता है।
  2. Low Quality links-: किसी भी Bad sites जैसे Hacking, spam, Porn sites से मिलने वाली backlinks को low quality links में गिना जाता है। इन links का सबसे बड़ा नुकसान ये है कि google हमारी Website को Penalise कर देता है जिसके कारण Search engines पर हमारी वेबसाइट की ranking अचानक से Down हो जाती है।
  3. Linking Root domains-: Linking root domain का मतलब है कि आपकी Website पर कितने Domains या Website से backlinks आ रहे हैं।
  4. Internal Linking-: Internal linking यानिकि अपने ही webpage या Artical में अपने किसी दूसरे artical की link add करना। ऐसा करने से आपको कोई Backlink तो नही मिलेगी लेकिन website के Traffic और Bounce rate में Improvement होगा।
  5. Anchor text-: को हम link का title भी कह सकते हैं। अगर हम किसी Particular keyword को rank करवाना है तो हमे anchor text का उपयोग करना चाहिए।


#2. Backlinks कितने प्रकार की होती है ?

बैकलिंक्स मुख्यत दो तरह की होती है-:

1. Nofollow backlink

आम तौर पर nofollow backlinks किसी वेबसाइट की रैंकिंग के लिए useful नही होती क्योंकि किसी भी लिंक को Nofollow tag देने का मतलब होता है कि Search engine bots उस लिंक को follow नही करेंगे और साथ ही वो लिंक Link juice भी pass नही कर सकती।  आम तौर पर Nofollow tag का उपयोग तब किया जाता है जब हम किसी unreliable Site को link करते हैं।Nofollow links कुछ इस तरह की दिखती हैं।
<a rel='nofollow' href='example.com' rel='nofollow'>anchor text</a>

2. Dofollow backlink

जिस भी Link को हम Blog के post या main body में add करते हैं वो by default Dofollow link होती है और link juice पास करती है। इस तरह की links हमारे website की ranking के लिए बहुत ही जरूरी होती हैं। सामान्यतः Dofollow links कुछ इस तरह दिखती हैं।
<a href='example.com'>anchor text</a>

#3. Backlinks कैसे बनाएं?

लगभग सभी ब्लॉगर इस बात को लेकर परेशान रहते हैं कि Backlink कैसे बनाएं?। Backlinks हमारी website की Ranking को improve तो करती है लेकिन backlinks पाना थोड़ा मुश्किल काम है खास तौर पर Quality backlinks पाना। लेकिन अगर आप quality backlinks बनाने में सफल हो गए तो फिर आपकी वेबसाइट High rank जरूर कर लेगी क्योंकि 10 quality backlinks पूरे 100 Normal backlinks के बराबर मानी जाती है।
वैसे तो backlinks बनाने के बहुत से तरीके हैं लेकिन यहां पर में आपको कुछ जरूरी और Common methods बताऊंगा जिनसे आप quality backlinks बना सकते हैं।

1. Guest Post

Quality backlinks बनाने के लिए Guest posting एक बेहतर तरीका है। इसके लिए आपको अपने Niche से Related High quality blogs पर Guest post करनी होगी ऐसा करने से दो तरह के फायदे होंगे पहला तो आपके Blog पर traffic आना लगेगा और आपको एक Quality backlink मिल जाएगी।
High quality blog से मेरा मतलब है कि ऐसा ब्लॉग जिसकी Popularity , DA, PA(Page authority) high हो।

2. Blog Commenting के द्वारा

Backlinks प्राप्त करने का एक आसान तरीका है अन्य Blog पर comment करना। इसके लिए भी आपको High quality Blogs पर बेहतर Comment करना होगा ताकि आपके Comment को approve कर लिया जाए। ऐसा करने से आपको एक High quality backlink मिल जाएगी।
एक बात का ध्यान रखें कि कभी भी spam comments न करें क्योंकि ऐसा करने से आप Google की नज़रों में आ सकते हैं।

3. Directory Submission

अपनी Website को अलग अलग web Directory में submit करना भी Backlink बनाने का एक बेहतर तरीका है। हालांकि Directory submission की लोकप्रियता अब बहुत कम हो चुकी है और बहुत से लोगों का ये मानना है कि Directory submission से उनकी Blog की ranking में अधिक improvment नही हुआ है। लेकिन Backlinks बनाने के लिए आप अपने Blog को अलग अलग Web directory में submit करके backlinks प्राप्त कर सकते हैं।

#4. Backlinks बनाते समय इन बातों का ध्यान रखें-:

  • कभी भी किसी Spam या Bad site पर backlink न बनाये।
  • कभी भी Fiverr जैसी site से Backlink न खरीदें।
  • एक साथ बहुत सारी Backlinks बनाने से बचें।

तो ये थी आज किस पोस्ट जिसमे मैंने आपको बताया की Backlink Kya Hai? और High quality backlinks कैसे बनायें? मुझे उम्मीद है की आपको पोस्ट पसंद आई होगी, backlink से related किसी भी अन्य जानकारी के लिए आप निचे कमेंट कर सकते हैं।

Share Market In Hindi- शेयर बाज़ार क्या है इसमें निवेश कैसे करें?


क्या आप जानते हैं की Share Market In Hindi या शेयर बाज़ार क्या है  .आये दिन हम लोग कहीं न कहीं Share market के बारे में सुनते रहते हैं जैसे Tv पर, News paper पर, इन्टरनेट आदि पर। अक्सर यह भी सुनने में आता है की आज Share market में इतना मुनाफा हुआ या फिर घाटा हुआ। लेकिन इसकी कोई जानकारी न होने के कारण हम समझ नहीं पाते की आखिर ये चल क्या रहा है इसलिए मेरा मानना ये है की हमारे दैनिक जीवन में हो रही गतिविधियों से हमें हमेशा अवगत रहना चाहिए। खास तौर पर ऐसीं बाते जो पैसे से जुडी होती है उनके बारे में तो हमें पूरी जानकरी रखनी चाहिए इसलिए आज में आपको बताऊंगा की शेयर बाज़ार क्या है और शेयर कैसें खरीदें? क्युकी अगर बिना किसी जानकारी के आप share बाज़ार में निवेश करेंगे तो आपके नाकाम होने के Chances अधिक रहेंगे। आज में आपको share बाज़ार की कुछ सामान्य जानकारी बताने वाला हूँ इसलिए पोस्ट को परा जरूर पढ़ें।

share बाज़ार क्या है


#1. Share Market in Hindi – शेयर बाज़ार क्या है?

Share Market या स्टॉक market एक ऐसा बाज़ार है जहाँ पर विभिन्न प्रकार की  कंपनियों के  Shares या स्टॉक्स को ख़रीदा और बेचा जाता है। ये एक ऐसा बाज़ार है जहाँ पर कोई व्यक्ति मालामाल भी है सकता है और कंगाल भी सकता है ये एक तरह से सट्टा होता है।
किसी कंपनी के share खरीदने का मतलब है की आप उस कंपनी के कुछ प्रतिशत के हिस्सेदार बन चुके हैं। अब अगर आपके द्वारा ख़रीदे गए share अधिक मात्रा में बिकेंगे तो इसका सीधा मुनाफा कंपनी को होगा और आपके द्वारा लगाया गया भी पैसा दुगना हो जायेगा लेकिन अगर कंपनी को नुकसान होगा तो आपको भी अपना पैसा गवाना पड़ेगा। इसीलिए share market में पैसा लगाने से पहले आपको इसके बारे में पूरी जानकारी होनी चाहिए तभी आपको इसमें पैसे निवेश करने का जोखिम उठाना चाहिए।

#2. शेयर कैसे खरीदें? How to Invest in Share Market in Hindi

Share खरीदने के लिए आपके पास कुछ जरूरी चीज़ें होनी चाहिए-:
  • Pan Card/ Aadhar Card
  • Saving Account
  • Demat Account
भारत में मुख्यतः दो Stock Exchange कंपनियां हैं 1-BSE(Bombay stock exchange) और NSE(National stock Exchange). इन्ही दो Stock exchange के द्वारा हम किसी भी कंपनी के Share खरीद या बेच सकते हैं।  किसी भी कंपनी के share खरीदने के लिए हमें सबसे पहले एक Broker या दलाल की जरूरत होती है।
Share खरीदने के साथ साथ broker हमें ये भी बताते हैं की हमें कब share खरीदना चाहिए, किस कंपनी के share खरदीने चाहिए आदि इसलिए कोशिश करे की आप किसी broker के जरिये ही share market में निवेश करें।  इसके अलावा आप किसी Online broker कंपनी या App की मदद से भी share खरीद सकते हैं।
Share खरीदने के कुछ सामान्य तरीके-:

  1. Pan Card या आधार कार्ड-: सबसे पहले तो आपको एक Pan कार्ड या आधार कार्ड की जरूरत होगी क्युकी Bank saving account खोलने के लिए आपको in दस्तावेजों की जरूरत पड़ेगी। 
  2. Broker को ढूंढे-: कोई भी व्यक्ति सीधे stock market में जाकर Shares खरीद या बेच नहीं सकता। Shares खरीदने और बेचने की पूरी प्रक्रिया Brokers के द्वारा की जाती है। Broker कोई व्यक्ति, कंपनी, या फिर agency हो सकती है जोकि Stock Exchange से पंजीकृत होते हैं। सभी Brokers इस पुरे काम के लिए Brokerage Fee लेते हैं।
  3. Demat Account बनायें-: एक बढ़िया Broker को ढूँढने के बाद आपको जरूरत होगी demat account की। किसी भी share को खरीदने के लिए या मुनाफे के पैसों के लिए आपको Demat account की जरूरत होती है। इसके अलावा demat account के द्वारा आप किसी share को hold करके भी रख सकते हैं। Demat account को आपको अपने saving account से Link करना होगा ताकि share market से कमाये गए पैसों को आप अपने saving account में transfer कर सकें। 

#3. Share कब खरीदना चाहिए ?

जैसा की में पहले ही बता चूका हूँ की "share market in hindi " में पैसा लगाने से पहले आपको किसी पूरी जानकारी होनी चाहिए , जब आपको इसका थोडा बहुत Experience हो जाये तो आप इसमें invest कर सकते हैं। Share market में कब invest करना चाहिए? या फिर share कब खरीदना चाहिए? ये सब Depend करता है हमारे experience के ऊपर, share कब खरीदना चाहिए इसका कोई निश्चित समय नहीं होता। फिर भी कुछ ऐसीं बातें होती है जिन्हें हमें Share खरीदने से पहले हमेशा ध्यान में रखना चाहिए।
  1. जिस भी कंपनी के share आप खरीदना चाहते हैं उसके balance Sheet और result कोहमेशा पढ़ते रहें ? 
  2. Share खरीदने से पहले अपना बजट ध्यान में रखें, अगर आप जोखिम उठाने की क्षमता रखते हैं तो ही निवेश करें।
  3. शुरुआत में बहुत ज्यादा पैसे निवेश न करें ताकि किसी भी तरह के जोखिम में आपको ज्यादा नुक्सान न हो।
  4. Share market की ताज़ी खबरों के लिए आप News channel और Newspaper की मदद ले सकते हैं।  Live Share market की जानकी के लिए आप NDTV Business News Channel की मदद ले सकते हैं।
  5. जब आपको "Share market in hindi" का अनुभव होने लगे तो आप खुद ही जान जांयेंगे की कब आपको निवेश करना है और कब नहीं।

तो दोस्तों ये थी कुछ सामान्य जानकारी जिनकी मदद से आप" Share market in Hindi" में आसानी से पैसे निवेश कर सकते हैं लेकिन में आपको फिर से कहूँगा की Share market जोखिमों से भरा हुआ बाज़ार है इसलिए इसमें निवेश करने से पहले पूरी जानकारी और अनुभब प्राप्त कर लें तभी आप इसमें मुनाफा कमा सकते हैं।
मुझे उम्मीद है की अब आपको पता चल गया होगा की शेयर बाज़ार क्या है और  शेयर कैसे खरीदे  अगर आपको हमारी पोस्ट पसंद आई हो तो इसे share जरूर करें और किसी भी तरह के सवाल के लिए निचे कमेंट करके पूछें।

Computer Kya Hai ? What is Computer In Hindi


क्या आप जानते हैं की  Computer Kya Hai -Computer in Hindi? और यह किस तरह से कार्य करता है। दरअसल देश और दुनिया को विकसित करने में सबसे अहम भूमिका Computer ने ही निभाई है और इसी की वजह से आज हम एक Modern ज़माने में जी रहे हैं। इसलिए आज की इस पोस्ट में मैं आपको बताऊंगा की कंप्यूटर क्या है  और इससे जुडी सभी सामान्य जानकारियां।

computer kya hai


#1. Computer Kya Hai ?Computer In Hindi 

Computer एक ऐसी electronic device है जो किसी भी तरह की Mathematical या गणितिय प्रॉब्लम को आसानी से हल कर sakti हैं। दूसरे शब्दों में कहें तो Computer एक ऐसी डिवाइस है जिसका काम किसी Input Data को process करके एक Data या Signal के रूप में Output प्रदान करने का है। इसके अलावा हम Computer का उपयोग किसी भी तरह के digital काम जैसे कि-: Documents लिखना, गेम्स खेलना, वीडियो देखना, इंटरनेट चलाने आदि के लिए कर सकते हैं।
Computer शब्द Latin भाषा के Computare से लिया गया है जिसका मतलब होता है Calculating(गणना करना) या Computing।  किसी भी कंप्यूटर में 4 मुख्य प्रक्रियाएं होती है 1- Input, 2-Output, 3-Storage, 4-Processing

  • Input-: जब हम किसी Data को Computer में डालते हैं या भेजते हैं तो इस प्रक्रिया को Input कहते हैं। किसी भी Data को हम Cable के  द्वार, Usb के द्वारा, Internet के द्वारा या फिर  Cd के द्वार कंप्यूटर में Input कर सकते हैं।
  • Processing-: जब हम किसी डेटा को Input कर देते हैं तो कंप्यूटर उस पर कार्य करना शुरू कर देता है जिसे Processing कहते हैं। Processing के दौरान कंप्यूटर उस Data को हमारी Command के अनुसार पूरा करता है।
  • Storage-: Storage का मतलब है उस Data को संग्रहित करना , सभी कंप्यूटर्स के पास किसी भी Data को store करने की छमता होती है।
  • Output-: जब कंप्यूटर किसी जानकारी को Process कर लेता है तो हमे Result प्रदान कर लेता है जिसे Output data कहते हैं।

आजकल कल के Modern Computers पुराने कंप्यूटरों की भाँति बहुत अलग है क्योंकि आज के कंप्यूटर्स सिर्फ एक सेकंड में करोड़ों Calculations को एक साथ हल कर सकते हैं। ज्यादातर लोगों अपने घरों या ऑफिस में Personal Computer का उपयोग करते हैं जिसे Desktop या Laptop  भी कहा जाता है।


#2. Computers किन किन भागों से मिलकर बना होता है ? 

सामान्यतः computer दो मुख्य भागों से मिलकर बना होता है -:
  1. Hardware-: हार्डवेयर Computer के वो सभी parts होते हैं जिनका खुदका Physical Structure होता है या फिर कहें तो जिन्हें हम छू सकते हैं। जैसे कि-: Keyboard, Mouse, CPU, Speakers, Motherboard, Monitor आदि।
  2. Software-: Software किसी भी Instruction या Data का set होता है जो Hardwares को आदेश देते हैं कि उन्हें क्या काम करना है और कैसे करना है। Browsers, Games, Processors आदि सभी Software के ही उदाहरण हैं।
यानिकि जब भी हैं Computer पर कोई काम करते हैं तो उसे Hardware और software की मदद से कर रहे होते हैं। जैसे कि मान लीजिये अभी आप इस पोस्ट को Computer के Web Browser पर पढ़ रहे हैं जो कि एक Software है और किसी भी page को क्लिक करने के लिए या फिर Type करने के लिए आपको Mouse और Keyboard का उपयोग भी कर रहे होंगे जोकि एक Hardware है। इसलिए कंप्यूटर पर कोई भी काम हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर दोनो की मदद से ही संभव हो पाता है।

#3. Computer कितने प्रकार का होता है?

जब हम Computer का नाम सुनते हैं तो हम सिर्फ किसी Personal Computer जैसे Desktop या Laptop के बारे मस ही सोचते हैं लेकिन ऐसा बिल्कुल भी नही है। क्योंकि कंप्यूटर्स बहुत प्रकार के होते हैं जो कि विभिन्न आकार और आकृति(Size/Shapes)के बने होते हैं और उन सभी का उपयोग हम अपने दैनिक जीवन मे अलग अलग कार्यों के लिए करते हैं। जब आप किसी ATM मशीन से पैसे निकालते हैं, Card scan करके पेमेंट करते हैं या फिर Calculator का उपयोग करते हैं तो आप एक तरह के कंप्यूटर का ही उपयोग कर रहे होते हैं क्योंकि ये सभी computers ही हैं।
सामान्यतः Computers कुछ इस प्रकार के होते हैं-:

#1. उपयोग के आधार पर-:

  1. Analog Computer-: एक analog computer का बेहतर उदाहरण है Calculator, analog Computer का उपयोग अधिकतर इंजीनियरिंग के Field में किया जाता है। भौतिक मात्राओं जैसे- तापमान, Voltage, दाब, आदि को मापने के लिए एनालॉग कंप्यूटर का उपयोग किया जाता है।
  2. Digital Computer-: डिजिटल कंप्यूटर एक ऐसी electronic device है जो Binary (0 1) के आधार पर कार्य करते हैं जो किसी भी तरह की Logical operation और कैलकुलेशन को solve करके Output को एक Digit या नंबर के रूप में प्रदर्शित करते हैं। सामान्य भाषा मे कहे तो डिजिटल कंप्यूटर एक ऐसी device है जो किसी भी Data को Digital form में process करता है।आजकल के सभी modern कंप्यूटर्स जैसे- Laptop, Desktop ,mobile आदि डिजिटल कंप्यूटर का ही एक उदाहरण हैं।
  3. Hybrid Computer-:  Hybrid कंप्यूटर्स Analog और digital कंप्यूटर्स का मिश्रण होते हैं यानिकि ये Analog कंप्यूटर की तरह भी कार्य करते हैं और डिजिटल कंप्यूटर की तरह भी कार्य करते हैं। एक Hybrid कंप्यूटर का बेहतर उदाहरण है Gas Station या Petrol pump जहां पर पेट्रोल की measurement करने के लिए Analog system एवं Calculation के लिए डिजिटल कंप्यूटर का उपयोग किया जाता है।

#2. आकार के आधार पर-:

  1. Desktop Computer-: बहुत से लोग Desktop कंप्यूटर का उपयोग अपने घर, ऑफिस, स्कूल आदि में करते हैं। Desktop कंप्यूटरों को खास तौर पर Table या desk पर रखने के लिए डिज़ाइन किया गया होता है। डेस्कटॉप कंप्यूटर अलग अलग पार्ट्स को मिलकर बना होता है जैसे कि- CPU, Mouse, Monitor, Keyboard आदि।
  2. Laptop Computer-: Laptop भी आज के समय में डेस्कटॉप की ही भांति लोकप्रिय कंप्यूटर है। Laptop बैटरी से चलने वाला कंप्यूटर होता है जिसे आप कभी भी और कहीं भी ले जाकर कार्य कर सकते हैं। Laptop में सभी Hardwares inbuilt होते हैं जैसे कि कीबोर्ड, माउस, स्पीकर,सीपीयू आदि।
  3. Tablet Computer-: Tablet कंप्यूटर्स या Tablet , Desktop एवं लैपटॉप से भी अधिक Portable और Handheld(हाथों में पकड़ने योग्य) डिवाइस है। कीबोर्ड एवं माउस के बदले tablets में लिखने और navigation के लिए Touch screen का उपयोग किया जाता है। ipad भी tablet computer का एक उदाहरण है।
  4. Server-: Server एक ऐसा कंप्यूटर है जो Internet पर मौजूद कंप्यूटर्स को अलग-अलग जानकारी प्रदान करते रहते हैं। उदाहरण के लिए जब भी आप इंटरनेट पर किसी जानकारी को सर्च करते हैं तो इसका मतलब है कि आप Server पर stored जानकारी को देख रहे हैं। बहुत से छोटे बड़े Business , Files को शेयर करने के लिए local server का उपयोग करते हैं।
  5. इनके अलावा Smartphones, Game Console, Smartwatches, Smart tv’s भी कंप्यूटर के ही रूप हैं।

#4. Computer की कुछ मुख्य विशेषताएं ?

  • Speed-: कोई भी computer बहुत सारी Tasks एवं प्रोसेस को एक साथ कुछ ही समय मे पूरा कर सकता है जबकि उसी कार्य को करने में एक इंसान को काफी समय लग सकता है।एक भारी मात्रा में Data को प्रोसेस करने की क्षमता एवं Micro seconds में किसी भी प्रोसेस को पूरा करना।
  • नेट बैंकिंग क्या है? नेट बैंकिंग कैसे करे 
  • Accuracy-: Computer से प्राप्त किसी भी Result की Accuracy या शुद्धता सबसे ज्यादा होती है और आप चाहें तो अपनी जरूरत के अनुसार इसकी शुद्धता को और अधिक बढ़ा सकते हैं।Input से आधारित Output प्रदान करना।
  • Versatility-: आप एक ही कंप्यूटर का उपयोग बहुत सारे कार्यों के लिए कर सकते हैं।एक ही कंप्यूटर पर विभिन्न tasks को पूरा कर सकते हैं
  • Storage एवं Memory-: कोई भी computer एक भारी मात्रा में Data को store करके रख सकता है।Stored हो जाने के बाद उस Data का उपयोग कभी भी किया जा सकता है।Computer की मेमोरी बिल्कुल Accurate होती है।
  • अपने facebook page पर लाइक कैसे बढ़ाएं 
  • Automation-: एक बार प्रोग्रामिंग करने पर Computer उस task को खुद ही(Automatically) पूरा करता रहता है। Computer की मदद से Automation का आगाज़ हुआ है पहले जिस कार्य को करने में बहुत दिन लग जाते थे कंप्यूटर और ऑटोमशम कि मदद से अब वो काम कुछ ही समय मे पूरा हो जाता है।

#5. Computer के फायदे क्या हैं?

  • Computers मनुष्यों की भांति अधिक Intelligent , Accurate और reliable होते हैं।
  • किसी भी कार्य को बार बार करने के लिए कंप्यूटर बहुत उपयोगी होते हैं क्योंकि ये ही कार्य मनुष्यों के लिए बहुत कठिन होते हैं।
  • Computers मनुष्यों की भांति अधिक तेज़ होते हैं।
  • Storage होने के कारण इसमे किसी भी डेटा को Future के लिए store करके रखा जा सकता है। और future में उसे Modify एवं उसमे कुछ अन्य Features जोड़े जा सकते हैं।
  • Computer की मदद से किसी मुश्किल कार्य को आसानी से और जल्दी किया जा सकता है।

#6. Computer का उपयोग किन किन क्षेत्रोँ में किया जाता है?

आज के समय मे लगभग हर क्षेत्र में कंप्यूटर का उपयोग किया जाता है जैसे कि-:
  •  Education, Library
  •  Industries and Manufacturing
  •  Research, Survey 
  •  Hospital and Health
  •  Data Processing
  •  Science and Engineering
  •  Offices and Hotel Management
  •  Advertisement and Marketing.
  •  Entertainment and Communication.
  •  Weather 
  •  Airlines and Navigation

मुझे उम्मीद है कि अब आप जान चुके होंगे कि आखिर Computer Kya Hai - Computer in Hindi और क्यों यह इतना लोकप्रिय बन चुका है। Computer ही एक ऐसा स्त्रोत है जिससे हमारा देश और दुनिया हर दिन विकशित हो रहें हैं और इसी की मदद से हर  दिन बाज़ार में नई नई टेक्नोलॉजी आती रहती हैं। अगर आपका “कंप्यूटर क्या है” से जुड़ा कोई बीबी सवाल है तो आप नीचे कमेंट करके हमसे पूछ सकते हैं। और अगर हमारी पोस्ट पसंद आई हो तो इसे शेयर करना न भूलियेगा।

What is Search Engine in Hindi- सर्च इंजन क्या है? ये कैसे काम करता है


What is Search Engine in Hindi- क्या आप जानते हैं की सर्च इंजन क्या है और ये कैसे काम करता है।अक्सर जब भी हमें Internet से कोई जानकारी चाहिए होती है तो सामान्यतः हम अपना Browser open करते हैं और उस जानकारी से related query को search कर लेते हैं।लेकिन हमें ये नहीं मालुम होता की उस जानकारी को हम तक कौन  पहुंचा रहा है या फिर किस तरह से Search करने के कुछ ही seconds में हमें वो जानकारी मिल जाती है। कई बार जब किसी चीज़ की जानकरी नहीं होती तो हम कहते हैं की चलो इसे Google कर लिया जाये लेकिन सवाल ये है की आखिर ये गूगल है क्या? और ये किस तरह से किसी भी जानकारी तो हम तक आसानी से पहुंचा देता है। इसलिए आज में आपको कुछ एसी ही जरूरी बातें बताने वाला हूँ की Search Engine क्या होता है और ये काम कैसे करता है?(What is Search Engine in Hindi)


what is search engine in hindi

#1. सर्च इंजन क्या है? What Is Search Engine In Hindi

Search engine एक ऐसा computer सिस्टम है जिसे किसी भी जानकारी को Search करने के लिए बनाया गया होता है,search engines की मुख्य applications  कुछ web service हैं जहाँ पर हम world wide web की सहायता से किसी भी तरह के Text, Image, Video और किसी भी तरह की Graphic information को ढूँढ सकते हैं जैसे की ( Google, Yahoo, Bing ).इसके अलावा कुछ ऐसे भी search engines हैं जो किसी online store पर किसी  प्रोडक्ट को , और FTP server पर किसी file को search कर सकते हैं।
Search engines के द्वारा किसी जानकारी को सर्च करने को search request कहा जाता है। search इंजन का मुख्य कार्य किसी भी keyword से सम्बंधित सभी जानकारी या documents को search करके user को provide करने का होता है और इन सभी जानकारियों के लिए सर्च इंजन एक search result page को generate करता है जिसमे विभिन्न प्रकार के result जैसे की-: web pages, Images, audio, video file  आदि सम्मिलित होते हैं.
एक search engine को तभी बेहतर माना जाता है अगर  वो users की request के अनुसार ज्यादा से ज्यादा जानकारी प्रदान करे। कभी कभी किसी Algorithm या human factor की वजह से सर्च इंजन कम relevant(प्रासंगिक) हो जाते हैं. 2015 से लेकर अभी तक पूरी दुनिया में  सबसे लोकप्रिय और अधिक उपयोग किया जाने वाला सर्च इंजन Google है।

#2. Search Engine काम कैसे करता है?

सर्च इंजन internet पर किसी keyword को search करने के लिए अलग अलग प्रोग्राम्स का उपयोग करता है जिन्हें Crawlers, Spiders, Robots आदि. कहा जाता है, ये सभी प्रोग्राम्स किसी website के SEO/ qualityके अनुसार ही उसकी rank का निर्धारण करते हैं और  एक बेहतर seo और quality वाली वेबसाइट को high rank पर लाते हैं।

1. Website Submission

मान लीजिये की आपने एक website बनायीं और आप चाहते हैं की आपकी website भी search engine जैसे-Google, bing, yahoo आदि. पर दिखे तो इसके लिए आपको खुद ही सर्च इंजन को बताना होगा वो आपकी website को crawl, index करे, और ऐसा करने के लिए आपको उस search engine के webmaster tool में अपनी site को submit करना होता है। सभी search engine के अलग अलग webmaster tool होते हैं जैसे- Google search Console, Bing Webmaster Tool, yandex आदि।
Website को submit करने के साथ साथ आपको Sitemap file भी add करनी होती है जिसमे आपकी website का सभी data होता है और जब भी आप अपनी site पर कोई नया page add करते हैं तो search engine को खुद ही इस बात का पता चल जाता है। Site को submit करने के बाद आगे का काम webmaster tool के द्वारा automatically किया जाता है।

2. Crawling/Bot

इस प्रक्रिया की शुरुआत Crawling से होती है, crawler एक ऐसा प्रोग्राम होता है जो किसी web page को Scan करके उसकी सभी जानकारियां जैसे- Title, Image, keywords, Description और अन्य पेजों से Link आदि. प्राप्त  कर लेता है। Modern crawlers पुरे पेज़ की एक cache copy प्राप्त लेते हैं और साथ ही साथ कुछ अतिरिक्त जानकारी जैसे-: Page layout, Links, Ad units आदि. का भी पता लगा लेते हैं।

किस तरह से एक Website को Crawl किया जाता है? दरअसल जिस तरह से हम किसी web page पर visit करते हैं ठीक उसी तरह से एक Automated Bot या spider हर एक web page पर visit करता है, लेकिन इनकी speed कुछ एसी होती है की ये एक सेकंड में 100 से भी ज्यादा website को crawl कर लेते हैं।
इसके बाद crawler उन सभी page की link को एक list में जोड़ देता है ताकि उस page में कोई भी बदलाव होने पर उसे Re-Crawl किया जा सके.crawling एक एसी प्रक्रिया है जो कभी भी ख़त्म नहीं होती।

3. Indexing

Crawling की प्रक्रिया पूरी हो जाने के बाद अगली Process Indexing/इंडेक्सिंग कहलाती है।
इस प्रक्रिया में सर्च इंजन द्वारा जिस भी Web page को crawl किया जाता है तो crawling के बाद उसे Search result page में index कर दिया जाता है यानिकि वो website या पेज indexing के बाद Search Results में add हो जाता है।

उदाहरण के तौर पर-: मान लीजिए कि आप ने कुछ किताबें खरीदीं और आप उनकी एक list बनाना चाहते हैं जैसे कि- Author का नाम, पेजों की संख्या आदि। तो जब आप सभी किताबों से जानकारी ले रहें है तो सर्च इंजन की भाषा मे आप उन्हें crawl कर रहें हैं और जब आप उन किताबों की list लिख रहें है तो इसका मतलब है कि आपने किताबों को index कर लिया है।

दूसरे शब्दों में कहे तो Indexing का मतलब है की जब कोई Search engine किसी Website को crawl करता है तो इसके तुरंत बाद सर्च इंजन उस वेबसाइट या पेज को जमा करके अपने Database में store/संग्रह कर लेता है और उस पेज से संबंधित कोई भी search query आने पर उसे Search result pages में जोड़ देता है। अब किस पेज या रैंक पर वो वेबसाइट आएगी ये निर्भर करता है उस वेबसाइट के Seo और quality पर, आपको ये जानकर हैरानी होगी कि गूगल हर 10 सेकंड में लगभग 100-1000 वेबसाइट को crawl और index कर लेता है।

4. User Query

User query अर्थात जब कोई व्यक्ति Search engine पर जाकर manually रूप से किसी भी तरह की जानकारी या query को सर्च करता है। सर्च इंजन की भाषा इन queries को Keyword कहा जाता है। ये keywords सर्च इंजन को इनसे मिलते जुलते या इनसे संबंधित कीवर्ड को ढूंढने में मदद करते हैं।

5. Matching Query

जब कोई व्यक्ति किसी Query को सर्च करता है तो search engine उसे अपने Database में stored सभी Pages से match/मिलाते हैं ताकि user को ठीक वो ही जानकारी मिल सके जिसे वो ढूंढ रहा है। यहां पर keywords की एक अहम भूमिका होती है यानिकि जिस भी query को सर्च किया जाता उसमे मौजूद सभी कीवर्ड की मदद से उस query से संबंधित जानकारी को ढूंढा जाता है।

6. Retrieving results

जब सभी relevant pages match हो जाते हैं तो उन्हें search engine result pages(SERP’s) में add करके display किया जाता है। और user को उसके Query के अनुसार सभी जानकारी मिल जाती है। इन्टरनेट पर Search engine के database में करोड़ों web pages मौजूद होते हैं, हर page अलग अलग keywords से सम्बंधित होता है.
ऐसे में search engines की algorithm निर्धारित करती है किस page को पहले , दुसरे, तीसरे नंबर पर rank करना है और इसके लिए search engine 200 से भी ज्यादा factors को ध्यान में रखते हुए किसी page को चुनता है जैसे की उस पेज की quality, keywords, seo, backlinks, Meta tags आदि.



इसलिए जब भी कोई user किसी query को search करता है तो अलग अलग तरह की algorithms अपना काम शुरू कर देती है और सबसे ज्यादा Relevant pages को user के सामने display कर देती है, और चौकाने वाली बात ये है की इस प्रक्रिया को पूरा होने में सिर्फ कुछ ही सेकंड्स लगते हैं.

#3. सबसे ज्यादा Popular search Engines कोनसे हैं?

वैसे तो internet पर बहुत सारे सर्च इंजन मौजूद हैं लेकिन इनमे से कुछ ही ऐसे हैं जिनका उपयोग सबसे अधिक होता है।

1. Google-: 
गूगल को लगभग सभी लोग जानते हैं और ये अभी तक का सबसे लोकप्रय/popular और सबसे ज्यादा use किया जाने वाला सर्च इंजन है। Google एक american multinational company है इसे larry page और sergey brin ने 4sept. 1998 में बनाया था। Alexa के अनुसार Google दुनिया की सबसे ज्यादा देखी और visit की जाने वाली वेबसाइट है जिस पर हर महीने लगभग 1,600,000,000 यूज़र्स visit करते हैं और इसके अलावा गूगल के बहुत से प्रोडक्ट्स हैं तो Top 100 में शामिल हैं जैसे -; Youtube, Blogger आदि।

2. Bing-: 
गूगल के बाद दूसरे नंबर पर आता है Bing सर्च इंजन, जिस पर हर महीने लगभग 400,000,000 visitors विजिट करते हैं। Bing search engine को Microsoft कंपनी द्वारा खरीदा गया है और इसी के द्वारा operate किया जाता है। Bing भी गूगल की ही तरह सभी जानकारियां जैसे-: Text, Audio, Video, Image आदि provide करता है, Alexa  के अनुसार Bing दुनिया मे 42वें नंबर पर आने वाली Website है और इसे 2008 में develop किया गया था।

3. Yahoo!Search-: 
इस list में तीसरे नंबर पर आने वाला सर्च इंजन है yahoo जिस पर 300,000,000 लोग हर महीने विजिट करते हैं। और alexa के अनुसार ये 6वें नंबर पर शामिल है।
इनके अलावा कुछ अन्य सर्च इंजन जैसे-: Ask, Baidu, Aol  आदि. Search engine भी इंटरनेट पर अपनी लोकप्रियता बनाये हुए हैं।

तो ये थी आज की पोस्ट जिसमे मैंने आपको बताया की What is Search Engine In Hindi या Search Engine क्या है और ये कैसे काम करता है? , मुझे उम्मीद है की अब आप जान गए होंगे की आखिर ये चीज़ होती क्या है और कैसे  काम करती है। अगर आपको पोस्ट पसंद आयी हो तो इसे Share जरूर कीजियेगा और किसी भी तरह के अन्य सवाल के लिए आप बेझिझक होकर निचे कमेंट करके पूछ सकते हैं।

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